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एसएसओ, लाइनमैन बंधक बनाए
ब्यूरो/अमर उजाला, दोघट
Updated Tue, 31 May 2016 12:39 AM IST
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जर्जर बिजली लाइन बदलवाने की मांग को लेकर मुलसम गांव के लोगों ने बिजलीघर पर सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने इस दौरान एसएसओ और लाइनमैनों को बंधक बना लिया।
बाद में छपरौली विधायक की ओर से फोन पर समस्या का शीघ्र समाधान कराए जाने का आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों ने एक सप्ताह के लिए धरना स्थगित कर दिया।
सोमवार को ग्रामीण बिजलीघर पहुंचे और ऊर्जा निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने बिजलीघर पर ताला जड़ दिया और यहां तैनात एसएसओ महेश कुमार और दो लाइनमैनों को बंधक बना लिया। धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना था कि गांव में 40 साल पहले विद्युत लाइन खींची गई थी।
अब इसके तार जर्जर हो चुके हैं और आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं। इससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस लाइन के तारों को बदलवाने के लिए वे कई बार ऊर्जा निगम के अधिकारियों से मिले, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। तार बदलने जाने तक धरना जारी रहेगा। एसएसओ ने मोबाइल पर इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
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अधिकारियों ने फोन पर ही धरने पर बैठे ग्रामीणों से वार्ता की, लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने अधिकारियों से धरना स्थल पर ही आने को कहा। चार घंटे तक भी जब कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो उनमें आक्रोश व्याप्त हो गया। इसके बाद छपरौली के रालोद विधायक वीरपाल राठी ने ग्रामीणों को फोन कर एक सप्ताह में समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
इस पर ग्रामीणों ने धरना एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया। इस दौरान पवन कुमार, श्रीचंद, रणपाल, अमित, बाबू खां, संदीप, महेश, ब्रह्मचारी आर्य, देवेंद्र, संजीव कुमार, सतपाल, सत्यपाल शर्मा, रामनाथ आदि मौजूद रहे।
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बाद में छपरौली विधायक की ओर से फोन पर समस्या का शीघ्र समाधान कराए जाने का आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों ने एक सप्ताह के लिए धरना स्थगित कर दिया।
सोमवार को ग्रामीण बिजलीघर पहुंचे और ऊर्जा निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने बिजलीघर पर ताला जड़ दिया और यहां तैनात एसएसओ महेश कुमार और दो लाइनमैनों को बंधक बना लिया। धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना था कि गांव में 40 साल पहले विद्युत लाइन खींची गई थी।
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अब इसके तार जर्जर हो चुके हैं और आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं। इससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस लाइन के तारों को बदलवाने के लिए वे कई बार ऊर्जा निगम के अधिकारियों से मिले, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। तार बदलने जाने तक धरना जारी रहेगा। एसएसओ ने मोबाइल पर इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
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अधिकारियों ने फोन पर ही धरने पर बैठे ग्रामीणों से वार्ता की, लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने अधिकारियों से धरना स्थल पर ही आने को कहा। चार घंटे तक भी जब कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो उनमें आक्रोश व्याप्त हो गया। इसके बाद छपरौली के रालोद विधायक वीरपाल राठी ने ग्रामीणों को फोन कर एक सप्ताह में समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
इस पर ग्रामीणों ने धरना एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया। इस दौरान पवन कुमार, श्रीचंद, रणपाल, अमित, बाबू खां, संदीप, महेश, ब्रह्मचारी आर्य, देवेंद्र, संजीव कुमार, सतपाल, सत्यपाल शर्मा, रामनाथ आदि मौजूद रहे।