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ककौर में 15 दिन से घूम रहा तेंदुआ, दो हिरनों का किया था शिकार
Updated Wed, 24 Oct 2018 12:57 AM IST
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छपरौली (बागपत)। ककौर गांव के ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ जंगल में पिछले 15 दिन से घूम रहा था। वन विभाग और पुलिस को शिकायत की, लेकिन अनदेखी की गई। दो हिरनों का शिकार भी तेंदुआ ने किया था। किसान खेत में पहुंचे तो उन्हें तेंदुआ खटके में फंसा मिला।
ककौर निवासी कृष्ण का कहना है कि वह सुबह खेत की सिंचाई करने गया । तेंदुआ खटके में फंसा मिला। यह तेंदुआ पिछले 15 दिन से क्षेत्र में घूम रहा है। सोमवार शाम को भी ग्रामीणों ने देखा। इस बीच किसी ने जंगल में खटका लगा दिया। इसमें यह फंस गया।
ग्रामीण वेद पाल सिंह का कहना है कि ग्रामीणों ने हिम्मत कर तेंदुआ को पकड़ने में सहयोग किया, लेकिन वन विभाग की टीम की लापरवाही रही। समय पर संसाधन लेकर नहीं पहुंची, जिस कारण मामला तेंदुआ की मौत तक पहुंच गया। जिस वक्त ग्रामीणों ने तेंदुआ को वन विभाग को सौंपा, उस वक्त वह ठीक था, लेकिन बड़ौत आते-आते उसकी मौत हो गई, इसकी जांच होनी चाहिए।
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ग्रामीण राजीव शर्मा का कहना है कि वन विभाग के स्टाफ की लापरवाही है। ग्रामीण अगर हिम्मत न दिखाते तो तेंदुआ हमला कर देता। ग्रामीणों ने ही जाल में फंसने के बाद कई घंटे तक तेंदुआ को संभालकर रखा। वन विभाग की टीम क्यों देरी से मौके पर पहुंची, इसकी जांच होनी चाहिए।
तेंदुआ देखने पहुंचे, बच्चे, बूढे़ और जवान
छपरौली। तेंदुआ जैसे ही खटके में फंसा मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। सिर्फ ककौर के ही नहीं बल्कि आसपास के गांव के लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। ग्रामीण और वनकर्मी तेंदुआ को जाल में दबाए बैठे थे, इस बीच गांव से बच्चे, बूढे़ और जवान पहुंचे। यही नहीं महिलाएं भी तेंदुए को देखने के लिए पहुंच गई।
सोशल मीडिया पर लाइव हुआ तेंदुआ
छपरौली। खटके में फंसा तेंदुआ दिनभर सोशल मीडिया पर लाइव होता रहा। खटके में छटपटाते तेंदुआ के फोटो वायरल हुए। व्हाट्स एप के जरिये फोटो एक-दूसरे को भेजे गए यही नहीं कुछ लोगों ने तेंदुआ के साथ फोटो भी खिंचवाए। सैकड़ों मोबाइल में तेंदुए के गुर्राते हुए वीडियो पहुंच गई। इसके बाद वन विभाग की टीम जाल लेकर पहुंची, जाल में लाठी डंडों से तेंदुआ को दबाए रखा गया, यहां भी फोटो खींचकर वायरल किए।
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ककौर निवासी कृष्ण का कहना है कि वह सुबह खेत की सिंचाई करने गया । तेंदुआ खटके में फंसा मिला। यह तेंदुआ पिछले 15 दिन से क्षेत्र में घूम रहा है। सोमवार शाम को भी ग्रामीणों ने देखा। इस बीच किसी ने जंगल में खटका लगा दिया। इसमें यह फंस गया।
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ग्रामीण वेद पाल सिंह का कहना है कि ग्रामीणों ने हिम्मत कर तेंदुआ को पकड़ने में सहयोग किया, लेकिन वन विभाग की टीम की लापरवाही रही। समय पर संसाधन लेकर नहीं पहुंची, जिस कारण मामला तेंदुआ की मौत तक पहुंच गया। जिस वक्त ग्रामीणों ने तेंदुआ को वन विभाग को सौंपा, उस वक्त वह ठीक था, लेकिन बड़ौत आते-आते उसकी मौत हो गई, इसकी जांच होनी चाहिए।
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ग्रामीण राजीव शर्मा का कहना है कि वन विभाग के स्टाफ की लापरवाही है। ग्रामीण अगर हिम्मत न दिखाते तो तेंदुआ हमला कर देता। ग्रामीणों ने ही जाल में फंसने के बाद कई घंटे तक तेंदुआ को संभालकर रखा। वन विभाग की टीम क्यों देरी से मौके पर पहुंची, इसकी जांच होनी चाहिए।
तेंदुआ देखने पहुंचे, बच्चे, बूढे़ और जवान
छपरौली। तेंदुआ जैसे ही खटके में फंसा मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। सिर्फ ककौर के ही नहीं बल्कि आसपास के गांव के लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। ग्रामीण और वनकर्मी तेंदुआ को जाल में दबाए बैठे थे, इस बीच गांव से बच्चे, बूढे़ और जवान पहुंचे। यही नहीं महिलाएं भी तेंदुए को देखने के लिए पहुंच गई।
सोशल मीडिया पर लाइव हुआ तेंदुआ
छपरौली। खटके में फंसा तेंदुआ दिनभर सोशल मीडिया पर लाइव होता रहा। खटके में छटपटाते तेंदुआ के फोटो वायरल हुए। व्हाट्स एप के जरिये फोटो एक-दूसरे को भेजे गए यही नहीं कुछ लोगों ने तेंदुआ के साथ फोटो भी खिंचवाए। सैकड़ों मोबाइल में तेंदुए के गुर्राते हुए वीडियो पहुंच गई। इसके बाद वन विभाग की टीम जाल लेकर पहुंची, जाल में लाठी डंडों से तेंदुआ को दबाए रखा गया, यहां भी फोटो खींचकर वायरल किए।