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मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा खनन का बवाल
Updated Sun, 25 Feb 2018 01:08 AM IST
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बागपत। गौरीपुर-निवाड़ा यमुना खादर में हुए बवाल के मामले में निवाड़ा के ग्रामीणों को झूठा फंसाने का आरोप लगाकर पूर्व प्रधान रिफाकत अली ने आईजी, डीआई, राज्य मानवाधिकार आयोग लखनऊ, एसपी और डीएम बागपत को पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराकर निर्दोष ग्रामीणों को झूठे मुकदमे में फंसाने बचाने की मांग की है।
निवाड़ा गांव के पूर्व प्रधान रिफाकत अली पुत्र इमामुद्दीन ने अधिकारियों को दिए पत्र में बताया कि निवाड़ा के यमुना खादर में 22 फरवरी को किसानों व रेत खनन के पट्टेदारों के बीच झगड़ा हो गया । उन्होंने और उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने न तो कोई झगड़ा कराया है और न ही इस झगड़े में शामिल रहे, वे घटना स्थल पर भी मौजूद नहीं थे। वे तो उस समय शादी में शामिल होने के लिए सहारनपुर जा रहे थे। बागपत कोतवाली प्रभारी ने उन्हें फोन पर वारदात की जानकारी दी और किसानों को समझाने के लिए उन्हें बुलाया । जब वह घटना स्थल पर पहुंचा तो झगड़ा करने वाले लोग भाग चुके थे और एसपी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। गांव की पार्टीबाजी के कारण मुकदमे में झूठा फसाने के लिए उनका और उसके परिजनों इंतजार, अफजाल, नियाजू, शेरा, शारिक, नदीक का नाम घटना में खनन ठेकेदार के कर्मचारियों के साथ घटना में शामिल दिखाकर झूठे लिखाए गए हैं। जबकि उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर उनके परिजनों की गलत एवं झूठी नामजदगी को समाप्त कराकर झूठे मुकदमे मेें फसाने से बचाया जाए।
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निवाड़ा गांव के पूर्व प्रधान रिफाकत अली पुत्र इमामुद्दीन ने अधिकारियों को दिए पत्र में बताया कि निवाड़ा के यमुना खादर में 22 फरवरी को किसानों व रेत खनन के पट्टेदारों के बीच झगड़ा हो गया । उन्होंने और उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने न तो कोई झगड़ा कराया है और न ही इस झगड़े में शामिल रहे, वे घटना स्थल पर भी मौजूद नहीं थे। वे तो उस समय शादी में शामिल होने के लिए सहारनपुर जा रहे थे। बागपत कोतवाली प्रभारी ने उन्हें फोन पर वारदात की जानकारी दी और किसानों को समझाने के लिए उन्हें बुलाया । जब वह घटना स्थल पर पहुंचा तो झगड़ा करने वाले लोग भाग चुके थे और एसपी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। गांव की पार्टीबाजी के कारण मुकदमे में झूठा फसाने के लिए उनका और उसके परिजनों इंतजार, अफजाल, नियाजू, शेरा, शारिक, नदीक का नाम घटना में खनन ठेकेदार के कर्मचारियों के साथ घटना में शामिल दिखाकर झूठे लिखाए गए हैं। जबकि उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर उनके परिजनों की गलत एवं झूठी नामजदगी को समाप्त कराकर झूठे मुकदमे मेें फसाने से बचाया जाए।
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