खोपड़ियों की जांच को फिर भेजा जाएगा डीएनए सैंपल
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गौरतलब है कि दो भाई पप्पू कश्यप और विकास कश्यप 15 जुलाई 2015 को अपने घर से रहस्यमय ढंग से लापता हो गए थे। दो दिन बाद उनके गर्दन कटे शव बदरखा में यमुना किनारे मिले थे। पुलिस ने 21 जुलाई 2015 को गांव के ही हिस्ट्रीशीटर अमरपाल उर्फ कालू, उसके परिजनों और साथियों को गिरफ्तार कर केस का खुलासा कर दिया था। बाद में बदरखा के यमुना खादर में दो मानव खोपड़ी मिली थीं। परिजनों ने इनके पप्पू और विकास की होने का दावा किया था। इसका पता लगाने के लिए पुलिस ने डीएनए जांच कराने का निर्णय लिया था। पिता रामचंद्र और भाई तरसपाल का खून का नमूना लखनऊ लैब में भेज दिया गया था। लैब से अब दोबारा सैंपल मांगा है। छपरौली थानाध्यक्ष का कहना है लापता लोगों के पिता और मां के नमूने जल्द ही भेजे जाएंगे।