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सूखे पड़े नहर और रजबहे, फसलों की नहीं हो रही सिंचाई
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छछरपुर गांव में हुई बैठक में किसानों ने सिंचाई विभाग की मनमानी पर जताया आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। छछरपुर गांव में रविवार को नहर और रजबहों में समय पर पानी न छोड़ने के विरोध में बैठक आयोजित हुई। किसानों ने कहा कि सिंचाई विभाग की मनमानी के चलते नहर और रजबहे सूखे पड़े हैं। इससे फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में नहर मेें पानी नही छोड़ा गया तो किसान आंदोलन करने पर बाध्य होंगे।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र चौधरी की अध्यक्षता और पूर्व प्रधान अनिल तोमर के संचालन में हुई बैठक में गूंगाखेड़ी, छछरपुर, किशनपुर बिराल, बावली आदि गांव के किसान शामिल हुए। राजेंद्र प्रधान ने कहा कि जिस समय पानी की जरूरत नहीं होती, उस वक्त नहरों और रजबहों को ओवरफ्लो चलाया जाता है। मगर, अब गर्मी में न तो नहर में पानी है और न ही रजबहों में। इस कारण फसलें सूखकर बर्बाद होने की कगार पर है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की यह मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनिल तोमर ने कहा कि यदि नहर में जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो बहुत से किसानों को काफी नुकसान होगा। पूर्व प्रधान गूंगाखेड़ी संजीव कुमार ने कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर नहर मेें पानी नही छोड़ा गया तो क्षेत्र के किसान आंदोलन करने पर बाध्य होंगे। बैठक में रामफल, सत्यपाल राणा, गौरव, आशीष, हरेंद्र, सुनील शामिल रहे।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज ने बताया कि 450 क्यूसेक पानी की डिमांड भेजी गइ है, जल्द मिलने की उम्मीद है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। छछरपुर गांव में रविवार को नहर और रजबहों में समय पर पानी न छोड़ने के विरोध में बैठक आयोजित हुई। किसानों ने कहा कि सिंचाई विभाग की मनमानी के चलते नहर और रजबहे सूखे पड़े हैं। इससे फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में नहर मेें पानी नही छोड़ा गया तो किसान आंदोलन करने पर बाध्य होंगे।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र चौधरी की अध्यक्षता और पूर्व प्रधान अनिल तोमर के संचालन में हुई बैठक में गूंगाखेड़ी, छछरपुर, किशनपुर बिराल, बावली आदि गांव के किसान शामिल हुए। राजेंद्र प्रधान ने कहा कि जिस समय पानी की जरूरत नहीं होती, उस वक्त नहरों और रजबहों को ओवरफ्लो चलाया जाता है। मगर, अब गर्मी में न तो नहर में पानी है और न ही रजबहों में। इस कारण फसलें सूखकर बर्बाद होने की कगार पर है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की यह मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनिल तोमर ने कहा कि यदि नहर में जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो बहुत से किसानों को काफी नुकसान होगा। पूर्व प्रधान गूंगाखेड़ी संजीव कुमार ने कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर नहर मेें पानी नही छोड़ा गया तो क्षेत्र के किसान आंदोलन करने पर बाध्य होंगे। बैठक में रामफल, सत्यपाल राणा, गौरव, आशीष, हरेंद्र, सुनील शामिल रहे।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज ने बताया कि 450 क्यूसेक पानी की डिमांड भेजी गइ है, जल्द मिलने की उम्मीद है।