{"_id":"5b37da4d4f1c1bf16e8bab2b","slug":"21530387021-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रंजिश में की थी संदीप उर्फ पट्टू की हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रंजिश में की थी संदीप उर्फ पट्टू की हत्या
Updated Sun, 01 Jul 2018 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। फैजपुर निनाना गांव के संदीप उर्फ पट्टू की हत्या रंजिश के चलते आईटीबीपी के जवान ने अपने भांजे के साथ मिलकर की। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त दो तमंचे और बाइक बरामद हुई है। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा।
एसपी जयप्रकाश ने बताया कि 23 जून की रात में फैजपुर निनाना गांव में संदीप उर्फ पट्टू पुत्र स्वर्गीय शौकीन पाल की हत्या की। मृतक की मां सतवीरी देवी ने 24 जून को कोतवाली में अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना के दौरान प्रकाश में आए यशपाल पुत्र अजब सिंह निवासी फैजपुर निनाना और अजेंद्र पुत्र कृष्णपाल निवासी बामनौली को गिरफ्तार किया। यशपाल आईटीबीपी का जवान है और अजेंद्र रोडवेज में बस चालक है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक संदीप के दादा और आरोपी यशपाल के पिता सगे भाई हैं। 1989 में यशपाल के भाई जग रूप की हत्या हुई। इसमें महक सिंह पुत्र ब्रहम सिंह, जगपाल पुत्र भंवर सिंह, ओम सिंह पुत्र भंवर सिंह निवासी फैजपुर निनाना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई । मृतक संदीप का पिता स्वर्गीय शौकीन पाल ने आरोपियों की पैरवी की । 2001 में यशपाल पुत्र अजब सिंह और राजीव पुत्र तेजपाल के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज हुआ। इसकी पैरवी मृतक संदीप करा रहा था। इसे लेकर उन्होंने संदीप की हत्या की। दोनों ने संदीप को दो-दो गोली मारी । पुलिस ने उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त 315 बोर के दो तमंचे और बाइक बरामद की। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। कोर्ट से उन्हें जेल भेजा।
29 साल पहले शुरू हुई थी रंजिश
बागपत। फैजपुर निनाना गांव में 29 साल पहले रंजिश की नींव रखी। मृतक संदीप के दादा और आरोपी यशपाल के पिता सगे भाई हैं। दोनों का साझेदारी में ट्यूबवेल था। इससे दोनों खेतों की सिंचाई करते थे। ट्यूबवेल से 1989 में मोटर चोरी हो गया । अजब सिंह ने महक सिंह पुत्र ब्रहम सिंह और जगपाल पुत्र भंवर सिंह निवासी फैजपुर निनाना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई । मृतक संदीप का पिता स्वर्गीय शौकीन पाल ने आरोपियों की पैरवी की। इस कारण दोनों में रंजिश हो गई। 1989 में ही यशपाल के भाई जग रूप की हत्या हुई। इसमें महक सिंह पुत्र ब्रहम सिंह, जगपाल पुत्र भंवर सिंह और ओम सिंह पुत्र भंवर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इसकी भी पैरवी मृतक के पिता शौकीन पाल ने की।
विज्ञापन
रेप में सजा, आईटीबीपी में हुआ भर्ती
बागपत। पुलिस ने बताया कि आरोपी आईटीबीपी के जवान यशपाल ने अपने साथी राजीव पुत्र तेजपाल के साथ मिलकर 2001 में रेप की वारदात की। इसमें यशपाल को 10 साल की सजा और जुर्माना हुआ । इस तथ्य को छिपाकर वह 2009 में आईटीबीपी में भर्ती हो गया। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि भर्ती के मामले में जिस भी दरोगा ने जांच की होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। आईटीबीपी के हैड ऑफिस में यशपाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।
योजना बनाकर दिया वारदात को अंजाम
बागपत। पुलिस ने बताया कि आरोपी आईटीबीपी का जवान यशपाल अमृतसर में तैनात है। 22 जून की रात को वह छुट्टी लेकर घर आया। 23 की सुबह चार बजे वह घर से बामनौली गांव में भांजे अजेंद्र के पास पहुंचा। पूरे दिन यहां पर दोनों ने संदीप की हत्या की योजना बनाई। रात्रि में साढ़े 12 बजे दोनों फैजपुर निनाना गांव पहुंचे और संदीप की हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों बामनौली गांव पहुंचे । 24 की सुबह यशपाल बड़ौत रेलवे स्टेशन से दिल्ली चला गया और दिल्ली से सीधे घर पहुंचा। ग्रामीणों को बताया कि वह आज की छुट्टी से लौटकर आया है।
अंतिम संस्कार तक परिवार के साथ रहा आरोपी
बागपत। आरोपी यशपाल संदीप के शव का पोस्टमार्टम कराने से लेकर अंतिम संस्कार तक परिजनों के साथ रहा, लेकिन किसी को उस पर शक नहीं हुआ। मृतक संदीप का रिश्ते में वह चाचा लगता है। आरोपी यशपाल ने बताया कि कई साल पहले दोघट निवासी सोनू का मर्डर हुआ। सोनू के हथियार उसके पास ही रखे थे। उसके ही हथियारों से उन्होंने हत्याकांड को अंजाम दिया।
रोडवेज बस चलाता है आरोपी अजेंद्र
बागपत। आरोपी अजेंद्र रोडवेज बस पर चालक है। दिल्ली- ऋषिकेश मार्ग पर बस चलाता है। उसने उसका मामा यशपाल धोखे से बुलाकर ले गया। योजना के बारे में कुछ नहीं बताया। मृतक संदीप के घेर में योजना बनाई। यदि उसे पता होता कि वह संदीप की हत्या करने जा रहा है तो मर्डर नहीं होने देता, क्योंकि संदीप भी उसका रिश्तेदार था। दो दिन बाद मामा-भांजे का झगड़ा हो गया।
विज्ञापन
एसपी जयप्रकाश ने बताया कि 23 जून की रात में फैजपुर निनाना गांव में संदीप उर्फ पट्टू पुत्र स्वर्गीय शौकीन पाल की हत्या की। मृतक की मां सतवीरी देवी ने 24 जून को कोतवाली में अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना के दौरान प्रकाश में आए यशपाल पुत्र अजब सिंह निवासी फैजपुर निनाना और अजेंद्र पुत्र कृष्णपाल निवासी बामनौली को गिरफ्तार किया। यशपाल आईटीबीपी का जवान है और अजेंद्र रोडवेज में बस चालक है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक संदीप के दादा और आरोपी यशपाल के पिता सगे भाई हैं। 1989 में यशपाल के भाई जग रूप की हत्या हुई। इसमें महक सिंह पुत्र ब्रहम सिंह, जगपाल पुत्र भंवर सिंह, ओम सिंह पुत्र भंवर सिंह निवासी फैजपुर निनाना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई । मृतक संदीप का पिता स्वर्गीय शौकीन पाल ने आरोपियों की पैरवी की । 2001 में यशपाल पुत्र अजब सिंह और राजीव पुत्र तेजपाल के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज हुआ। इसकी पैरवी मृतक संदीप करा रहा था। इसे लेकर उन्होंने संदीप की हत्या की। दोनों ने संदीप को दो-दो गोली मारी । पुलिस ने उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त 315 बोर के दो तमंचे और बाइक बरामद की। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। कोर्ट से उन्हें जेल भेजा।
विज्ञापन
29 साल पहले शुरू हुई थी रंजिश
बागपत। फैजपुर निनाना गांव में 29 साल पहले रंजिश की नींव रखी। मृतक संदीप के दादा और आरोपी यशपाल के पिता सगे भाई हैं। दोनों का साझेदारी में ट्यूबवेल था। इससे दोनों खेतों की सिंचाई करते थे। ट्यूबवेल से 1989 में मोटर चोरी हो गया । अजब सिंह ने महक सिंह पुत्र ब्रहम सिंह और जगपाल पुत्र भंवर सिंह निवासी फैजपुर निनाना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई । मृतक संदीप का पिता स्वर्गीय शौकीन पाल ने आरोपियों की पैरवी की। इस कारण दोनों में रंजिश हो गई। 1989 में ही यशपाल के भाई जग रूप की हत्या हुई। इसमें महक सिंह पुत्र ब्रहम सिंह, जगपाल पुत्र भंवर सिंह और ओम सिंह पुत्र भंवर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इसकी भी पैरवी मृतक के पिता शौकीन पाल ने की।
विज्ञापन
रेप में सजा, आईटीबीपी में हुआ भर्ती
बागपत। पुलिस ने बताया कि आरोपी आईटीबीपी के जवान यशपाल ने अपने साथी राजीव पुत्र तेजपाल के साथ मिलकर 2001 में रेप की वारदात की। इसमें यशपाल को 10 साल की सजा और जुर्माना हुआ । इस तथ्य को छिपाकर वह 2009 में आईटीबीपी में भर्ती हो गया। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि भर्ती के मामले में जिस भी दरोगा ने जांच की होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। आईटीबीपी के हैड ऑफिस में यशपाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।
योजना बनाकर दिया वारदात को अंजाम
बागपत। पुलिस ने बताया कि आरोपी आईटीबीपी का जवान यशपाल अमृतसर में तैनात है। 22 जून की रात को वह छुट्टी लेकर घर आया। 23 की सुबह चार बजे वह घर से बामनौली गांव में भांजे अजेंद्र के पास पहुंचा। पूरे दिन यहां पर दोनों ने संदीप की हत्या की योजना बनाई। रात्रि में साढ़े 12 बजे दोनों फैजपुर निनाना गांव पहुंचे और संदीप की हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों बामनौली गांव पहुंचे । 24 की सुबह यशपाल बड़ौत रेलवे स्टेशन से दिल्ली चला गया और दिल्ली से सीधे घर पहुंचा। ग्रामीणों को बताया कि वह आज की छुट्टी से लौटकर आया है।
अंतिम संस्कार तक परिवार के साथ रहा आरोपी
बागपत। आरोपी यशपाल संदीप के शव का पोस्टमार्टम कराने से लेकर अंतिम संस्कार तक परिजनों के साथ रहा, लेकिन किसी को उस पर शक नहीं हुआ। मृतक संदीप का रिश्ते में वह चाचा लगता है। आरोपी यशपाल ने बताया कि कई साल पहले दोघट निवासी सोनू का मर्डर हुआ। सोनू के हथियार उसके पास ही रखे थे। उसके ही हथियारों से उन्होंने हत्याकांड को अंजाम दिया।
रोडवेज बस चलाता है आरोपी अजेंद्र
बागपत। आरोपी अजेंद्र रोडवेज बस पर चालक है। दिल्ली- ऋषिकेश मार्ग पर बस चलाता है। उसने उसका मामा यशपाल धोखे से बुलाकर ले गया। योजना के बारे में कुछ नहीं बताया। मृतक संदीप के घेर में योजना बनाई। यदि उसे पता होता कि वह संदीप की हत्या करने जा रहा है तो मर्डर नहीं होने देता, क्योंकि संदीप भी उसका रिश्तेदार था। दो दिन बाद मामा-भांजे का झगड़ा हो गया।