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छपरौली ब्लाक प्रमुख के खिलाफ मुकदमा दर्ज
Updated Sat, 24 Jun 2017 01:24 AM IST
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छपरौली (बागपत)। ब्लाक प्रमुख निशा देवी पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है। इस बार उन पर नाम व जाति गलत दर्शाकर बीडीसी का चुनाव लड़ने का आरोप लगा है। इससे पहले उनके खिलाफ बड़ौत कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुआ था।
हलालपुर गांव के ब्रजपाल ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया था कि छपरौली ब्लाक में क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव 2015 में हुए थे। वार्ड नंबर 24 से क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए निशा पत्नी संजीव निवासी गांव लूंब ने नामांकन किया था। निशा ने अन्य पिछड़ा वर्ग की जाट जाति का प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से मनवाकर नामांकन प्रक्रिया में दाखिल किया था, जबकि निशा, जाट जाति से नहीं हैं। क्षेत्र के लोगों को यह जानकारी हुई कि निशा का वास्तविक नाम निशा न होकर हरविंद्र कौर पुत्री अवतार सिंह बेदी है। उस समय निशा को लगा कि उसके विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई होने वाली है तो उसने आठ अक्टूबर 2016 को देहरादून के एक समाचार पत्र में प्रकाशित कराया कि उसका नाम हरविंद्र कौर पुत्री अवतार सिंह बेटी था जो अब नाम बदलकर निशा देवी पत्नी संजीव हो गया है। उधर, ब्रजपाल का आरोप है कि निशा ने नाम बदलने की प्रक्रिया चुनाव के नामांकन प्रक्रिया के करीब एक साल बाद की है। निशा की जाति पंजाबी सिख है। उसने अपना नाम व जाति छिपाने व कूटरचित दस्तावेज के आधार पर बीडीसी का चुनाव लड़ा है। इसको अफसरों ने गंभीरता से लिया और आरोपी निशा देवी के खिलाफ छपरौली थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। उधर, थाना प्रभारी बृजेश कुमार कुशवाहा का कहना है कि केस की विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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हलालपुर गांव के ब्रजपाल ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया था कि छपरौली ब्लाक में क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव 2015 में हुए थे। वार्ड नंबर 24 से क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए निशा पत्नी संजीव निवासी गांव लूंब ने नामांकन किया था। निशा ने अन्य पिछड़ा वर्ग की जाट जाति का प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से मनवाकर नामांकन प्रक्रिया में दाखिल किया था, जबकि निशा, जाट जाति से नहीं हैं। क्षेत्र के लोगों को यह जानकारी हुई कि निशा का वास्तविक नाम निशा न होकर हरविंद्र कौर पुत्री अवतार सिंह बेदी है। उस समय निशा को लगा कि उसके विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई होने वाली है तो उसने आठ अक्टूबर 2016 को देहरादून के एक समाचार पत्र में प्रकाशित कराया कि उसका नाम हरविंद्र कौर पुत्री अवतार सिंह बेटी था जो अब नाम बदलकर निशा देवी पत्नी संजीव हो गया है। उधर, ब्रजपाल का आरोप है कि निशा ने नाम बदलने की प्रक्रिया चुनाव के नामांकन प्रक्रिया के करीब एक साल बाद की है। निशा की जाति पंजाबी सिख है। उसने अपना नाम व जाति छिपाने व कूटरचित दस्तावेज के आधार पर बीडीसी का चुनाव लड़ा है। इसको अफसरों ने गंभीरता से लिया और आरोपी निशा देवी के खिलाफ छपरौली थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। उधर, थाना प्रभारी बृजेश कुमार कुशवाहा का कहना है कि केस की विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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