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अंधेरी जिन्दगी को बस उजालों की जरूरत
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डिवाइन ग्लोबल एकेडमी में हुआ कवि सम्मेलन
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। डिवाइन ग्लोबल एकेडमी में शनिवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा नेता दीपक शर्मा और एकेडमी के प्राचार्य केके त्यागी ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन करक ेकिया। कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करके कवि अमन जैन ने कहा पुण्य कृत्यों के कभी बुरे अंजाम नहीं हो सकते हैं, महापुरुष हजारों हैं लेकिन सब राम नहीं हो सकते हैं। कवि सुलतान सिंह सुलतान ने कहा नाम वालों को तो सब करते प्रणाम मेरे असंख्य अनगिनत अनाम को प्रणाम है।
कवि योगेश समदर्श ने कहा आंगन ये तुलसी के पौधे बिन सूना-सूना, घर की तो शोभा पौधे कांटेदार हो गए। कवि निखिल मन ने कहा न मस्जिद की ख्वाहिश न शिवालों की जरूरत है, अंधेरी जिंदगी को बस उजालों की जरूरत है, न जाने क्यूं सियासत को समझ इतना नहीं होता, कि भूखे पेट को बस निवालों की जरूरत है। कवयित्री रजनी चौहान ने कहा महोब्बत के बिना इंसान क्या, भगवान ही क्या अगर राधा नहीं होती तो फिर घनश्याम होते क्या। कवि सम्मेलन का संचालन कवि निखिल मन ने और अध्यक्षता सुरेंद्र शर्मा ने की। यहां प्रबंधक दिनेश शर्मा, ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष महेंद्र दत्त शर्मा, सुभाष शर्मा, राजकुमार आर्य, प्रभात सिंह, कालीचरण शर्मा, विनीत शर्मा, गौरव आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। डिवाइन ग्लोबल एकेडमी में शनिवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा नेता दीपक शर्मा और एकेडमी के प्राचार्य केके त्यागी ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन करक ेकिया। कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करके कवि अमन जैन ने कहा पुण्य कृत्यों के कभी बुरे अंजाम नहीं हो सकते हैं, महापुरुष हजारों हैं लेकिन सब राम नहीं हो सकते हैं। कवि सुलतान सिंह सुलतान ने कहा नाम वालों को तो सब करते प्रणाम मेरे असंख्य अनगिनत अनाम को प्रणाम है।
कवि योगेश समदर्श ने कहा आंगन ये तुलसी के पौधे बिन सूना-सूना, घर की तो शोभा पौधे कांटेदार हो गए। कवि निखिल मन ने कहा न मस्जिद की ख्वाहिश न शिवालों की जरूरत है, अंधेरी जिंदगी को बस उजालों की जरूरत है, न जाने क्यूं सियासत को समझ इतना नहीं होता, कि भूखे पेट को बस निवालों की जरूरत है। कवयित्री रजनी चौहान ने कहा महोब्बत के बिना इंसान क्या, भगवान ही क्या अगर राधा नहीं होती तो फिर घनश्याम होते क्या। कवि सम्मेलन का संचालन कवि निखिल मन ने और अध्यक्षता सुरेंद्र शर्मा ने की। यहां प्रबंधक दिनेश शर्मा, ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष महेंद्र दत्त शर्मा, सुभाष शर्मा, राजकुमार आर्य, प्रभात सिंह, कालीचरण शर्मा, विनीत शर्मा, गौरव आदि मौजूद रहे।
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