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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   The grave of Tukkhasar could not be identified in the cemetery

कब्रिस्तान में नहीं पहचानी जा सकी रुखसार की कब्र

Thu, 30 Mar 2017 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Thu, 30 Mar 2017 12:00 AM IST
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The grave of Tukkhasar could not be identified in the cemetery
बिनौली के दौज्जा गांव में क्रब खुदवाने पहुंचे प्रसाशनिक अधिकारी - फोटो : amar ujala
बागपत के बिनौली के दोज्जा गांव के कब्रिस्तान से रुखसार का शव निकालकर पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिस-प्रशासन की टीम पहुंची। दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग जमा हो गए। चार घंटे तक कब्र की पहचान कराने का प्रयास किया गया, लेकिन मृतका का पिता पुलिस को सही कब्र नहीं बता सका। उसने पुलिस से आठ दिन की मोहलत मांगी है।
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मेरठ के जानी थाना क्षेत्र के गांव सालेनगर निवासी निसार की बेटी रुखसार की मौत के मामले में कोर्ट ने लाश को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए थे। बुधवार को तहसीलदार बागपत जसबीर सिंह, सीओ  श्वेताभ पांडेय, इंस्पेक्टर बड़ौत मुकेश कुमार, इंस्पेक्टर दोघट रणवीर सिंह यादव और कार्यवाहक एसआई धर्मेंद्र सिंह सिंधु पुलिसबल के साथ दोज्जा स्थित कब्रिस्तान पहुंचे। उधर, सालेनगर से निसार, मृतका का चाचा इसरार, आशु, भाई आसिफ, आबिद समेत 20 लोग पहुंचे। उधर, दोज्जा के सैकड़ों ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए, लेकिन चार घंटे की मशक्कत के बाद कब्र ही नहीं खोजी जा सकी। रुखसार के मायके वाले उसकी कब्र की पहचान ही नहीं करा सके। यहां कई घंटे तक ऊहापोह की स्थिति बनी रही। आरोप लगाया कि दोज्जा के ग्रामीण धमकी दे रहे हैं कि किसी दूसरी कब्र को खुदवा दिया तो अच्छा नही होगा। निसार ने पुलिस से आठ दिन का समय मांगते हुए कहा कि वह अपने पक्ष के कुछ ओर लोगों को लेकर आएगा, तब जाकर वह कब्र खुदवाएगा। इसके बाद पुलिस-प्रशासन यहां से लौट गया।

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क्या है रूखसार प्रकरण?
मेरठ के सालेनगर निवासी निसार पुत्र मोहमद अली ने रुखसार का निकाह 26 अगस्त 2012 को बिनौली थाने के दोज्जा गांव निवासी शहजाद पुत्र यामीन के साथ किया था। 24 नवंबर 2016 को रुखसार की हालत बिगड़ गई, जिसे मेरठ के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, अगले ही दिन यहां उसकी मौत हो गई। निसार का कहना था कि उसकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। बगैर पोस्टमार्टम के ही रुखसार को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया था। निसार ने 18 जनवरी को कोर्ट में दहेज हत्या का प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट के आदेश पर बिनौली थाने पर रुखसार के पति शहजाद, ससुर यामीन, जेठ जाहिद, जेठानी , देवर नौशाद, ननद, चचिया ससुर जाकिर और सरफराज सहित आठ के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें कब्र से शव को निकालकर पोस्टमार्टम कराया जाना था।
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मुर्दा बदलने का भी आरोप लगाया
निसार का कहना था कि जिस कब्र को हमने पहचानने की कोशिश की है, आरोपियों ने उस कब्र को खोदकरकर कब्र का मुर्दा बदल दिया है। जिसके बाद उसने प्रशासन से आठ दिन का समय मांगा। 


 

क्या कहते हैं दोज्जा के ग्रामीण?
दोज्जा के ग्रामीणों का कहना है कि रुखसार की मौत के बाद कई बार पंचायत हो चुकी है। रुखसार  के दोनों बच्चों की परवरिश की जा रही है, उनके नाम एक बीघा जमीन भी कर दी गई है। पुलिस मामले की सही जांच करेगी तो असलियत खुलकर सामने आ जाएगी। लड़की पक्ष पर बार-बार पंचायत के फैसलों से मुकर जाने का भी आरोप दोज्जा के ग्रामीणों ने लगाया है।

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