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Baghpat News: केंद्र खुले बिना हो रहा युवाओं का कौशल विकास
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बागपत। युवाओं को स्वरोजगार की राह पर बढ़ाने के लिए नौ कौशल विकास केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, मगर इन केंद्रों में ताला लगाकर और वहां आए बिना ही युवाओं का कौशल विकास किया जा रहा है। जिले में चल रहे नौ कौशल विकास केंद्रों पर अलग-अलग अधिकारियों ने छापा मारा तो इसका खुलासा हुआ।
यहां संस्थाओं के माध्यम से नौ कौशल विकास केंद्र चल रहे हैं और इनमें 1188 युवाओं का पंजीकरण है। केंद्रों पर अलग-अलग प्रशिक्षण दिया जाना था, इनमें कंप्यूटर आईटी, मोबाइल रिपेयरिंग, सोशल मीडिया, ऑटोमोबाइल्स व साबुन बनाना शामिल है। केंद्रों पर युवाओं का पंजीकरण करा लिया जाता है, मगर कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण के नाम पर खेल किया जा रहा था। इन केंद्रों को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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केंद्रों पर इस तरह की स्थिति मिली
-आदर्श पब्लिक स्कूल बिनौली में भारतीय महिला कल्याण एवं शोध संस्थान की ओर से केंद्र संचालित है। एसडीएम बड़ौत ने छापा मारा तो 175 युवाओं का कंप्यूटर आईटी कोर्स में पंजीकरण होने के बावजूद ताला लगा मिला और कोई कोर्स संचालन में नहीं बताया गया।
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-चौधरी केहर सिंह स्कूल बड़ौत में केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी नक्श वेंचर प्राइवेट लिमिटेड के पास है। एसडीएम खेकड़ा के छापा मारने पर पता चला कि यहां कंप्यूटर आईटी में 100 युवाओं का पंजीकरण होने के बावजूद मार्च से कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया और कोर्स का संचालन दिखाया जा रहा है।
-खेड़ा इस्लामपुर में मोबाइल रिपेयरिंग के केंद्र का नक्श वेंचर प्राइवेट लिमिटेड ही संचालन कर रहा है और यहां सीडीओ ने छापा मारा। वहां सौ युवकों का पंजीकरण था और केवल दो युवक मिले। प्रशिक्षक भी नियमों के अनुसार नहीं थे और सुविधाएं भी कुछ नहीं थीं।
-बड़ौत के खत्री गढ़ी और एसबीआर इंटर कॉलेज सूप में सोशल मीडिया से जुड़ा कोर्स कराने के लिए केंद्र संचालित है, जिसे मिशन ऑफ स्किल फाउंडेशन चला रहा है। यहां तहसीलदार बड़ौत के छापा मारने पर 200 युवकों में केवल 12 मिले और प्रशिक्षण केंद्र मानक के अनुसार नहीं मिला।
-राजकीय इंटर कॉलेज दौझा में टेक मैच वेल्युअर संस्था केंद्र चला रही है। जहां साबुन बनाने का प्रशिक्षण लेने के लिए 70 युवकों का पंजीकरण है, मगर तहसीलदार बागपत को वहां एक ही युवक नहीं मिला और केंद्र केवल नाम के लिए संचालित मिला।
-राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बागपत में आर्यभट्ट एजुकेशन संस्था केंद्र चला रही है, जहां साबुन बनाने का प्रशिक्षण लेने के लिए 140 युवकों का पंजीकरण है। वहां एसडीएम बागपत को केवल 35 युवक उपस्थित मिले। केंद्र मानक के अनुरूप नहीं मिला।
-गॉडविल डिग्री कॉलेज किरठल में कंप्यूटर आईटी का प्रशिक्षण देने के लिए जन चेतना युवा क्लब केंद्र चला रहा है। यहां 178 युवकों का पंजीकरण है, मगर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की जांच में केवल 76 युवक मिले। आवासीय केंद्र होने के कारण खानपान की सुविधाएं ठीक नहीं मिली।
-हसनपुर मसूरी के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र पर गाड़ी की रिपेयरिंग का प्रशिक्षण देने के लिए 50 युवकों का पंजीकरण है। यहां एसडीएम खेकड़ा को 25 युवक उपस्थित मिले और प्रशिक्षण की गुणवत्ता ठीक नहीं थी।
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इस तरह संचालित होते हैं केंद्र
कौशल विकास केंद्रों का संचालन करने के लिए संस्थाएं लखनऊ मुख्यालय से नामित होती हैं। इसके बाद स्थानीय स्तर पर युवाओं का पंजीकरण किया जाता है। 250 से 500 घंटे का प्रशिक्षण देकर परीक्षा कराई जाती है। इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले युवकों को अलग-अलग कोर्स के अनुसार 42 से 38 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से रुपये मिलते हैं। इसके अलावा वह प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार कर सकते हैं, जिसमें सरकार की तरफ से किट व लोन में अनुदान की मदद मिलती है।
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वर्जन
किसी केंद्र पर कई महीने से ताला लटका हुआ है तो कहीं प्रशिक्षण ही नहीं दिया जा रहा है। इनकी रिपोर्ट बनाकर भेजी गई है और इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-अनिल कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
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यहां संस्थाओं के माध्यम से नौ कौशल विकास केंद्र चल रहे हैं और इनमें 1188 युवाओं का पंजीकरण है। केंद्रों पर अलग-अलग प्रशिक्षण दिया जाना था, इनमें कंप्यूटर आईटी, मोबाइल रिपेयरिंग, सोशल मीडिया, ऑटोमोबाइल्स व साबुन बनाना शामिल है। केंद्रों पर युवाओं का पंजीकरण करा लिया जाता है, मगर कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण के नाम पर खेल किया जा रहा था। इन केंद्रों को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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केंद्रों पर इस तरह की स्थिति मिली
-आदर्श पब्लिक स्कूल बिनौली में भारतीय महिला कल्याण एवं शोध संस्थान की ओर से केंद्र संचालित है। एसडीएम बड़ौत ने छापा मारा तो 175 युवाओं का कंप्यूटर आईटी कोर्स में पंजीकरण होने के बावजूद ताला लगा मिला और कोई कोर्स संचालन में नहीं बताया गया।
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-चौधरी केहर सिंह स्कूल बड़ौत में केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी नक्श वेंचर प्राइवेट लिमिटेड के पास है। एसडीएम खेकड़ा के छापा मारने पर पता चला कि यहां कंप्यूटर आईटी में 100 युवाओं का पंजीकरण होने के बावजूद मार्च से कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया और कोर्स का संचालन दिखाया जा रहा है।
-खेड़ा इस्लामपुर में मोबाइल रिपेयरिंग के केंद्र का नक्श वेंचर प्राइवेट लिमिटेड ही संचालन कर रहा है और यहां सीडीओ ने छापा मारा। वहां सौ युवकों का पंजीकरण था और केवल दो युवक मिले। प्रशिक्षक भी नियमों के अनुसार नहीं थे और सुविधाएं भी कुछ नहीं थीं।
-बड़ौत के खत्री गढ़ी और एसबीआर इंटर कॉलेज सूप में सोशल मीडिया से जुड़ा कोर्स कराने के लिए केंद्र संचालित है, जिसे मिशन ऑफ स्किल फाउंडेशन चला रहा है। यहां तहसीलदार बड़ौत के छापा मारने पर 200 युवकों में केवल 12 मिले और प्रशिक्षण केंद्र मानक के अनुसार नहीं मिला।
-राजकीय इंटर कॉलेज दौझा में टेक मैच वेल्युअर संस्था केंद्र चला रही है। जहां साबुन बनाने का प्रशिक्षण लेने के लिए 70 युवकों का पंजीकरण है, मगर तहसीलदार बागपत को वहां एक ही युवक नहीं मिला और केंद्र केवल नाम के लिए संचालित मिला।
-राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बागपत में आर्यभट्ट एजुकेशन संस्था केंद्र चला रही है, जहां साबुन बनाने का प्रशिक्षण लेने के लिए 140 युवकों का पंजीकरण है। वहां एसडीएम बागपत को केवल 35 युवक उपस्थित मिले। केंद्र मानक के अनुरूप नहीं मिला।
-गॉडविल डिग्री कॉलेज किरठल में कंप्यूटर आईटी का प्रशिक्षण देने के लिए जन चेतना युवा क्लब केंद्र चला रहा है। यहां 178 युवकों का पंजीकरण है, मगर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की जांच में केवल 76 युवक मिले। आवासीय केंद्र होने के कारण खानपान की सुविधाएं ठीक नहीं मिली।
-हसनपुर मसूरी के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र पर गाड़ी की रिपेयरिंग का प्रशिक्षण देने के लिए 50 युवकों का पंजीकरण है। यहां एसडीएम खेकड़ा को 25 युवक उपस्थित मिले और प्रशिक्षण की गुणवत्ता ठीक नहीं थी।
इस तरह संचालित होते हैं केंद्र
कौशल विकास केंद्रों का संचालन करने के लिए संस्थाएं लखनऊ मुख्यालय से नामित होती हैं। इसके बाद स्थानीय स्तर पर युवाओं का पंजीकरण किया जाता है। 250 से 500 घंटे का प्रशिक्षण देकर परीक्षा कराई जाती है। इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले युवकों को अलग-अलग कोर्स के अनुसार 42 से 38 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से रुपये मिलते हैं। इसके अलावा वह प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार कर सकते हैं, जिसमें सरकार की तरफ से किट व लोन में अनुदान की मदद मिलती है।
वर्जन
किसी केंद्र पर कई महीने से ताला लटका हुआ है तो कहीं प्रशिक्षण ही नहीं दिया जा रहा है। इनकी रिपोर्ट बनाकर भेजी गई है और इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-अनिल कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी