सपना हुआ साकार, 430 को मिला रोजगार, सांसद डॉ सत्यपाल सिंह ने कहा कि युवा लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करें
- - सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज में रोजगार मेले का आयोजन
- - सांसद डॉ सत्यपाल सिंह ने कहा कि युवा लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में उम्मीदों के साथ रोजगार मेले में पहुंचे 430 युवाओं का सपना साकार हुआ। साक्षात्कार के बाद कंपनियों ने अभ्यर्थियों का चयन किया। सांसद डॉ सत्यपाल सिंह ने कहा कि युवा मेहनत करें। सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ें। अपने दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ करें।
जिला सेवा योजन कार्यालय, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और राजकीय औद्योगिक संस्थान के संयुक्त प्रयास से सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले का उद्घाटन सांसद डॉ सत्यपाल सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि यह रोजगार मेले की शुरूआत है। युवाओं को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता है। सफलता के लिए युवा मेहनत करें।
डीएम राजकमल यादव ने कहा कि मेहनत से ही नई ऊंचाइयां हासिल होती है। युवा अपना व्यक्तित्व और अपना चरित्र अच्छा रखें और ट्रेनिंग में जो सिखाया जाए, उसे सीखकर आगे बढ़ें। मेले में 430 युवाओं को नौकरी मिली, जिन्हें सांसद और डीएम ने नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
मुख्य विकास अधिकारी अभिराम त्रिवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर, जिला सेवा योजन अधिकारी पारुल सिंघल, आईटीआई खेकड़ा के प्रधानाचार्य राजपाल सिंह, खेकड़ा ब्लॉक प्रमुख जितेंद्र धामा, सांसद प्रतिनिधि ठाकुर प्रदीप सिंह उपस्थित रहे।
लक्ष्य 800, इंटरव्यू तक पहुंचे 1230 और 430 को मिली नौकरी
रोजगार मेले में गाजियाबाद, खेकड़ा, नोएडा, मेरठ, गुरुग्राम समेत अन्य स्थानों से पहुंची 27 कंपनियों ने युवाओं का साक्षात्कार लिया। साक्षात्कार प्रक्रिया में 1230 युवाओं ने भाग लिया, जबकि 430 अभ्यर्थियों का चयन हुआ और उन्हें रोजगार मिला। मेले में लगभग आठ सौ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य था। रोजगार पाकर युवाओं के चेहरे खिल उठे। मार्च के प्रथम सप्ताह से श्रम पंजीकरण अभियान भी जनपद में वृहद स्तर पर चलाया जाएगा।
युवतियाें और महिलाओं की तादाद अधिक
रोजगार मेले में युवतियों और महिलाओं की खूब भागीदारी रही। सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज के मैदान पर कंपनियों के स्टॉल लगे थे, जबकि भवनों में इंटरव्यू की प्रक्रिया चल रही थी। महिलाओं ने खूब भागीदारी की। दिव्यांगों ने भी उत्साह दिखाया। कहा कि वह रोजगार की तलाश में आए हैं।
क्या कहा युवाओं ने
- अमीनगर सराय निवासी ईशु गुप्ता ने कहा कि रोजगार की तलाश में वह मेले में आया है। क्षेत्रीय कंपनियों की भागीदारी कराई जानी चाहिए।
- पाबला गांव के सागर धामा ने कहा कि युवाओं को अगर दूर भेजा जाता है तो अच्छे वेतन का प्रावधान किया जाना चाहिए।
- बामनौली गांव की शिवालिका का कहना है कि रोजगार मेला अच्छी पहल है। हर महीने युवाओं के लिए ऐसे आयोजन होने चाहिए।
- लोहड्डा गांव की हिना का कहना है कि फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया है। कोरोना काल के बाद युवाओं को दिक्कत हुई है, इसलिए रोजगार मेलों की संख्या बढ़नी चाहिए।
बच्चों के साथ पहुंची रोजगार पाने
रोजगार मेले में शादीशुदा महिला भी अपने बच्चों के साथ पहुंची। बेटे के साथ पहुंची बली गांव की मंजू का कहना है कि रोजगार से ही घर चलेगा। वह नौकरी की तलाश में आई हैं। सरकार का यह अच्छा प्रयास है। उनके साथ मोनिका और रजनी ने भी इंटरव्यू दिए।
स्थानीय कंपनियों की रही अधिक डिमांड
युवाओं ने रोजगार के लिए पहले रजिस्ट्रेशन कराया और इसके बाद इंटरव्यू की बारी आई। युवाओं ने आवेदन में सबसे अधिक स्थानीय कंपनियों को तरजीह दी। युवाओं का कहना था कि दूर जाने के बजाए वह स्थानीय कंपनी में ही कार्य करना पसंद करेंगे। खेकड़ा की कंपनियों को लेकर युवाओं के बीच काफी उत्साह देखने को मिला।