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मथुरा का गैंग कर रहा बागपत में टैंकरों से दूध चोरी
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 29 Aug 2015 12:55 AM IST
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बागपत के गौरीपुर मोड़ पर एक घेर में टैंकर से दूध चोरी करते हुए पकड़े गए आरोपियों ने जेल जाने से पूर्व शनिवार को सनसनीखेज खुलासा किया है। उनका कहना है कि यह गोरखधंधा मथुरा के तारा सिंह के इशारों पर चल रहा है। वे लोग एक टैंकर से एक दिन में 300-400 लीटर दूध की चोरी करते थे। रोजाना कई टैंकरों से दूध निकाला जाता। उसके बाद दूध की बाजार में सप्लाई करते थे।
पकड़े गए आरोपी मथुरा के छाता निवासी मोनू का कहना है कि उन्हें यहां पर मथुरा का तारा सिंह छोड़कर गया था। उसने ही दूध के टैंकर वालों से सेटिंग कर रखी है। उनका काम तो टैंकरों से दूध निकालने तथा इतना ही टैंकरों में पानी भरना का था। वे पिछले ढाई माह से इस काम को कर रहे हैं।
दूध को बाजार में 30 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बेचा जाता था। उसने बताया कि इस काम के तारा सिंह प्रत्येक सदस्य को चार हजार रुपये प्रति माह देता है। तारा सिंह इस काम को कब से कर रहा है इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। इस गैंग में कई लोग शामिल है। लेकिन वे केवल तारा सिंह को ही जानते है। बागपत के लोगों के बारे में उन्होंने कहा कि वे इस बारे में ज्यादा नहीं जानते है कि कौन कहां का है?
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चालक को मिलते हैं तीन हजार रुपये
बागपत। आरोपियों का कहना है कि प्रति टैंकर, चालक और क्लीनर को दूध निकलवाने के ढाई से तीन हजार रुपये मिलते हैं।
सफेदपोश के दबाव में तो नहीं छोड़ा आरोपी?
बागपत। पुलिस ने मौके से तीन आरोपी पकड़े थे। इनमें घेर मालिक भी शामिल था। उनके पकड़े जाने के तुरंत बाद ही सफेदपोश पुलिसवालों से संपर्क करने लगे थे। कई लोग तो मौके पर ही पुलिसवालों से रुपये लेकर मामला रफा-दफा करने की बात कर रहे थे। लगातार पुलिस के पास सफेदपोशों के फोन आ रहे थे।
देर रात कोतवाली पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया। इसको लेकर पूरे दिन शहर में तरह-तरह की चर्चाएं चलती रही। आशंका लगाई जा रही है कि पुलिस ने सफेदपोश के दबाव में आरोपी को छोड़ा है। पुलिस पर सेटिंग करके आरोपी को छोड़ने की भी चर्चा चल रही है। एसपी शरद सचान का कहना है कि फिलहाल घेर मालिक को छोड़ा गया है। मामले की जांच की जा रही है। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
तीन आरोपी गए जेल
बागपत। इस मामले में मथुरा के मोहित, सुनील, मोनू और दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। कोतवाली प्रभारी रणवीर सिंह यादव का कहना है कि नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है। वहां से आरोपी जेल चले गए है। अज्ञात लोगों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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पकड़े गए आरोपी मथुरा के छाता निवासी मोनू का कहना है कि उन्हें यहां पर मथुरा का तारा सिंह छोड़कर गया था। उसने ही दूध के टैंकर वालों से सेटिंग कर रखी है। उनका काम तो टैंकरों से दूध निकालने तथा इतना ही टैंकरों में पानी भरना का था। वे पिछले ढाई माह से इस काम को कर रहे हैं।
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दूध को बाजार में 30 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बेचा जाता था। उसने बताया कि इस काम के तारा सिंह प्रत्येक सदस्य को चार हजार रुपये प्रति माह देता है। तारा सिंह इस काम को कब से कर रहा है इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। इस गैंग में कई लोग शामिल है। लेकिन वे केवल तारा सिंह को ही जानते है। बागपत के लोगों के बारे में उन्होंने कहा कि वे इस बारे में ज्यादा नहीं जानते है कि कौन कहां का है?
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चालक को मिलते हैं तीन हजार रुपये
बागपत। आरोपियों का कहना है कि प्रति टैंकर, चालक और क्लीनर को दूध निकलवाने के ढाई से तीन हजार रुपये मिलते हैं।
सफेदपोश के दबाव में तो नहीं छोड़ा आरोपी?
बागपत। पुलिस ने मौके से तीन आरोपी पकड़े थे। इनमें घेर मालिक भी शामिल था। उनके पकड़े जाने के तुरंत बाद ही सफेदपोश पुलिसवालों से संपर्क करने लगे थे। कई लोग तो मौके पर ही पुलिसवालों से रुपये लेकर मामला रफा-दफा करने की बात कर रहे थे। लगातार पुलिस के पास सफेदपोशों के फोन आ रहे थे।
देर रात कोतवाली पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया। इसको लेकर पूरे दिन शहर में तरह-तरह की चर्चाएं चलती रही। आशंका लगाई जा रही है कि पुलिस ने सफेदपोश के दबाव में आरोपी को छोड़ा है। पुलिस पर सेटिंग करके आरोपी को छोड़ने की भी चर्चा चल रही है। एसपी शरद सचान का कहना है कि फिलहाल घेर मालिक को छोड़ा गया है। मामले की जांच की जा रही है। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
तीन आरोपी गए जेल
बागपत। इस मामले में मथुरा के मोहित, सुनील, मोनू और दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। कोतवाली प्रभारी रणवीर सिंह यादव का कहना है कि नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है। वहां से आरोपी जेल चले गए है। अज्ञात लोगों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।