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बावली में हप्पू और गांगनौली में प्रवीण ने डाला डेरा
ब्यूरो/अमर उजाला,बागपत
Updated Sat, 26 Nov 2016 12:58 AM IST
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बागपत में 50 हजार रुपये के इनामी अजीत उर्फ हप्पू ने बावली और अपराधी प्रवीण ने गांगनौली गांव में अपने साथियों के साथ डेरा डाल दिया है। ऐसी स्थिति में उनके बीच कभी भी गैंगवार हो सकती है। जानकारी मिलने पर पुलिस ने उसको पकड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।
गांगनौली गांव का प्रवीण राठी, मोस्टवांटेड रहे प्रमोद का भाई है। अजीत उर्फ हप्पू निवासी बावली भी प्रमोद गांगनौली गैंग का सदस्य रहा है। प्रमोद की तीन अगस्त 2015 को छपरौली क्षेत्र के लूंब गांव के जंगल में हत्या हो गई थी। उसकी हत्या में अजीत उर्फ हप्पू और हिस्ट्रीशीटर परमवीर तुगाना का नाम पुलिस की विवेचना में सामने आया था। हालांकि उस समय प्रमोद के परिजनों ने पुलिस की कहानी को गलत बताते हुए रंजिश में हत्या होने का दावा किया था। उन्होंने कई लोगों के खिलाफ पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन तभी से गैंग में फूट पड़ गई थी। कुछ अपराधी प्रमोद गैंग में रह गए थे तो कुछ परमवीर और हप्पू के साथ चले गए थे। जेल में बंद दोनों गैंग के अपराधियों का आपस में कई बार झगड़ा हो चुका है और एक-दूसरे को मारने की धमकी दे रहे हैं। जेल से बाहर भी दोनों गैंग के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।
प्रवीण अपने भाई की हत्या का बदलने लेने के लिए बौखलाया हुआ है। फिलहाल प्रवीण अपने साथियों के साथ गांगनौली के जंगल में डेरा डाले हुए हैं और हप्पू भी बावली और आसपास के क्षेत्र में ही घूम रहा है। ऐसी स्थिति में उनके बीच कभी भी गैंगवार हो सकती है। पुलिस को भी इसकी जानकारी मिल रही है। उन पर निगरानी जारी है।
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गांगनौली गांव का प्रवीण राठी, मोस्टवांटेड रहे प्रमोद का भाई है। अजीत उर्फ हप्पू निवासी बावली भी प्रमोद गांगनौली गैंग का सदस्य रहा है। प्रमोद की तीन अगस्त 2015 को छपरौली क्षेत्र के लूंब गांव के जंगल में हत्या हो गई थी। उसकी हत्या में अजीत उर्फ हप्पू और हिस्ट्रीशीटर परमवीर तुगाना का नाम पुलिस की विवेचना में सामने आया था। हालांकि उस समय प्रमोद के परिजनों ने पुलिस की कहानी को गलत बताते हुए रंजिश में हत्या होने का दावा किया था। उन्होंने कई लोगों के खिलाफ पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन तभी से गैंग में फूट पड़ गई थी। कुछ अपराधी प्रमोद गैंग में रह गए थे तो कुछ परमवीर और हप्पू के साथ चले गए थे। जेल में बंद दोनों गैंग के अपराधियों का आपस में कई बार झगड़ा हो चुका है और एक-दूसरे को मारने की धमकी दे रहे हैं। जेल से बाहर भी दोनों गैंग के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।
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प्रवीण अपने भाई की हत्या का बदलने लेने के लिए बौखलाया हुआ है। फिलहाल प्रवीण अपने साथियों के साथ गांगनौली के जंगल में डेरा डाले हुए हैं और हप्पू भी बावली और आसपास के क्षेत्र में ही घूम रहा है। ऐसी स्थिति में उनके बीच कभी भी गैंगवार हो सकती है। पुलिस को भी इसकी जानकारी मिल रही है। उन पर निगरानी जारी है।
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