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बाबू को सात साल की सजा सुनाई गई
ब्यूरो/अमर उजाला,बागपत
Updated Fri, 25 Nov 2016 12:50 AM IST
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बागपत में स्वास्थ्य विभाग में सरकारी रकम का गबन करने के आरोपी बाबू (लिपिक) भगवान सिंह को सीजेएम कोर्ट ने दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई और दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
एसपीओ एसके सिंह के मुताबिक छपरौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तत्कालीन अधीक्षक डाक्टर प्रवीण कुमार ने छह अक्टूबर 2013 को छपरौली थाने में तहरीर दी थी कि स्वास्थ्य विभाग में बाबू (लिपिक) के पद पर कार्यरत भगवान सिंह ने सीएचसी में टीकाकरण और अन्य मदों में मिलने वाली सरकारी धनराशि का क्रमश : 45300, 23212 और 19100 रुपये का गबन कर लिया है। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर किया था। आरोपी भगवान सिंह जमानत पर जेल से आ गया था। केस सीजेएम मुकेश कुमार सिंह की कोर्ट में चल रहा था। एसपीओ ने बताया कि कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर आरोपी भगवान सिंह को दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई तथा 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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एसपीओ एसके सिंह के मुताबिक छपरौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तत्कालीन अधीक्षक डाक्टर प्रवीण कुमार ने छह अक्टूबर 2013 को छपरौली थाने में तहरीर दी थी कि स्वास्थ्य विभाग में बाबू (लिपिक) के पद पर कार्यरत भगवान सिंह ने सीएचसी में टीकाकरण और अन्य मदों में मिलने वाली सरकारी धनराशि का क्रमश : 45300, 23212 और 19100 रुपये का गबन कर लिया है। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर किया था। आरोपी भगवान सिंह जमानत पर जेल से आ गया था। केस सीजेएम मुकेश कुमार सिंह की कोर्ट में चल रहा था। एसपीओ ने बताया कि कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर आरोपी भगवान सिंह को दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई तथा 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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