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घायल राजमिस्त्री की मौत के बाद हाइवे जाम
Updated Wed, 20 Jun 2018 01:19 AM IST
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बागपत। ढोढरा गांव के झगड़े में घायल राज मिस्त्री दिलशाद की इलाज के दौरान दिल्ली में मौत होने से तनावपूर्ण स्थिति बन गई। परिजनों ने बागपत में कलक्ट्रेट के सामने हाईवे पर शव रखकर जाम लगाया। सीओ बागपत से उनकी नोंकझोंक हुई। एसडीएम ने परिजनों को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिस पर एक घंटे बाद जाम खोला। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के कारण तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के ढोढरा गांव निवासी राज मिस्त्री दिलशाद (35) पुत्र फतियाब 26 मार्च 2018 को झगड़े में गंभीर रूप से घायल हो गया । उसका लोक नायक अस्पताल दिल्ली में इलाज चला। मंगलवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की सूचना पर गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी गई। दिल्ली में पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को बागपत लेकर पहुंचे और कलक्ट्रेट के सामने दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर शव को रखकर जाम लगा दिया। महिला इस दौरान हाइवे पर धरना देकर बैठ गई। मृतक के भाई नौशाद ने बताया कि घटना को चार माह बीत चुके है, लेकिन बड़ौत पुलिस ने एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। जबकि उन्होंने 13 लोगों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई । पुलिस ने साज खाकर उल्टे उनके खिलाफ क्रास केस बना दिया। एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव, सीओ बागपत दिलीप सिंह, कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जाम लगा रहे लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। लोगों की पुलिस अधिकारियों से नोक झोंक हुई। एक घंटे बाद एसडीएम और सीओ के कार्रवाई करने का आश्वासन देने पर लोग शांत पड़े और जाम खोला। परिजनों ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सीओ दिलीप सिंह ने बताया मामला बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के ढोढरा गांव का है। झगड़े में घायल युवक की इलाज के दौरान दिल्ली में मौत हुई। बड़ौत कोतवाली पुलिस को मुकदमा हत्या की धारा में तरमीम करने के निर्देश दिए। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
बचपन में सिर से उठ गया पिता का साया
बागपत। मृतक दिलशाद राज मिस्त्री का काम करता था और परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। उसके एक बेटी और चार बेटे है। सबसे बड़ा बेटा साबाज (9), उससे छोटी बेटी शीबा (7), अरबाज (6), अजहर (3) व आठ माह का दिलशान है। पिता के शव के पास बड़े तीन बच्चे भी जाम में खड़े हुए थे और पिता की मौत पर रो रहे थे। मां मोदन और पत्नी खालिदा का भी रो-रो कर बुरा हाल था।
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गरीबों की नहीं, अमीरों की सुनती है पुलिस
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर शव के पास बैठी महिलाएं भी पुलिस को कोस रही थी। उनका कहना था कि पुलिस गरीबों के लिए काम नहीं करती है। पुलिस अमीर लोगों के लिए ही बनाई। उनके साथ अन्याय हुआ है, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
गर्मी से बिल बिलाए जाम में फंसे यात्री
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर यात्री एक घंटे तक जाम में फंसे रहे। बसों व अन्य वाहनों में सवार यात्री भीषण गर्मी में बिल बिला उठे। हाइवे पर दोनों तरफ कई-कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने रूट डायवर्ट कर दूसरे रास्तों से वाहनों को निकाला।
यह था मामला
बागपत। नौशाद ने बताया 26 मार्च 2018 को दिलशाद गांव में योगेश की दुकान पर कोल्ड ड्रिंक लेने गया । इसी समय दुकान पर बैठे समाज के 10-15 युवकों उसे मामूली बात को लेकर उसकी कहासुनी हो गई । इसी को लेकर युवकों ने तबल से उसके सिर पर वार कर घायल कर दिया । बचाव में आए पिता फतियाब, बहन रुखसाना, फरजाना और भाई नौशाद के साथ भी मारपीट की। इस मामले में उसने प्रवेश, पारुल, अंकित, राम कुमार, सुमित, लीलू, काला, मनीष, प्रताप समेत 13 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों से रिश्वत लेकर पीड़ित पक्ष के सात लोगों के खिलाफ क्रास केस दर्ज कराया । पीड़ित पक्ष के लोगों ने अपनी जमानत करा ली , लेकिन पुलिस ने एक भी आरोपी को आज तक गिरफ्तार नहीं किया। वे गांव में खुले घूम रहे हैं।
सुनी पड़ी थी गलियां, लोग दहशत में
बड़ौत। दिलशाद की मौत के बाद गांव की गलियां सुनी हो गई और कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं था। सभी लोग भयभीत हैं। देर शाम तक शव गांव नहीं पहुंचा।
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बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के ढोढरा गांव निवासी राज मिस्त्री दिलशाद (35) पुत्र फतियाब 26 मार्च 2018 को झगड़े में गंभीर रूप से घायल हो गया । उसका लोक नायक अस्पताल दिल्ली में इलाज चला। मंगलवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की सूचना पर गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी गई। दिल्ली में पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को बागपत लेकर पहुंचे और कलक्ट्रेट के सामने दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर शव को रखकर जाम लगा दिया। महिला इस दौरान हाइवे पर धरना देकर बैठ गई। मृतक के भाई नौशाद ने बताया कि घटना को चार माह बीत चुके है, लेकिन बड़ौत पुलिस ने एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। जबकि उन्होंने 13 लोगों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई । पुलिस ने साज खाकर उल्टे उनके खिलाफ क्रास केस बना दिया। एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव, सीओ बागपत दिलीप सिंह, कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जाम लगा रहे लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। लोगों की पुलिस अधिकारियों से नोक झोंक हुई। एक घंटे बाद एसडीएम और सीओ के कार्रवाई करने का आश्वासन देने पर लोग शांत पड़े और जाम खोला। परिजनों ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सीओ दिलीप सिंह ने बताया मामला बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के ढोढरा गांव का है। झगड़े में घायल युवक की इलाज के दौरान दिल्ली में मौत हुई। बड़ौत कोतवाली पुलिस को मुकदमा हत्या की धारा में तरमीम करने के निर्देश दिए। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
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बचपन में सिर से उठ गया पिता का साया
बागपत। मृतक दिलशाद राज मिस्त्री का काम करता था और परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। उसके एक बेटी और चार बेटे है। सबसे बड़ा बेटा साबाज (9), उससे छोटी बेटी शीबा (7), अरबाज (6), अजहर (3) व आठ माह का दिलशान है। पिता के शव के पास बड़े तीन बच्चे भी जाम में खड़े हुए थे और पिता की मौत पर रो रहे थे। मां मोदन और पत्नी खालिदा का भी रो-रो कर बुरा हाल था।
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गरीबों की नहीं, अमीरों की सुनती है पुलिस
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर शव के पास बैठी महिलाएं भी पुलिस को कोस रही थी। उनका कहना था कि पुलिस गरीबों के लिए काम नहीं करती है। पुलिस अमीर लोगों के लिए ही बनाई। उनके साथ अन्याय हुआ है, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
गर्मी से बिल बिलाए जाम में फंसे यात्री
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर यात्री एक घंटे तक जाम में फंसे रहे। बसों व अन्य वाहनों में सवार यात्री भीषण गर्मी में बिल बिला उठे। हाइवे पर दोनों तरफ कई-कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने रूट डायवर्ट कर दूसरे रास्तों से वाहनों को निकाला।
यह था मामला
बागपत। नौशाद ने बताया 26 मार्च 2018 को दिलशाद गांव में योगेश की दुकान पर कोल्ड ड्रिंक लेने गया । इसी समय दुकान पर बैठे समाज के 10-15 युवकों उसे मामूली बात को लेकर उसकी कहासुनी हो गई । इसी को लेकर युवकों ने तबल से उसके सिर पर वार कर घायल कर दिया । बचाव में आए पिता फतियाब, बहन रुखसाना, फरजाना और भाई नौशाद के साथ भी मारपीट की। इस मामले में उसने प्रवेश, पारुल, अंकित, राम कुमार, सुमित, लीलू, काला, मनीष, प्रताप समेत 13 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों से रिश्वत लेकर पीड़ित पक्ष के सात लोगों के खिलाफ क्रास केस दर्ज कराया । पीड़ित पक्ष के लोगों ने अपनी जमानत करा ली , लेकिन पुलिस ने एक भी आरोपी को आज तक गिरफ्तार नहीं किया। वे गांव में खुले घूम रहे हैं।
सुनी पड़ी थी गलियां, लोग दहशत में
बड़ौत। दिलशाद की मौत के बाद गांव की गलियां सुनी हो गई और कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं था। सभी लोग भयभीत हैं। देर शाम तक शव गांव नहीं पहुंचा।