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बारिश और ओलावृष्टि से फसलें चौपट, सहम गए किसान
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खेकड़ा के जंगल मे ओले दिखाते किसान प्रदीप व ओंकार धामा
- फोटो : KAHKRA
बागपत/खेकड़ा। मौसम के खराब मिजाज ने किसानों के सामने मुश्किलेें खड़ी कर दी हैं। शनिवार सुबह पांच बजे बारिश हुई। बड़ौत, बिनौली, खेकड़ा और चांदीनगर क्षेत्र के दस से अधिक गांव में ओलावृष्टि से सरसों, गेहूं, आलू और मटर की फसल को नुकसान हुआ। किसान खेत में पहुंचे तो तबाह फसल देकर चिंता में पड़ गए। दोपहर के समय फिर तेज बारिश हुई। हवा की रफ्तार 20 किमी प्रति घंटा रही।
बेमौसम बरसात लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को उठानी पड़ रही है। शनिवार सुबह पांच बजे जिलेभर में तेज बारिश हुई। करीब एक घंटे तक हुई बरसात से जगह-जगह जलभराव के हालात बन गए। खेकड़ा, फखरपुर, घिटौरा, रटौल और चांदीनगर समेत करीब दस गांव में ओलावृष्टि हुई। दोपहर तीन बजे फिर से बादल घिरकर आए और बरसात हुई। साथ ही तेज हवा चली।बारिश रुकने के बाद किसान खेतों में पहुंचे तो ओलों की परत जमी देखकर हैरान रह गए। सरसों, आलू और गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के प्रभारी डॉ. गजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान है। सरसों की फसल पककर तैयार है। बारिश इसके लिए नुकसानदायक है।
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तौल केंद्रों में जलभराव, गन्ना छिलाई थमी
बारिश के कारण तौल केंद्रों में जलभराव हो गया है। इसकी वजह से तौल नहीं हो सकी, इसके अलावा किसानों को गन्ना छिलाई का कार्य भी रोक देना पड़ा। रविवार को भी अगर मौसम खराब रहा तो चीनी मिलें नो केन हो सकती हैं।
अंडरपास में जलभराव, निकलना मुश्किल
दिल्ली-सहारनपुर रेलवे लाइन के अंडरपास में जलभराव हो गया। यहां से निकलने में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बड़ौत में बिजरौल रोड के अंडरपास में पानी भर गया, जिससे लोगों का गुजरना बंद हो गया।
गोआश्रय केंद्रों पर जलभराव के हालात
बारिश के कारण जिले में कई जगह गोआश्रय केंद्रों पर जलभराव के हालात बन गए। इससे पशुओं को परेशानी हुई। मुख्य विकास अधिकारी पीसी जायसवाल ने गोसंरक्षण केंद्रों से पानी निकलवाने के निर्देश दिए हैं।
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बेमौसम बरसात लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को उठानी पड़ रही है। शनिवार सुबह पांच बजे जिलेभर में तेज बारिश हुई। करीब एक घंटे तक हुई बरसात से जगह-जगह जलभराव के हालात बन गए। खेकड़ा, फखरपुर, घिटौरा, रटौल और चांदीनगर समेत करीब दस गांव में ओलावृष्टि हुई। दोपहर तीन बजे फिर से बादल घिरकर आए और बरसात हुई। साथ ही तेज हवा चली।बारिश रुकने के बाद किसान खेतों में पहुंचे तो ओलों की परत जमी देखकर हैरान रह गए। सरसों, आलू और गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
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कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के प्रभारी डॉ. गजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान है। सरसों की फसल पककर तैयार है। बारिश इसके लिए नुकसानदायक है।
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तौल केंद्रों में जलभराव, गन्ना छिलाई थमी
बारिश के कारण तौल केंद्रों में जलभराव हो गया है। इसकी वजह से तौल नहीं हो सकी, इसके अलावा किसानों को गन्ना छिलाई का कार्य भी रोक देना पड़ा। रविवार को भी अगर मौसम खराब रहा तो चीनी मिलें नो केन हो सकती हैं।
अंडरपास में जलभराव, निकलना मुश्किल
दिल्ली-सहारनपुर रेलवे लाइन के अंडरपास में जलभराव हो गया। यहां से निकलने में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बड़ौत में बिजरौल रोड के अंडरपास में पानी भर गया, जिससे लोगों का गुजरना बंद हो गया।
गोआश्रय केंद्रों पर जलभराव के हालात
बारिश के कारण जिले में कई जगह गोआश्रय केंद्रों पर जलभराव के हालात बन गए। इससे पशुओं को परेशानी हुई। मुख्य विकास अधिकारी पीसी जायसवाल ने गोसंरक्षण केंद्रों से पानी निकलवाने के निर्देश दिए हैं।

बिनौली के धनौरा सिल्वर नगर में गांव में पड़े ओले- फोटो : BARAUT