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राज बन गई कविता की मौत

Wed, 27 Dec 2017 01:13 AM IST
Updated Wed, 27 Dec 2017 01:13 AM IST
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राज बन गई कविता की मौत
बागपत। बड़ौत में जलती चिता से निकाली गई महिला कविता की मौत राज बन गई है। उसकी बहनों का कहना है कि भाइयों ने उसकी हत्या की है। जबकि पुलिस का कहना है कि उसने आत्महत्या की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। चिकित्सकों ने बिसरा सुरक्षित कर दिया है। जो जांच के लिए आगरा लैब में जाएगा। मृतक की बहनों ने पुलिस पर मुकदमा दर्ज करने में खेल करने का आरोप लगाया। पता चलने पर उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा किया। उनकी पुलिस से नोकझोंक हुई है।
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बड़ौत के बड़ौली रोड निवासी कविता की शादी वर्ष 20087 में गाजियाबाद के लोनी निवासी एक युवक के साथ हुई । उसका एक बेटी है। उसका अपने पति से विवाद हो गया था। वह अपने मां नत्थे के पास आई गई । मंगलवार को उसकी रहस्यमय ढंग से मौत हो गई। उसके भाइयों ने श्मशान घाट पर ले जाकर दाह संस्कार करने की कोशिश की । पता चलने पर उसकी बहन नत्थो और बहन कुसुम सुषमा और अन्य वहां पर पहुंच गई । उन्होंने बखेड़ा कर दिया और भाइयों पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए चिता से अपनी बहन के शव को निकाल लिया । पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर नत्थो की तहरीर पर उसके तीन बेटों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज हुआ। जैसे ही उनको पता चला कोतवाली में मुकदमा हत्या की धारा में नहीं आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में दर्ज हुआ। उन्होंने हंगामा कर दिया। उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। उनका कहना है कि पुलिस वालों ने मुकदमा में खेल किया है। उधर पुलिस सूत्रों की माने तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित कर दिया है। जो जांच के लिए आगरा लैब जाएगा। उधर बड़ौत कोतवाल हरेराम यादव का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
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