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बागपत के युवक ने की थी मनोज की रेकी
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 08 Dec 2015 12:50 AM IST
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दिल्ली के न्यू राजेंद्र नगर के सागर रत्ना रेस्टोरेंट में हुए देशभक्त सेना ट्रस्ट के चेयरमैन एवं सपा नेता मनोज वशिष्ठ के कथित एनकाउंटर के मामले में सीबीआई को अहम सुराग मिले हैं।
मनोज के भाई अनिल वशिष्ठ का दावा है कि मनोज के करीबी बागपत निवासी युवक ने मनोज की रेकी की थी। उसने दिल्ली के आरोपी पुलिस वाले को पूरी जानकारी दी है। उसके अनुसार ही पुलिस वालों ने घटना को अंजाम दिया।
मनोज के भाई अनिल वशिष्ठ का कहना है कि केस की जांच सीबीआई कर रही है।
सीबीआई की टीम 25 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। सीबीआई से मिली जानकारी के मुताबिक उनके बड़े भाई मनोज वशिष्ठ की हत्या में बागपत के एक युवक का भी हाथ रहा है, जो कि मनोज का बेहद करीबी था। आरोपी युवक को मनोज की पूरी जानकारी थी।
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उसने ही मनोज से रंजिश रखने वाले पंजाब व अन्य जगह के कारोबारियों से हाथ मिलाया। इनमें कई अफसर भी शामिल हैं। उन लोगों को आरोपी ने मनोज की पूरी जानकारी दी। आरोपी ने पुलिसवालों से मिलकर उनकी हत्या कराई है। पुलिस वालों ने खुद को बचाने के लिए इसेपुलिस मुठभेड़ का रूप दिया है। अनिल के मुताबिक सीबीआई की टीम जल्द ही आरोपियों तक पहुंच जाएगी।
यह है मामला
बागपत। बागपत के पाबला बेगमाबाद गांव निवासी मनोज वशिष्ठ की 16 मई 2015 की रात सवा आठ बजे दिल्ली के न्यू राजेंद्र नगर के सागर रत्ना रेस्टोरेंट में गोली लगने से मौत हुई थी।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दावा किया था कि मनोज की पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई है, जबकि मनोज के परिजनों का आरोप था कि स्पेशल सेल ने मनोज की साजिश के तहत हत्या की है। इसको लेकर जमकर हंगामा हुआ था। सवा माह चले आंदोलन के बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के आदेश पर केस की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
धमकी के बावजूद हटाई जा रही सुरक्षा
बागपत। अनिल वशिष्ठ का कहना है कि उन्हें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आदेश पर सुरक्षा मिली हुई है। उन्हें लगातार धमकी मिल रही है, उसके बावजूद बागपत पुलिस उनकी सुरक्षा हटाने के लिए तैयार है।
ऐसी स्थिति में उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसके जिम्मेदार पुलिस होगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बागपत पुलिस उनकी सुरक्षा हटाती है, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि मनोज की सुरक्षा लोकसभा चुनाव के समय हटा ली गई थी। उसके कुछ समय बाद ही मनोज की हत्या कर दी गई थी।
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मनोज के भाई अनिल वशिष्ठ का दावा है कि मनोज के करीबी बागपत निवासी युवक ने मनोज की रेकी की थी। उसने दिल्ली के आरोपी पुलिस वाले को पूरी जानकारी दी है। उसके अनुसार ही पुलिस वालों ने घटना को अंजाम दिया।
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मनोज के भाई अनिल वशिष्ठ का कहना है कि केस की जांच सीबीआई कर रही है।
सीबीआई की टीम 25 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। सीबीआई से मिली जानकारी के मुताबिक उनके बड़े भाई मनोज वशिष्ठ की हत्या में बागपत के एक युवक का भी हाथ रहा है, जो कि मनोज का बेहद करीबी था। आरोपी युवक को मनोज की पूरी जानकारी थी।
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उसने ही मनोज से रंजिश रखने वाले पंजाब व अन्य जगह के कारोबारियों से हाथ मिलाया। इनमें कई अफसर भी शामिल हैं। उन लोगों को आरोपी ने मनोज की पूरी जानकारी दी। आरोपी ने पुलिसवालों से मिलकर उनकी हत्या कराई है। पुलिस वालों ने खुद को बचाने के लिए इसेपुलिस मुठभेड़ का रूप दिया है। अनिल के मुताबिक सीबीआई की टीम जल्द ही आरोपियों तक पहुंच जाएगी।
यह है मामला
बागपत। बागपत के पाबला बेगमाबाद गांव निवासी मनोज वशिष्ठ की 16 मई 2015 की रात सवा आठ बजे दिल्ली के न्यू राजेंद्र नगर के सागर रत्ना रेस्टोरेंट में गोली लगने से मौत हुई थी।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दावा किया था कि मनोज की पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई है, जबकि मनोज के परिजनों का आरोप था कि स्पेशल सेल ने मनोज की साजिश के तहत हत्या की है। इसको लेकर जमकर हंगामा हुआ था। सवा माह चले आंदोलन के बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के आदेश पर केस की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
धमकी के बावजूद हटाई जा रही सुरक्षा
बागपत। अनिल वशिष्ठ का कहना है कि उन्हें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आदेश पर सुरक्षा मिली हुई है। उन्हें लगातार धमकी मिल रही है, उसके बावजूद बागपत पुलिस उनकी सुरक्षा हटाने के लिए तैयार है।
ऐसी स्थिति में उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसके जिम्मेदार पुलिस होगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बागपत पुलिस उनकी सुरक्षा हटाती है, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि मनोज की सुरक्षा लोकसभा चुनाव के समय हटा ली गई थी। उसके कुछ समय बाद ही मनोज की हत्या कर दी गई थी।