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पेयजल पर करोड़ो खर्च, फिर भी प्यासा है कांसापुट्ठी
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अमित शर्मा
अमीनगर सराय। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद घरों तक पानी नहीं पहुंचा जा सका है। लोग पड़ोसियों के सबमर्सिबल और ट्यूबवेल के सहारे पेयजल की व्यवस्था करने के लिए मजबूर हैं। उधर, जल निगम का कहना है कि जिले में पूर्व में तैयार की गई 29 परियोजनाओं से एस्टीमेंट के अनुसार कनेक्शन बांटकर सप्लाई शुरू कर दी है।
ग्रामीणों को पेयजल के लिए किल्लत उठानी पड़ रही है। गांव में हैंडपंपों की स्थिति भी काफी खराब है। पांच से तीन हैंडपंप खराब पड़े हैं। जल निगम की ओर से ग्रामीण पेयजल योजनांतर्गत कांसापुट्ठी में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। भीषण गर्मी में लोग पेयजल के लिए ट्यूबवेल के सहारे पानी की व्यवस्था करने के लिए मजबूर हैं।
सबमर्सिबल का सहारा
गांव के सावेज का कहना है कि यहां पानी की किल्लत है। पूरे गांव में एक सबमर्सिबल है। पेयजल के लिए ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ता है। मुनफे का कहना है कि एक साल पहले गांव में टंकी का निर्माण हुआ था। पेयजल की समस्या का समाधान होने की आस जगी, मगर परेशानी जस की तस है। परवेज का कहना है कि गांव में तीन हैंडपंप खराब पड़े हैं। दो हैंडपंप ठीक हैं, उन पर दिनभर भीड़ लगी रहती है। गांव में पेयजल की विकट समस्या है।
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वर्जन
आपूर्ति दूर करना प्राथमिकता
गांव में हैंडपंप खराब पड़े हैं और ग्रामीणों को पानी की टंकी की सप्लाई शुरू नहीं हुई है। गांव का विकास और पेयजल की समस्या का दूर करना उनकी प्राथमिकता में है। समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाएगा।-बेबी, नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान
गांव में पेयजल आपूर्ति जारी
कांसापुट्ठी में परियोजना तैयार कर एस्टीमेंट के अनुसार कनेक्शन चालू कर दिए हैं। गांव में पानी की टंकी सोलर ऊर्जा से चलती है। मौसम खराब होने पर थोड़ी परेशानी हो सकती है। गांव में पानी की सप्लाई दी जा रही है।-रवींद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम
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अमीनगर सराय। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद घरों तक पानी नहीं पहुंचा जा सका है। लोग पड़ोसियों के सबमर्सिबल और ट्यूबवेल के सहारे पेयजल की व्यवस्था करने के लिए मजबूर हैं। उधर, जल निगम का कहना है कि जिले में पूर्व में तैयार की गई 29 परियोजनाओं से एस्टीमेंट के अनुसार कनेक्शन बांटकर सप्लाई शुरू कर दी है।
ग्रामीणों को पेयजल के लिए किल्लत उठानी पड़ रही है। गांव में हैंडपंपों की स्थिति भी काफी खराब है। पांच से तीन हैंडपंप खराब पड़े हैं। जल निगम की ओर से ग्रामीण पेयजल योजनांतर्गत कांसापुट्ठी में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। भीषण गर्मी में लोग पेयजल के लिए ट्यूबवेल के सहारे पानी की व्यवस्था करने के लिए मजबूर हैं।
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सबमर्सिबल का सहारा
गांव के सावेज का कहना है कि यहां पानी की किल्लत है। पूरे गांव में एक सबमर्सिबल है। पेयजल के लिए ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ता है। मुनफे का कहना है कि एक साल पहले गांव में टंकी का निर्माण हुआ था। पेयजल की समस्या का समाधान होने की आस जगी, मगर परेशानी जस की तस है। परवेज का कहना है कि गांव में तीन हैंडपंप खराब पड़े हैं। दो हैंडपंप ठीक हैं, उन पर दिनभर भीड़ लगी रहती है। गांव में पेयजल की विकट समस्या है।
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आपूर्ति दूर करना प्राथमिकता
गांव में हैंडपंप खराब पड़े हैं और ग्रामीणों को पानी की टंकी की सप्लाई शुरू नहीं हुई है। गांव का विकास और पेयजल की समस्या का दूर करना उनकी प्राथमिकता में है। समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाएगा।-बेबी, नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान
गांव में पेयजल आपूर्ति जारी
कांसापुट्ठी में परियोजना तैयार कर एस्टीमेंट के अनुसार कनेक्शन चालू कर दिए हैं। गांव में पानी की टंकी सोलर ऊर्जा से चलती है। मौसम खराब होने पर थोड़ी परेशानी हो सकती है। गांव में पानी की सप्लाई दी जा रही है।-रवींद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम