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जोखिम में जान, सेवा में जुटे धरती के भगवान

Tue, 30 Jun 2020 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2020 11:36 PM IST
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doctors day.
जोखिम में जान, सेवा में जुटे धरती के भगवान
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बागपत। मुश्किल हालात के बावजूद डॉक्टर अपने फर्ज पर डटे हैं। कोरोना संक्रमण के बाद भी मरीजों की सेवा का नया अध्याय लिखा गया। जिले में कोरोना काल में अब तक तीन स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित हो चुके हैं, लेकिन डॉक्टरों का हौसला अब भी बुलंद है। जिले को संक्रमण से बचाने के लिए धरती के भगवान जी जान से जुटे हैं।
इनसेट
ऑफिस ही घर, सेवा के लिए समर्पण
बागपत सीएचसी बागपत के अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत लोगों की सेवा में लगे हैं। उन्होंने कोरोना की महामारी फैलने के बाद उन्होंने परिवार और अपनी समस्याओं को दरकिनार लोगों की सेवा को ही अपना धर्म बना लिया है। अपने कार्यालय को घर बना लिया है। मूल रुप से दिल्ली के रोहिणी के रहने वाले डॉ. विभाष राजपूत पिछले चार माह से अपने परिवार से विडियो कॉल से ही रूबरू हो पाते हैं। सरकारी सेवा में रहकर जनसेवा का नया अध्याय लिखा हैं। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए वह दिन रात जुटे हैं।
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मरीजों की सेवा के साथ जगा रहे वृक्षारोपण की अलख
फोटो 4ए
बागपत। बड़ौत के डॉ. दिनेश बंसल लोगों की सेवा के साथ-साथ पौधरोपण के लिए जागरूक कर रहे हैं। वह उनके यहां इलाज कराने के लिए आने वाले लोगों को पेड़ दान कर उसकी देखरेख की जिम्मेदारी सौंपते हैं। उन्होंने हरित प्राण ट्रस्ट के माध्यम से एंबुलेंस चलाकर पौधों को बचाने का कार्य करा रहे हैं। उनकी एंबुलेंस कोरोना काल में पेड़ बचाने के लिए विशेष अभियान चला रही है। वह कहते हैं कि डॉक्टरों को अपने पेश के साथ अन्य माध्यमों से भी सेवा करनी चाहिए।
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नाम की फीस और 50 साल से कर रहे सेवा
बालैनी। सैड़भर के डॉ. रामशरण पिछले 50 साल से लोगों की सेवा में लगे हैं। उन्होंने 50 साल पूर्व मवी कलां गांव में प्रैक्टिस शुरू की थी और तब से अब तक मामूली फीस में ही वह जनसेवा कर रहे हैं।
मरीज और डॉक्टर के बीच खराब हुए रिश्ते
बागपत। सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि पिछले कुछ साल में मरीज और डॉक्टर के बीच रिश्ते खराब भी हुए हैं। सरकारी अस्पतालों से लेकर नर्सिंग होम तक मरीज के साथ आए तीमारदारों ने हंगामे किए हैं और चिकित्सक को भला बुरा कहा है।

पोस्टमार्टम को लेकर हंगामा
बागपत। पिछले दिनों ही हादसे में युवक की मौत के बाद जिला अस्पताल की मोर्चरी परिसर में मृतक युवक के पक्ष में पहुंचे लोगों ने डॉक्टर के आवास पर जमकर हंगामा किया। नाराज लोगों ने चिकित्सक के आवास में तोड़फोड़ करने की कोशिश भी थी।
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