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भूमि नहीं दिलाई तो 28 को सीएम आवास पर आत्मदाह
Updated Thu, 15 Feb 2018 01:20 AM IST
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दोघट (बागपत)। बामनौली गांव में चकबंदी में जमीन न मिलने से किसान परेशान हैं। किसान ने डीएम को प्रार्थना पत्र भेजकर चेतावनी दी कि यदि उसकी जमीन नहीं दिलाई 28 फरवरी को वह लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह कर लेेगा।
पीड़ित किसान रोहताश पुत्र जहान सिंह बामनौली गांव का रहने वाला है। वे आर्मी में सूबेदार पद से रिटायर्ड हैं। उन्होंने डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को भेजे पत्र में कहा गांव में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान पैमाइश का मामला लटका है। जबकि उसकी मूल जोत की भूमि पर दो वर्ष पहले ही दूसरे किसानों को कब्जा दिया जा चुका है, लेकिन उसे आज तक कोई जमीन नहीं दी गई है। वह दो साल से चकबंदी अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। अभी तक किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। एडीएम लोकपाल सिंह और एसओसी अजय उपाध्याय ने उसकी भूमि कागजों में दर्ज कराकर पैमाइश के आदेश दिए , लेकिन चकबंदी अधिकारियों ने अभी तक कोई पैमाइश नहीं की। इससे उसका पूरा परिवार भूखे मर रहा है। किसान ने कहा यदि उसे शीघ्र जमीन नहीं दिलाई गई तो 28 फरवरी को वह लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह कर लेगा। किसान ने बुधवार को बामनौली गांव में अपने आवास पर आग जलाकर अग्नि को साक्षी मानकर आत्मदाह करने की प्रतिज्ञा ली।
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पीड़ित किसान रोहताश पुत्र जहान सिंह बामनौली गांव का रहने वाला है। वे आर्मी में सूबेदार पद से रिटायर्ड हैं। उन्होंने डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को भेजे पत्र में कहा गांव में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान पैमाइश का मामला लटका है। जबकि उसकी मूल जोत की भूमि पर दो वर्ष पहले ही दूसरे किसानों को कब्जा दिया जा चुका है, लेकिन उसे आज तक कोई जमीन नहीं दी गई है। वह दो साल से चकबंदी अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। अभी तक किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। एडीएम लोकपाल सिंह और एसओसी अजय उपाध्याय ने उसकी भूमि कागजों में दर्ज कराकर पैमाइश के आदेश दिए , लेकिन चकबंदी अधिकारियों ने अभी तक कोई पैमाइश नहीं की। इससे उसका पूरा परिवार भूखे मर रहा है। किसान ने कहा यदि उसे शीघ्र जमीन नहीं दिलाई गई तो 28 फरवरी को वह लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह कर लेगा। किसान ने बुधवार को बामनौली गांव में अपने आवास पर आग जलाकर अग्नि को साक्षी मानकर आत्मदाह करने की प्रतिज्ञा ली।
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