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Baghpat News: शासन की टीम परखेगी माध्यमिक व परिषदीय विद्यालयों में व्यवस्था
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बागपत। शासन की टीम आज से माध्यमिक व परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल सुविधाओं से लेकर पठन-पाठन तक की व्यवस्था देखेंगी। इसके लिए प्रत्येक मंडल में दो-दो अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। वह अधिकारी एक अगस्त से 14 अगस्त तक आवंटित जनपदों में जाएंगे।
अधिकारियों की टीम पीएम श्री विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, परिषदीय विद्यालय, राजकीय इंटर कालेज, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय और को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करेगी। प्रत्येक जिले में हर श्रेणी के कम से कम एक स्कूल का फील्ड विजिट अनिवार्य है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने पत्र जारी कर निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान देखा जाए कि भवन की मजबूती और ध्वस्तीकरण की जरूरत, फर्नीचर की उपलब्धता, विद्यालयों के विलय के बाद पूर्व प्राथमिक कक्षाओं का संचालन, पुस्तक वितरण की स्थिति, छात्र व शिक्षक उपस्थिति, बाल वाटिका की सामग्री, यू डाइस डेटा की स्थिति, लर्निंग बाय डुइंग व विज्ञान किट के प्रयोग की स्थिति क्या है? माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगशाला, आईसीटी लैब, पुस्तकालय, छात्रावास, पीएमश्री विद्यालयों में खेल सुविधाओं का सत्यापन किया जाना है। कम नामांकन वाले स्कूलों के विलय और संसाधनों के पुनर्वितरण की दिशा में हुए प्रयासों की प्रगति भी जांची जाएगी। प्रेरणा एप के माध्यम से रिपोर्ट दर्ज की जाए, उसकी उसकी निगरानी राज्य स्तर से की जा सके। मेरठ मंडल में संजय उपाध्याय उप शिक्षा निदेशक प्राइमरी बेसिक शिक्षा निदेशालय लखनऊ व नवीन कुमार सहायक उप शिक्षा निदेशक एससीईआरटी लखनऊ को निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।
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इस तरह किया जाएगा निरीक्षण
माध्यमिक व परिषदीय विद्यालयों के निरीक्षण के लिए कम से कम 14 विद्यालयों का निरीक्षण करना अनिवार्य किया गया है। निर्देश दिए कि एक पीएमश्री विद्यालय, एक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, एक परिषदीय प्राथमिक विद्यालय, एक को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र, एक उच्च प्राथमिक विद्यालय, एक राजकीय इंटर कालेज व एक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण अनिवार्य है।
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अधिकारियों की टीम पीएम श्री विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, परिषदीय विद्यालय, राजकीय इंटर कालेज, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय और को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करेगी। प्रत्येक जिले में हर श्रेणी के कम से कम एक स्कूल का फील्ड विजिट अनिवार्य है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने पत्र जारी कर निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान देखा जाए कि भवन की मजबूती और ध्वस्तीकरण की जरूरत, फर्नीचर की उपलब्धता, विद्यालयों के विलय के बाद पूर्व प्राथमिक कक्षाओं का संचालन, पुस्तक वितरण की स्थिति, छात्र व शिक्षक उपस्थिति, बाल वाटिका की सामग्री, यू डाइस डेटा की स्थिति, लर्निंग बाय डुइंग व विज्ञान किट के प्रयोग की स्थिति क्या है? माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगशाला, आईसीटी लैब, पुस्तकालय, छात्रावास, पीएमश्री विद्यालयों में खेल सुविधाओं का सत्यापन किया जाना है। कम नामांकन वाले स्कूलों के विलय और संसाधनों के पुनर्वितरण की दिशा में हुए प्रयासों की प्रगति भी जांची जाएगी। प्रेरणा एप के माध्यम से रिपोर्ट दर्ज की जाए, उसकी उसकी निगरानी राज्य स्तर से की जा सके। मेरठ मंडल में संजय उपाध्याय उप शिक्षा निदेशक प्राइमरी बेसिक शिक्षा निदेशालय लखनऊ व नवीन कुमार सहायक उप शिक्षा निदेशक एससीईआरटी लखनऊ को निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।
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इस तरह किया जाएगा निरीक्षण
माध्यमिक व परिषदीय विद्यालयों के निरीक्षण के लिए कम से कम 14 विद्यालयों का निरीक्षण करना अनिवार्य किया गया है। निर्देश दिए कि एक पीएमश्री विद्यालय, एक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, एक परिषदीय प्राथमिक विद्यालय, एक को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र, एक उच्च प्राथमिक विद्यालय, एक राजकीय इंटर कालेज व एक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण अनिवार्य है।
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