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बेसहारा पशु उजाड़ रहे हैं किसानों की फसल
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बागपत। सरुरपुर गांव में बेसहारा पशुओं ने किसानों की ज्वार, ईख की फसल बर्बाद कर दी है। गांव के किसान दिन रात अपनी फसल की रखवाली करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। ज्वार की फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने पशुओं के चारे का संकट गहरा गया है। किसानों ने प्रशासन ने बेसहारा पशुओं को पकड़वाने की व्यवस्था कराने की मांग की।
सरुरपुर के किसान सुभाष नैन का कहना है कि गांव के जंगल में बेसहारा पशु किसानों की ज्वार और ईख की फसल खा गए है। वह रात-रात भर जागकर फसल की रखवाली करने के लिए मजबूर है। बेसहारा पशुओं ने उनकी ज्वार की चार बीघा फसल बर्बाद कर दी है, इससे उनके सामने पशुओं के लिए चारे का संकट आ गया है।
गांव के रामपाल का कहना है कि बेसहारा पशुओं ने उसकी दो बीघा ईख व दो बीघा ज्वार की फसल खराब कर दी।
अजय का कहना है कि बेसहारा पशुओं से फसल की रखवाली के लिए खेत की घर बन गया है, वह रात-रात भर खेतों की रखवाली करने के लिए विवश है। दिन रात खेतों की रखवाली करने के बाद भी बेसहारा पशुओं ने उसकी दो बीघा फसल बर्बाद कर दी है। गांव के मनोज का कहना है कि बेसहारा पशुओं ने उसकी ज्वार की फसल खराब कर दी है। इससे उसके सामने अपने पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने का संकट आ गया है। कई बार प्रशासन से आवारा पशुओं की व्यवस्था कराने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नही हो पाया है। गांव के किसानों ने प्रशासन से बेसहारा पशुओं की पकड़वाने की व्यवस्था कराकर उनकी समस्या का समाधान कराने की मांग की।
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सरुरपुर के किसान सुभाष नैन का कहना है कि गांव के जंगल में बेसहारा पशु किसानों की ज्वार और ईख की फसल खा गए है। वह रात-रात भर जागकर फसल की रखवाली करने के लिए मजबूर है। बेसहारा पशुओं ने उनकी ज्वार की चार बीघा फसल बर्बाद कर दी है, इससे उनके सामने पशुओं के लिए चारे का संकट आ गया है।
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गांव के रामपाल का कहना है कि बेसहारा पशुओं ने उसकी दो बीघा ईख व दो बीघा ज्वार की फसल खराब कर दी।
अजय का कहना है कि बेसहारा पशुओं से फसल की रखवाली के लिए खेत की घर बन गया है, वह रात-रात भर खेतों की रखवाली करने के लिए विवश है। दिन रात खेतों की रखवाली करने के बाद भी बेसहारा पशुओं ने उसकी दो बीघा फसल बर्बाद कर दी है। गांव के मनोज का कहना है कि बेसहारा पशुओं ने उसकी ज्वार की फसल खराब कर दी है। इससे उसके सामने अपने पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने का संकट आ गया है। कई बार प्रशासन से आवारा पशुओं की व्यवस्था कराने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नही हो पाया है। गांव के किसानों ने प्रशासन से बेसहारा पशुओं की पकड़वाने की व्यवस्था कराकर उनकी समस्या का समाधान कराने की मांग की।
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