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जिला जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे बंदी की मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/खेकड़ा। जिला जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे बंदी की मौत हो गई। उसके शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
बागपत के मुगलपुरा मोहल्ले का रहने वाले इकबाल (70) को पुलिस ने दहेज हत्या के मामले में 28 अगस्त 2012 को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। उसे बागपत जिला जेल शुरू होने पर 22 मई 2016 को मेरठ से यहां शिफ्ट कर दिया गया था। बागपत न्यायालय में उसे 4 अक्टूबर 2019 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जेल अधीक्षक बृजेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले काफी दिनों से उसे दमे की बीमारी हो गई थी। उसका जेल अस्पताल में उपचार कराया जा रहा था। बृहस्पतिवार को उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई तो उसे जिला अस्पताल लेकर आने लगे, लेकिन उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इकबाल के बेटे मोहम्मद महराज ने बताया कि कोरोना के कारण वह अपने पिता से पिछले डेढ़ साल से मिल भी नहीं सके। अब उनको मिलने जाना था, लेकिन उससे पहले ही उनकी मौत हो गई। इकबाल की दमे की बीमारी के कारण तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
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बागपत/खेकड़ा। जिला जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे बंदी की मौत हो गई। उसके शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
बागपत के मुगलपुरा मोहल्ले का रहने वाले इकबाल (70) को पुलिस ने दहेज हत्या के मामले में 28 अगस्त 2012 को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। उसे बागपत जिला जेल शुरू होने पर 22 मई 2016 को मेरठ से यहां शिफ्ट कर दिया गया था। बागपत न्यायालय में उसे 4 अक्टूबर 2019 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जेल अधीक्षक बृजेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले काफी दिनों से उसे दमे की बीमारी हो गई थी। उसका जेल अस्पताल में उपचार कराया जा रहा था। बृहस्पतिवार को उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई तो उसे जिला अस्पताल लेकर आने लगे, लेकिन उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इकबाल के बेटे मोहम्मद महराज ने बताया कि कोरोना के कारण वह अपने पिता से पिछले डेढ़ साल से मिल भी नहीं सके। अब उनको मिलने जाना था, लेकिन उससे पहले ही उनकी मौत हो गई। इकबाल की दमे की बीमारी के कारण तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।