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Baghpat News: 40 प्राथमिक विद्यालयाें में चलाई जाएगी बाल वाटिका
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बागपत। जिले के 40 प्राथमिक विद्यालयों का विलय होने के बाद अब यहां बाल वाटिका शुरू की जाएगी। बाल वाटिका में नर्सरी से एलकेजी तक के बच्चों को पढ़ाया जाएगा और वहां इसके लिए एजुकेटर रखे जाएंगे।
पहले चरण में को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों को बाल वाटिका के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां तीन से छह वर्ष तक की आयु के बच्चों को पढ़ाया जाएगा। बीएसए गीता चौधरी ने बताया कि बाल वाटिका पर अब विभाग का अधिक फोकस रहेगा। इसकी अवधारणा के तहत बच्चों में ऐसी प्रारंभिक समझ विकसित की जाएगी, जिससे वे कक्षा एक में पहुंचने से पहले बुनियादी शैक्षिक दक्षता की जानकारी रखते हों। प्रत्येक चयनित केंद्र में एक कक्षा कक्ष, रसोई, शौचालय, मल्टीपल हैंडवाश यूनिट, बच्चों के अनुकूल फर्नीचर और शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जहां शिक्षक बच्चों को संवादात्मक और खेल आधारित पद्धति से भाषा तथा गणना का परिचय कराएंगे। वहीं बाल वाटिका के माध्यम से बच्चों को भाषा और गणना का प्रारंभिक ज्ञान दिया जाएगा।
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यूकेजी की कक्षाओं में पढ़ेंगे बच्चे
पहली बार परिषदीय स्कूलों में भी यूकेजी की कक्षाओं की शुरुआत की जा रही है। सभी प्राथमिक स्कूलों में पांच से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए यह व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप की जा रही है, जिसमें कहा गया है कि पहली कक्षा में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु कम से कम छह वर्ष होनी चाहिए। इन बच्चों को मिड-डे मील (एमडीएम) की सुविधा भी दी जाएगी। इन कक्षाओं में खेल व गतिविधि आधारित शिक्षण की व्यवस्था होगी।
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पहले चरण में को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों को बाल वाटिका के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां तीन से छह वर्ष तक की आयु के बच्चों को पढ़ाया जाएगा। बीएसए गीता चौधरी ने बताया कि बाल वाटिका पर अब विभाग का अधिक फोकस रहेगा। इसकी अवधारणा के तहत बच्चों में ऐसी प्रारंभिक समझ विकसित की जाएगी, जिससे वे कक्षा एक में पहुंचने से पहले बुनियादी शैक्षिक दक्षता की जानकारी रखते हों। प्रत्येक चयनित केंद्र में एक कक्षा कक्ष, रसोई, शौचालय, मल्टीपल हैंडवाश यूनिट, बच्चों के अनुकूल फर्नीचर और शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जहां शिक्षक बच्चों को संवादात्मक और खेल आधारित पद्धति से भाषा तथा गणना का परिचय कराएंगे। वहीं बाल वाटिका के माध्यम से बच्चों को भाषा और गणना का प्रारंभिक ज्ञान दिया जाएगा।
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यूकेजी की कक्षाओं में पढ़ेंगे बच्चे
पहली बार परिषदीय स्कूलों में भी यूकेजी की कक्षाओं की शुरुआत की जा रही है। सभी प्राथमिक स्कूलों में पांच से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए यह व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप की जा रही है, जिसमें कहा गया है कि पहली कक्षा में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु कम से कम छह वर्ष होनी चाहिए। इन बच्चों को मिड-डे मील (एमडीएम) की सुविधा भी दी जाएगी। इन कक्षाओं में खेल व गतिविधि आधारित शिक्षण की व्यवस्था होगी।
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