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Bahraich News: अनियमितता की जांच करने पहुंची टीम का विरोध
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गोविंदापुर पंडित में ग्रामीणों से जानकारी लेते अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अनिल तिवारी व जांच का
नवाबगंज। ग्राम पंचायत गोविंदापुर पंडित में बुधवार को मनरेगा कार्यों में अनियमितताओं की जांच करने पहुंची ब्लॉक की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। जांच की प्रक्रिया को लेकर आवेदक पक्ष और टीम के बीच विवाद की स्थिति बन गई। मामला बढ़ने पर जांच टीम अपनी कार्रवाई अधूरी छोड़कर लौट गई।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शहाबुद्दीन ने बताया कि ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कराए गए विभिन्न कार्यों में फर्जी भुगतान किए जाने की शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई थी। इसी शिकायत के आधार पर नवाबगंज ब्लॉक की टीम पंचायत भवन पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने जांच की प्रक्रिया और तौर-तरीकों को लेकर असंतोष जताया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। ग्रामीणों के विरोध के बीच जांच टीम को जांच पूरी किए बिना ही वापस लौटना पड़ा।
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ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने कहा कि ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने के लिए वह हर स्तर पर प्रयास करेंगे। जरूरत पड़ने पर मामले को न्यायालय में भी ले जाया जाएगा, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित हो। खंड विकास अधिकारी दीपेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि जांच के दौरान कुछ लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। इन्हीं बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शहाबुद्दीन ने बताया कि ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कराए गए विभिन्न कार्यों में फर्जी भुगतान किए जाने की शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई थी। इसी शिकायत के आधार पर नवाबगंज ब्लॉक की टीम पंचायत भवन पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
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जांच के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने जांच की प्रक्रिया और तौर-तरीकों को लेकर असंतोष जताया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। ग्रामीणों के विरोध के बीच जांच टीम को जांच पूरी किए बिना ही वापस लौटना पड़ा।
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ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने कहा कि ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने के लिए वह हर स्तर पर प्रयास करेंगे। जरूरत पड़ने पर मामले को न्यायालय में भी ले जाया जाएगा, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित हो। खंड विकास अधिकारी दीपेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि जांच के दौरान कुछ लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। इन्हीं बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।