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किस सेंटर से लीक हुआ था अंग्रेजी का पेपर
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 07 Mar 2018 12:09 AM IST
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यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट कक्षा के अंग्रेजी (विज्ञान वर्ग) की परीक्षा निरस्त किए जाने से साबित हो गया कि जिले में ही गड़बड़ी हुई थी। सवाल यह है कि आखिर किस परीक्षा सेंटर से परीक्षा की गोपनीयता भंग हुई । डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने जांच कराई तो कई खामियां पकड़ी गई। सीसीटीवी फुटेज जांच में अहम भूमिका निभा सकती है।
27 फरवरी 2018 को अंग्रेजी द्वितीय की परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र वायरल हो गया था। मूल प्रति वायरल होने से लखनऊ और इलाहाबाद तक हड़कंप मचा। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने प्रकरण को गंभीरता से लेकर तीन सदस्यीय टीम से जांच कराई।
टीम की रिपोर्ट के बाद प्रकरण की जांच एसटीएफ से कराने और दोबारा परीक्षा कराने की संस्तुति की गई थी। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अब यह परीक्षा 13 मार्च को द्वितीय पाली में कराने का निर्णय लिया है। दोबारा परीक्षा होने से तय हो गया कि बोर्ड ने जिले में गड़बड़ी को माना है।
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अब सवाल है कि आखिर किस सेंटर से यह गड़बड़ी हुई। परीक्षा शुरू होने से पहले पेपर की मूल कॉपी वायरल करने में कौन लोग शामिल हैं। किस सेंटर पर कितने बजे पेपर खोला गया। जांच में सीसीटीवी कैमरों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
पेपर लीक का दूसरा साल और फिर से दोबारा परीक्षा कराए जाने की तैयारी। लेकिन सवाल है कि क्या इस बार पुलिस-प्रशासन के हाथ शिक्षा माफिया तक पहुंचेेंगे। आखिर वह कौन शातिर है, जिसके मोबाइल से पेपर वायरल का खेल होता है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता है। क्योंकि पिछले साल हुए मामले की जांच भी लटकी है। अधिकारी बदल गए, लेकिन हालात नहीं बदले।
ना-नुकुर के बाद दोबारा परीक्षा कराने पर हामी
बागपत। परीक्षा शुरू होने से पहले पेपर वायरल होने को पहले शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसे पेपर लीक का मामला नहीं माना था। तब अधिकारियों का कहना था कि परीक्षा से 15 से 20 मिनट पहले पेपर खोल लिया जाना आम है।
जबकि शिकायतकर्ता निलंबित प्रधानाचार्य सुक्रमपाल तोमर का कहना है कि उन्होंने काफी समय पहले ही संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ला को व्हाट्स एप के जरिए सूचना भेज दी थी। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने जांच कराई तो गड़बड़ी की परतें खुलने लगी। टीम की रिपोर्ट के बाद पुन: परीक्षा की संस्तुति की गई।
इलाहाबाद जाएंगी निरस्त कॉपियां
बागपत। डीआईओएस पीके मिश्रा ने बताया कि निरस्त परीक्षा की कॉपियों के बंडलों को परिषद के मुख्य कार्यालय इलाहाबाद भेजा जाएगा। इन कॉपियों को मूल्यांकन केंद्रों पर नहीं भेजा जाएगा। इस बाबत निर्देश जारी कर दिए हैं।
मथुरा में इंटर जीवविज्ञान द्वितीय का पेपर आउट
मथुरा। अब मथुरा में इंटर जीवविज्ञान द्वितीय का पेपर आउट हो गया है। पांच मार्च को जीव विज्ञान प्रथम का प्रश्नपत्र था, लेकिन छाता के राजकीय हाईस्कूल तूमौला में सात मार्च को होने वाला जीव विज्ञान द्वितीय का पेपर बांट दिया गया था।
अब 74 परीक्षा केंद्रों पर बदले हुए प्रश्नपत्र से परीक्षा कराई जाएगी। इस मामले में केंद्र व्यवस्थापक को हटाकर सेंटर को पांच साल के लिए डिबार कर दिया गया है। मथुरा में पांच मार्च सोमवार को इंटर जीव विज्ञान प्रथम की परीक्षा थी। इस दिन छाता के राजकीय हाईस्कूल तूमौला में जीव विज्ञान द्वितीय प्रश्न पत्र का पैकेट खुल गया।
यह पेपर छात्रों में बांट भी दिए गए। कुछ परीक्षार्थियों ने पेपर पढ़ने के बाद जब कक्ष निरीक्षक से द्वितीय प्रश्न पत्र बंटने की बात कही तो सभी को खामोश करते हुए चुपके से सभी से यह प्रश्नपत्र वापस ले लिया गया। आरोप है कि केंद्र व्यवस्थापक महेंद्र प्रताप बैनीवाल ने मामले को दबाने का प्रयास करते हुए छात्रों को भी सख्त हिदायत दी कि इस बात का जिक्र वह किसी से न करें।
लेकिन, मंगलवार दोपहर बाद किसी ने डीआईओएस डा. अरुण कुमार दुबे के फोन पर इस बात की जानकारी दी। इस पर कंट्रोल रूम से टीम लेकर डीआईओएस विद्यालय पहुंचे, यहां मामला सही पाया गया। डीआईओएस डा.अरुण कुमार दुबे ने बताया केंद्र व्यवस्थापक महेंद्र प्रताप बैनीवाल को हटाकर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
वहीं केंद्र को पांच साल के लिए डिबार करने की संस्तुति की गई है। पूजा गौतम को केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले मथुरा के मगोर्रा में गणित द्वितीय का पेपर भी लीक हो चुका है।
74 परीक्षा केंद्रों पर बदलेगा पेपर
मथुरा। राजकीय हाईस्कूल तूमौला में इंटर जीवविज्ञान द्वितीय प्रश्न पत्र कोड संख्या 00688 लीक हुआ था। इस कोड का प्रश्नपत्र जिले में 74 परीक्षा केंद्रों पर था। डीआईओएस ने बताया कि बुधवार को परीक्षा के लिए दूसरा प्रश्नपत्र मंगाया गया है। अब 74 परीक्षा केंद्रों पर बदले पेपर से परीक्षा होगी।
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27 फरवरी 2018 को अंग्रेजी द्वितीय की परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र वायरल हो गया था। मूल प्रति वायरल होने से लखनऊ और इलाहाबाद तक हड़कंप मचा। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने प्रकरण को गंभीरता से लेकर तीन सदस्यीय टीम से जांच कराई।
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टीम की रिपोर्ट के बाद प्रकरण की जांच एसटीएफ से कराने और दोबारा परीक्षा कराने की संस्तुति की गई थी। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अब यह परीक्षा 13 मार्च को द्वितीय पाली में कराने का निर्णय लिया है। दोबारा परीक्षा होने से तय हो गया कि बोर्ड ने जिले में गड़बड़ी को माना है।
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अब सवाल है कि आखिर किस सेंटर से यह गड़बड़ी हुई। परीक्षा शुरू होने से पहले पेपर की मूल कॉपी वायरल करने में कौन लोग शामिल हैं। किस सेंटर पर कितने बजे पेपर खोला गया। जांच में सीसीटीवी कैमरों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
पेपर लीक का दूसरा साल और फिर से दोबारा परीक्षा कराए जाने की तैयारी। लेकिन सवाल है कि क्या इस बार पुलिस-प्रशासन के हाथ शिक्षा माफिया तक पहुंचेेंगे। आखिर वह कौन शातिर है, जिसके मोबाइल से पेपर वायरल का खेल होता है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता है। क्योंकि पिछले साल हुए मामले की जांच भी लटकी है। अधिकारी बदल गए, लेकिन हालात नहीं बदले।
ना-नुकुर के बाद दोबारा परीक्षा कराने पर हामी
बागपत। परीक्षा शुरू होने से पहले पेपर वायरल होने को पहले शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसे पेपर लीक का मामला नहीं माना था। तब अधिकारियों का कहना था कि परीक्षा से 15 से 20 मिनट पहले पेपर खोल लिया जाना आम है।
जबकि शिकायतकर्ता निलंबित प्रधानाचार्य सुक्रमपाल तोमर का कहना है कि उन्होंने काफी समय पहले ही संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ला को व्हाट्स एप के जरिए सूचना भेज दी थी। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने जांच कराई तो गड़बड़ी की परतें खुलने लगी। टीम की रिपोर्ट के बाद पुन: परीक्षा की संस्तुति की गई।
इलाहाबाद जाएंगी निरस्त कॉपियां
बागपत। डीआईओएस पीके मिश्रा ने बताया कि निरस्त परीक्षा की कॉपियों के बंडलों को परिषद के मुख्य कार्यालय इलाहाबाद भेजा जाएगा। इन कॉपियों को मूल्यांकन केंद्रों पर नहीं भेजा जाएगा। इस बाबत निर्देश जारी कर दिए हैं।
मथुरा में इंटर जीवविज्ञान द्वितीय का पेपर आउट
मथुरा। अब मथुरा में इंटर जीवविज्ञान द्वितीय का पेपर आउट हो गया है। पांच मार्च को जीव विज्ञान प्रथम का प्रश्नपत्र था, लेकिन छाता के राजकीय हाईस्कूल तूमौला में सात मार्च को होने वाला जीव विज्ञान द्वितीय का पेपर बांट दिया गया था।
अब 74 परीक्षा केंद्रों पर बदले हुए प्रश्नपत्र से परीक्षा कराई जाएगी। इस मामले में केंद्र व्यवस्थापक को हटाकर सेंटर को पांच साल के लिए डिबार कर दिया गया है। मथुरा में पांच मार्च सोमवार को इंटर जीव विज्ञान प्रथम की परीक्षा थी। इस दिन छाता के राजकीय हाईस्कूल तूमौला में जीव विज्ञान द्वितीय प्रश्न पत्र का पैकेट खुल गया।
यह पेपर छात्रों में बांट भी दिए गए। कुछ परीक्षार्थियों ने पेपर पढ़ने के बाद जब कक्ष निरीक्षक से द्वितीय प्रश्न पत्र बंटने की बात कही तो सभी को खामोश करते हुए चुपके से सभी से यह प्रश्नपत्र वापस ले लिया गया। आरोप है कि केंद्र व्यवस्थापक महेंद्र प्रताप बैनीवाल ने मामले को दबाने का प्रयास करते हुए छात्रों को भी सख्त हिदायत दी कि इस बात का जिक्र वह किसी से न करें।
लेकिन, मंगलवार दोपहर बाद किसी ने डीआईओएस डा. अरुण कुमार दुबे के फोन पर इस बात की जानकारी दी। इस पर कंट्रोल रूम से टीम लेकर डीआईओएस विद्यालय पहुंचे, यहां मामला सही पाया गया। डीआईओएस डा.अरुण कुमार दुबे ने बताया केंद्र व्यवस्थापक महेंद्र प्रताप बैनीवाल को हटाकर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
वहीं केंद्र को पांच साल के लिए डिबार करने की संस्तुति की गई है। पूजा गौतम को केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले मथुरा के मगोर्रा में गणित द्वितीय का पेपर भी लीक हो चुका है।
74 परीक्षा केंद्रों पर बदलेगा पेपर
मथुरा। राजकीय हाईस्कूल तूमौला में इंटर जीवविज्ञान द्वितीय प्रश्न पत्र कोड संख्या 00688 लीक हुआ था। इस कोड का प्रश्नपत्र जिले में 74 परीक्षा केंद्रों पर था। डीआईओएस ने बताया कि बुधवार को परीक्षा के लिए दूसरा प्रश्नपत्र मंगाया गया है। अब 74 परीक्षा केंद्रों पर बदले पेपर से परीक्षा होगी।