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हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में चमके ट्योढी के अंतर्राष्टीय वैज्ञानिक डा. रामकरण
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डॉ.रामकरण शर्मा
- फोटो : BAGHPAT
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उच्च शिक्षा शिक्षण प्रमाणपत्र कोर्स में प्राप्त किए 99.2 फीसदी अंक, छात्रों को पढ़ाने के लिए नई व उन्नत तकनीकों को सीखा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। ग्राम ट्योढ़ी निवासी अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक डॉ. रामकरण शर्मा ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अमेरिका की हावर्ड यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा शिक्षण प्रमाणपत्र कोर्स में 99.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। जिसमें उन्होंने छात्रों को पढ़ाने के लिए नई व उन्नत तकनीक सीखी।
विदेश में शोध कर रहे ट्योढ़ी निवासी अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक डाू. रामकरण शर्मा ने छात्रों को पढ़ाने के लिए नई व उन्नत तकनीक सीखने के लिए अमेरिका की हावर्ड यूनिवर्सिटी में आवेदन किया था। उन्होंने उच्च शिक्षा शिक्षण प्रमाणपत्र कोर्स में आवेदन किया था। जिसके लिए उन्हें मंजूरी मिली थी। उन्होंने तीन महीने तक बेहतर शिक्षा पद्धति तथा नई-नई तकनीक सीखी। इसके बाद परीक्षा में उनको 99.2 प्रतिशत अंक मिले। डॉ. रामकरण शर्मा कहते हैं कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर करने के लिए कुछ नया सीखते रहना चाहिए। इस वक्त सबसे ज्यादा रोजगारपरक शिक्षा की जरूरत है। उसके आधार पर शिक्षा ग्रहण करना जरूरी है। डॉ. रामकरण शर्मा कई देशों में रहकर शोध कर चुके हैं। इस वक्त वह सऊदी अरब में रहकर एंजाइमों पर शोध कर रहे हैं। इसके साथ ही डॉ. रामकरण शर्मा के साथ कई उपलब्धियां जुड़ी हुई हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। ग्राम ट्योढ़ी निवासी अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक डॉ. रामकरण शर्मा ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अमेरिका की हावर्ड यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा शिक्षण प्रमाणपत्र कोर्स में 99.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। जिसमें उन्होंने छात्रों को पढ़ाने के लिए नई व उन्नत तकनीक सीखी।
विदेश में शोध कर रहे ट्योढ़ी निवासी अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक डाू. रामकरण शर्मा ने छात्रों को पढ़ाने के लिए नई व उन्नत तकनीक सीखने के लिए अमेरिका की हावर्ड यूनिवर्सिटी में आवेदन किया था। उन्होंने उच्च शिक्षा शिक्षण प्रमाणपत्र कोर्स में आवेदन किया था। जिसके लिए उन्हें मंजूरी मिली थी। उन्होंने तीन महीने तक बेहतर शिक्षा पद्धति तथा नई-नई तकनीक सीखी। इसके बाद परीक्षा में उनको 99.2 प्रतिशत अंक मिले। डॉ. रामकरण शर्मा कहते हैं कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर करने के लिए कुछ नया सीखते रहना चाहिए। इस वक्त सबसे ज्यादा रोजगारपरक शिक्षा की जरूरत है। उसके आधार पर शिक्षा ग्रहण करना जरूरी है। डॉ. रामकरण शर्मा कई देशों में रहकर शोध कर चुके हैं। इस वक्त वह सऊदी अरब में रहकर एंजाइमों पर शोध कर रहे हैं। इसके साथ ही डॉ. रामकरण शर्मा के साथ कई उपलब्धियां जुड़ी हुई हैं।
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