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बेटियां चुप्पी तोड़ें, खुलकर बोलें

Fri, 29 Jul 2022 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jul 2022 11:54 PM IST
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Daughters break the silence, speak openly
वनस्थली पब्लिक स्कूल में आयोजित अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को जानकारी देती सी - फोटो : BARAUT
बेटियां चुप्पी तोड़ें, खुलकर बोलें
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बड़ौत। पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रीति ने कहा कि बेटियां अपने साथ होने वाली किसी भी छोटी, बड़ी घटना पर चुप्पी न साधें, खुलकर बोलें और आपत्ति जताएं। चुप्पी साधने का मतलब है अपराध को बढ़ावा देना। अपराधी का हौसला बढ़ता है और बड़े अपराध का कारण बन सकता है।
वनस्थली पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत के तहत अपराजिता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीओ प्रीति, इंस्पेक्टर देवेश कुमार शर्मा, स्कूल की प्रबंध समिति के हर्षित जैन व प्रधानाचार्य रणवीर सिंह ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सीओ प्रीति ने कहा कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। वे सीमा पर देश की सुरक्षा भी कर रही हैं। जरूरत तो आत्मविश्वास की है। उन्होंने लड़कियाें से सोशल मीडिया का सावधानी से इस्तेमाल करने, फेसबुक पर अपरिचित लोगों से दोस्ती न करने और अपनी व्यक्तिगत जानकारियां किसी से शेयर न करने की आह्वान किया।
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इंस्पेक्टर देवेश कुमार शर्मा ने कहा कि 1090 वुमेंस पावर लाइन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी लड़की के साथ कोई छेड़खानी कर रहा है, तो 1090, 1076, 181, 112 सहित अन्य हेल्पलाइन नंबर पर फोन करें। सूचना गोपनीय रखते हुए आरोपी को पुलिस सबक सिखाएगी इस दौरान उन्होंने छात्राओं द्वारा पूछे गए सवालों का उत्तर दिया।
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---ये दिए टिप्स
- छात्राओं को अगर कोई राह चलते परेशान करे तो 1090 या 112 पर कॉल करें। पुलिस मदद करेगी साथ ही पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
- छात्राएं किसी भी बात को छिपाएं नहीं, घर में माता-पिता और अन्य परिजनों से परेशानी को साझा करें, जिससे उसका समाधान किया जा सके।
- छात्राएं कानूनी अधिकारों की जानकारी रखें, क्योंकि जागरूकता जीवन में अहम होती है।
- छात्राएं अपने फोन में हेल्पलाइन नंबरों के साथ ही पुलिस अफसरों और थाने का नंबर रखें, जिससे जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद ली जा सके।
बोली छात्राएं.....
- डायल 112 और महिला हेल्पलाइन 1090 की आज बेहतर तरीके से जानकारी मिली है। अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम की यह पहल सराहनीय है। - खुशबू
- जरा सी दिक्कत होने पर पुलिस को सूचना की जाए तो वह मदद के लिए मौके पर हाजिर होती है। बालिकाएं भयमुक्त हो जाएंगी। तन्वी
- किसी भी समस्या का समाधान तभी होगा, जब हम उसे अपने परिजनों, गुरुजनों के साथ साझा करेंगे। परेशानी छिपाकर नहीं रखनी चाहिए। - प्रतिभा
- छोटी सी समस्या समय के साथ बड़ी हो जाती है। परिजनों और पुलिस की मदद से समय पर ही समाधान बेहतर होता है। - रिया
- अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम से छात्राओं को जागरूक करने का अच्छा माध्यम हैं। छात्राओं को अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। - तनीषा
- पुलिस हमारी मदद के लिए है, तो फिर पुलिसकर्मियों को परेशानी बताने में झिझक कैसी। परेशानी बताने पर ही समाधान होगा। - अंशिका व सृष्टि

वनस्थली पब्लिक स्कूल में आयोजित अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के दौरान मौजूद छात्राएं

वनस्थली पब्लिक स्कूल में आयोजित अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के दौरान मौजूद छात्राएं- फोटो : BARAUT

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