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जान से बेपरवाह युवक बेधड़क दौड़ा रहे हैं बाइक
Updated Sat, 24 Feb 2018 01:13 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
नगर की सड़कों पर दौड़ रहे दुपहिया वाहन चालक अपनी और बाइक पर बैठे अन्य लोगों की जान से बेपरवाह होकर तेजी गति से बाइक दौड़ा रहे हैं, पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
नगर की चाहे अति व्यस्त महावीर रोड की बात हो या फिर गांधी रोड और कोताना रोड की। सुबह की सूरज की किरणों के साथ ही नगर और आसपास गांव के नौजवान युवक एक साथ बाइक पर कई-कई बैठकर बाइकों को इधर से उधर इस तरह दौड़ते हैं, जैसे उनकी बाइक रेस चल रही हो। उन्हें न तो अपनी जान की चिंता है और न ही बाइक पर पीछे बैठे अन्य लोगों की। यही कारण है कि आए दिन बाइक सवारों के साथ दुघर्टनाओं की संख्या मेें बढ़ोत्तरी हो रही है। इसके बावजूद न तो पुलिस प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही प्रशासन। अमर उजाला द्वारा चलाएं जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को जब दिल्ली-सहारनपुर हाईवे सहित नगर की सड़कों की स्थिति देखी तो एक साथ स्थानों पर बाइकों पर तीन से चार लोग बैठे नजर आए। इतना ही नहीं अधिकांश बाइक सवार हेलमेट भी पहने हुए नहीं थे। लोगों को यह भी पता है कि जिंदगी अनमोल है, लेकिन सब कुछ जानने के बाद भी लोग अनजान बने हैं और आए दिन बाइक दुघर्टना मेें घायल और जान गवाह रहे हैं। शहर की सड़कों पर तैनात पुलिस कर्मी भी चुपचाप बाइक पर जा रहे लोगों को देख रहे हैं। कुछ पुलिस कर्मी बाइक सवारों को रोकते हैं और बाइक सवारों को समझाकर छोड़ देते हैं।
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नगर की सड़कों पर दौड़ रहे दुपहिया वाहन चालक अपनी और बाइक पर बैठे अन्य लोगों की जान से बेपरवाह होकर तेजी गति से बाइक दौड़ा रहे हैं, पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
नगर की चाहे अति व्यस्त महावीर रोड की बात हो या फिर गांधी रोड और कोताना रोड की। सुबह की सूरज की किरणों के साथ ही नगर और आसपास गांव के नौजवान युवक एक साथ बाइक पर कई-कई बैठकर बाइकों को इधर से उधर इस तरह दौड़ते हैं, जैसे उनकी बाइक रेस चल रही हो। उन्हें न तो अपनी जान की चिंता है और न ही बाइक पर पीछे बैठे अन्य लोगों की। यही कारण है कि आए दिन बाइक सवारों के साथ दुघर्टनाओं की संख्या मेें बढ़ोत्तरी हो रही है। इसके बावजूद न तो पुलिस प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही प्रशासन। अमर उजाला द्वारा चलाएं जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को जब दिल्ली-सहारनपुर हाईवे सहित नगर की सड़कों की स्थिति देखी तो एक साथ स्थानों पर बाइकों पर तीन से चार लोग बैठे नजर आए। इतना ही नहीं अधिकांश बाइक सवार हेलमेट भी पहने हुए नहीं थे। लोगों को यह भी पता है कि जिंदगी अनमोल है, लेकिन सब कुछ जानने के बाद भी लोग अनजान बने हैं और आए दिन बाइक दुघर्टना मेें घायल और जान गवाह रहे हैं। शहर की सड़कों पर तैनात पुलिस कर्मी भी चुपचाप बाइक पर जा रहे लोगों को देख रहे हैं। कुछ पुलिस कर्मी बाइक सवारों को रोकते हैं और बाइक सवारों को समझाकर छोड़ देते हैं।
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