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बच्ची को घर से निकालने पर सीडब्ल्यूसी ने किया पिता को तलब
Updated Mon, 05 Mar 2018 12:44 AM IST
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पिलाना (बागपत)। सीडब्ल्यूसी ने सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के लुहारा गांव निवासी एक व्यक्ति को तलब किया । उसने पत्नी के साथ मारपीट कर मूक बधिर बच्ची को घर से निकाल दिया था।
सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के लुहारा गांव निवासी एक व्यक्ति की शादी बालैनी थाना क्षेत्र के अमीपुर बालैनी निवासी एक युवती से हुई । उनके यहां दो बेटियों ने जन्म लिया। इनमें से छह वर्षीय बेटी मूक बधिर है और एक छोटी बेटी साढ़े तीन साल की है। दंपति के बीच में आए दिन किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा होता है। इसका गलत प्रभाव बच्चों की परवरिश पर पड़ रहा है। होली से पहले दोनों पति-पत्नी के बीच झगड़ा हो गया । पत्नी ससुराल छोड़कर मायके आ गई। वह अपने साथ छोटी बेटी को लेकर आई और बड़ी बेटी को ससुराल में ही छोड़ दिया । पत्नी ने आरोप लगाया कि उसके पति ने मूक बधिर मासूम बच्ची को उसके पास ना पहुंचाकर घर से निकाल दिया। जो भटकती हुई बालैनी पुलिस को मिल गई। पुलिस ने बच्ची की मां का पता लगाकर उसे न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। न्यायपीठ के न्याय प्राधिकारी राजीव यादव, डॉ. कुलदीप त्यागी और मालती शर्मा ने मामले को गंभीरता से सुना। बच्ची की मां ने आरोप लगाया कि दोनों पति-पत्नी के बीच झगड़े का असर उसके बच्चों की परवरिश पर पड़ रहा है। आवश्यक कागजात देखने के बाद न्यायपीठ ने बच्ची को उसकी मां को सुपुर्दगी में दे दिया। परवरिश में लापरवाही बरतने के मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायपीठ ने उनके पिता को तलब किया है।
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सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के लुहारा गांव निवासी एक व्यक्ति की शादी बालैनी थाना क्षेत्र के अमीपुर बालैनी निवासी एक युवती से हुई । उनके यहां दो बेटियों ने जन्म लिया। इनमें से छह वर्षीय बेटी मूक बधिर है और एक छोटी बेटी साढ़े तीन साल की है। दंपति के बीच में आए दिन किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा होता है। इसका गलत प्रभाव बच्चों की परवरिश पर पड़ रहा है। होली से पहले दोनों पति-पत्नी के बीच झगड़ा हो गया । पत्नी ससुराल छोड़कर मायके आ गई। वह अपने साथ छोटी बेटी को लेकर आई और बड़ी बेटी को ससुराल में ही छोड़ दिया । पत्नी ने आरोप लगाया कि उसके पति ने मूक बधिर मासूम बच्ची को उसके पास ना पहुंचाकर घर से निकाल दिया। जो भटकती हुई बालैनी पुलिस को मिल गई। पुलिस ने बच्ची की मां का पता लगाकर उसे न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। न्यायपीठ के न्याय प्राधिकारी राजीव यादव, डॉ. कुलदीप त्यागी और मालती शर्मा ने मामले को गंभीरता से सुना। बच्ची की मां ने आरोप लगाया कि दोनों पति-पत्नी के बीच झगड़े का असर उसके बच्चों की परवरिश पर पड़ रहा है। आवश्यक कागजात देखने के बाद न्यायपीठ ने बच्ची को उसकी मां को सुपुर्दगी में दे दिया। परवरिश में लापरवाही बरतने के मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायपीठ ने उनके पिता को तलब किया है।
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