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काठा में तनाव के हालात, फोर्स तैनात
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 01 Aug 2016 01:18 AM IST
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घटना की जानकारी लेती एसपी पूनम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
कांवड़ियों पर हमले, वाहनों में आगजनी और पथराव के बाद काठा गांव में तनाव के हालात है। डीएम और एसपी ने गांव में डेरा डाल लिया है। गली-गली में फोर्स तैनात है। घायल कांवड़ियों ने दोनों अधिकारियों को आपबीती सुनाई और कार्रवाई की मांग की। दोनों पक्षों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच के बाद आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।
काठा में बात बतंगड़ बन गई। दो पक्षों के लड़कों के बीच मामूली कहासुनी हुई थी। मसला केवल ट्रक हटाने का था। एक युवक के गाल पर चांटा मारा गया। धक्कामुक्की शुरू हो गई। इसके बाद कांवड़ियों पर पथराव किया गया। दर्जनभर कांवड़िए घायल हुए। एक घंटे में गांव की फिजां बिगड़ गई। गली-गली में फोर्स तैनात करदी गई है। डीएम और एसपी पूनम मौके पर मौजूद हैं।
पहले गिरफ्तारी, फिर हाईवे से हटेंगे
बागपत। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर हंगामा करने वाले लोगों का कहना था कि कांवड़ियों पर पथराव करने वालों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। पुलिस जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करेगी, जब तक हाईवे से नहीं हटेंगे। देर रात तक कांवड़ियों पर हमला करने वालों की गिरफ्तारी की मांग के लिए हंगामा चलता रहा।
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कांवड़ियों का मेडिकल, इंसाफ मांगा
बागपत। काठा गांव में पथराव में घायल हुए कांवड़िए देर रात मेडिकल के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां कांवड़ियों का हाल जानने के लिए लोगों का तांता लग गया। काठा के अलावा आसपास के गांवों के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। कांवड़ियों का कहना था कि उन पर हमला हुआ है। आरोपियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। उधर, मेडिकल को लेकर कुछ लोगों ने अस्पताल में हंगामा किया।
फायरिंग का आरोप, 11 नामजद
बागपत। कांवड़ियों ने बवालियों के एसपी पूनम को मौके ही नाम बताए। इनमें 11 लोगों को नामजद करते हुए 25-26 लोगों के खिलाफ शिकायत की गई है। आरोप था कि कांवड़ पर पथराव महिलाओं ने भी किया और फायरिंग भी की गई।
जत्थे पर पेट्रोल की केन फेंकने का आरोप
बागपत। एसपी से शिकायत की गई है कि कांवड़ियों के जत्थे पर पेट्रोल केन भी फेंकी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
माहौल बिगड़ने से बचाया
बागपत। काठा गांव के कुछ लोगों ने बेहद ही संयम से काम लिया। उग्र हुए लोगों को शांत किया। साथ ही पुलिस अफसरों से कार्रवाई कराने का भरोसा दिलाया।
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काठा में बात बतंगड़ बन गई। दो पक्षों के लड़कों के बीच मामूली कहासुनी हुई थी। मसला केवल ट्रक हटाने का था। एक युवक के गाल पर चांटा मारा गया। धक्कामुक्की शुरू हो गई। इसके बाद कांवड़ियों पर पथराव किया गया। दर्जनभर कांवड़िए घायल हुए। एक घंटे में गांव की फिजां बिगड़ गई। गली-गली में फोर्स तैनात करदी गई है। डीएम और एसपी पूनम मौके पर मौजूद हैं।
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पहले गिरफ्तारी, फिर हाईवे से हटेंगे
बागपत। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर हंगामा करने वाले लोगों का कहना था कि कांवड़ियों पर पथराव करने वालों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। पुलिस जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करेगी, जब तक हाईवे से नहीं हटेंगे। देर रात तक कांवड़ियों पर हमला करने वालों की गिरफ्तारी की मांग के लिए हंगामा चलता रहा।
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कांवड़ियों का मेडिकल, इंसाफ मांगा
बागपत। काठा गांव में पथराव में घायल हुए कांवड़िए देर रात मेडिकल के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां कांवड़ियों का हाल जानने के लिए लोगों का तांता लग गया। काठा के अलावा आसपास के गांवों के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। कांवड़ियों का कहना था कि उन पर हमला हुआ है। आरोपियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। उधर, मेडिकल को लेकर कुछ लोगों ने अस्पताल में हंगामा किया।
फायरिंग का आरोप, 11 नामजद
बागपत। कांवड़ियों ने बवालियों के एसपी पूनम को मौके ही नाम बताए। इनमें 11 लोगों को नामजद करते हुए 25-26 लोगों के खिलाफ शिकायत की गई है। आरोप था कि कांवड़ पर पथराव महिलाओं ने भी किया और फायरिंग भी की गई।
जत्थे पर पेट्रोल की केन फेंकने का आरोप
बागपत। एसपी से शिकायत की गई है कि कांवड़ियों के जत्थे पर पेट्रोल केन भी फेंकी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
माहौल बिगड़ने से बचाया
बागपत। काठा गांव के कुछ लोगों ने बेहद ही संयम से काम लिया। उग्र हुए लोगों को शांत किया। साथ ही पुलिस अफसरों से कार्रवाई कराने का भरोसा दिलाया।