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दारोगा ने ही टीम पर कराया था पथराव
Updated Wed, 11 Apr 2018 01:24 AM IST
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बागपत। महिला एवं बाल कल्याण की टीम ने डीएम, एसपी सहित आला अफसरों को पत्र लिखकर बड़ौत के एसआई पर लोगों को उकसाकर टीम पर हमला कराने का आरोप लगाया है। नाबालिग की शादी रुकवाने गए तो दरोगा ने फर्जी अभिलेख बताकर लड़की के माता-पिता और अन्य लोगों को मारपीट के लिए उत्तेजित कर दिया, जिस वजह से उनके ऊपर पथराव हुआ।
तीन दिन पहले बड़ौत महिला एवं बाल कल्याण की टीम सूचना पर नाबालिग की शादी रुकवाने के लिए पहुंची थी। जहां उन पर लड़की के परिवार वाले और अन्य लोगों ने हमला बोला। एक दरोगा पर लड़की के परिजन और अन्य लोगों को भड़काने का आरोप लगाया है। टीम ने डीएम और एसपी से दरोगा को सस्पेंड कराने की मांग की है। टीम ने पत्र के माध्यम से अफसरों को अवगत कराया कि तीन दिन पहले बड़ौत थाने के एसआई रईस उल हक खान को साथ लेकर नाबालिग की शादी रुकवाने के लिए पहुंचे थे। जब वह शादी रुकवा रहे थे तो इसी दौरान एसआई ने लड़की के परिजनों को कह दिया कि टीम के पास जो कागज है वह पूरी तरह से फर्जी है और न ही वह सरकारी कागज ले रही है। परिजनों के पास जो कागज हैं, वह सही है और यह टीम शादी में रुकावट पैदा करने आई, ताकि उनकी समाज मेें इज्जत खराब हो सके। इसी वजह से उनके ऊपर पथराव हुआ। मांग की कि उनकी 24 घंटे सुरक्षा के लिए एक महिला एसआई, दो महिला कांस्टेबल सशस्त्र के साथ तैनात किया जाए। जब तक उनको सुरक्षा नहीं मिलेगी, तब तक वह नाबालिग लड़की की शादी रुकवाने नहीं जाएगी। इसके अलावा सीडीओ, महिला एवं बाल कल्याण निदेशक, उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी मेरठ और 181 टीम लीडर जीवीके ईएमआरआई लखनऊ को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है।
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तीन दिन पहले बड़ौत महिला एवं बाल कल्याण की टीम सूचना पर नाबालिग की शादी रुकवाने के लिए पहुंची थी। जहां उन पर लड़की के परिवार वाले और अन्य लोगों ने हमला बोला। एक दरोगा पर लड़की के परिजन और अन्य लोगों को भड़काने का आरोप लगाया है। टीम ने डीएम और एसपी से दरोगा को सस्पेंड कराने की मांग की है। टीम ने पत्र के माध्यम से अफसरों को अवगत कराया कि तीन दिन पहले बड़ौत थाने के एसआई रईस उल हक खान को साथ लेकर नाबालिग की शादी रुकवाने के लिए पहुंचे थे। जब वह शादी रुकवा रहे थे तो इसी दौरान एसआई ने लड़की के परिजनों को कह दिया कि टीम के पास जो कागज है वह पूरी तरह से फर्जी है और न ही वह सरकारी कागज ले रही है। परिजनों के पास जो कागज हैं, वह सही है और यह टीम शादी में रुकावट पैदा करने आई, ताकि उनकी समाज मेें इज्जत खराब हो सके। इसी वजह से उनके ऊपर पथराव हुआ। मांग की कि उनकी 24 घंटे सुरक्षा के लिए एक महिला एसआई, दो महिला कांस्टेबल सशस्त्र के साथ तैनात किया जाए। जब तक उनको सुरक्षा नहीं मिलेगी, तब तक वह नाबालिग लड़की की शादी रुकवाने नहीं जाएगी। इसके अलावा सीडीओ, महिला एवं बाल कल्याण निदेशक, उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी मेरठ और 181 टीम लीडर जीवीके ईएमआरआई लखनऊ को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है।
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