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Baghpat News: धावक बन पदक जीतकर जिले का नाम रोशन कर रहीं बेटियां
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बड़ौत। जिले की बेटियों ने धावक के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। सीबीएसई क्लस्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पलक तोमर, दिशा तोमर, तनिष्का धामा, लक्षिका दांगी और अनुश्री ने दौड़ प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीते हैं। इन छात्राओं के प्रदर्शन से प्रशिक्षक भी काफी प्रभावित हैं।
ये बेटियां राज्य और राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने का लक्ष्य लेकर ट्रैक पर खूब अभ्यास कर रही हैं। कबड्डी, वेटलिफ्टिंग, निशानेबाजी और तीरंदाजी जैसे खेलों के अलावा दौड़ के प्रति भी लड़कियों की रुचि बढ़ी है। खेल प्रशिक्षक विनय सहरावत और अनुज उज्ज्वल ने बताया कि पढ़ाई के साथ लड़कियों में खेलों के प्रति रुझान बढ़ा है। इसी का परिणाम है कि वे प्रतियोगिताओं में केवल हिस्सा नहीं ले रही हैं, बल्कि पदक जीतकर नाम रोशन कर रही हैं। बेहतर प्रदर्शन के लिए वे घंटों अभ्यास करती हैं। इनमें से कई बेटियां शानदार प्रदर्शन के बाद राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने की तैयारी में जुटी हैं। अभिभावकों के साथ शिक्षक भी उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। शिक्षक उन्हें खेल के साथ पढ़ाई पर भी ध्यान देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
पलक तोमर कहती हैं कि उनका सपना देश के लिए खेलना है। वह इस सपने को पूरा करने के लिए खूब पसीना बहाती हैं। दिशा ने बताया कि पढ़ाई के साथ खेलों में आगे बढ़कर कॅरिअर आसानी से बनाया जा सकता है। उनका मानना है कि खेल में अच्छा प्रदर्शन करने से प्रदेश और देश का नाम रोशन होगा। इसी सोच के साथ वे आगे बढ़ रही हैं।
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-खेल के प्रति बढ़ता रुझान
जिले में दौड़ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। प्रशिक्षकों का कहना है कि लड़कियों का खेलों के प्रति बढ़ता रुझान सकारात्मक है। यह उन्हें केवल शारीरिक रूप से मजबूत नहीं बनाता, बल्कि आत्मविश्वास भी देता है। उनके प्रदर्शन से जिले को पहचान मिल रही है।
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ये बेटियां राज्य और राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने का लक्ष्य लेकर ट्रैक पर खूब अभ्यास कर रही हैं। कबड्डी, वेटलिफ्टिंग, निशानेबाजी और तीरंदाजी जैसे खेलों के अलावा दौड़ के प्रति भी लड़कियों की रुचि बढ़ी है। खेल प्रशिक्षक विनय सहरावत और अनुज उज्ज्वल ने बताया कि पढ़ाई के साथ लड़कियों में खेलों के प्रति रुझान बढ़ा है। इसी का परिणाम है कि वे प्रतियोगिताओं में केवल हिस्सा नहीं ले रही हैं, बल्कि पदक जीतकर नाम रोशन कर रही हैं। बेहतर प्रदर्शन के लिए वे घंटों अभ्यास करती हैं। इनमें से कई बेटियां शानदार प्रदर्शन के बाद राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने की तैयारी में जुटी हैं। अभिभावकों के साथ शिक्षक भी उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। शिक्षक उन्हें खेल के साथ पढ़ाई पर भी ध्यान देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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पलक तोमर कहती हैं कि उनका सपना देश के लिए खेलना है। वह इस सपने को पूरा करने के लिए खूब पसीना बहाती हैं। दिशा ने बताया कि पढ़ाई के साथ खेलों में आगे बढ़कर कॅरिअर आसानी से बनाया जा सकता है। उनका मानना है कि खेल में अच्छा प्रदर्शन करने से प्रदेश और देश का नाम रोशन होगा। इसी सोच के साथ वे आगे बढ़ रही हैं।
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-खेल के प्रति बढ़ता रुझान
जिले में दौड़ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। प्रशिक्षकों का कहना है कि लड़कियों का खेलों के प्रति बढ़ता रुझान सकारात्मक है। यह उन्हें केवल शारीरिक रूप से मजबूत नहीं बनाता, बल्कि आत्मविश्वास भी देता है। उनके प्रदर्शन से जिले को पहचान मिल रही है।