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बजरंगी ने कहा तुमने मेरी सुपारी ली, राठी ने बरसा दी गोलियां
Updated Tue, 10 Jul 2018 01:24 AM IST
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बागपत। माफिया मुन्ना बजरंगी को हत्या की साजिश का तानाबाना पिछले एक साल से बुना जा रहा था। बजरंगी तक भी हर सूचना पहुंच रही थी। बागपत जेल में सुनील राठी से सामना होते ही बजरंगी ने कहा कि तुमने मेरी सुपारी ली है, लेकिन सुनील राठी ने पिस्टल निकाल ली और गोली चलना शुरू कर दी। खतरा भांपकर बजरंगी बैरक की तरफ दौड़ा, लेकिन रास्ते में ही दम तोड़ दिया। चंद कदम चलकर बजरंगी गिर पड़ा।
रविवार की रात में झांसी से बागपत जेल लाए गए माफिया मुन्ना बजरंगी को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया । इसके नजदीक की बैरक में सजायाफ्ता कुख्यात सुनील राठी भी बंद था। जेल की हर गतिविधि पर राठी की निगाह रहती है। इससे जाहिर है कि राठी को बजरंगी के आने की रात में ही भनक लग गई होगी। अपराध की दुनिया के दोनों डॉन का आमना-सामना सुबह करीब सवा छह बजे हुआ। बैरक से निकलकर बजरंगी निकट के ही पार्क में पहुंचा। इस बीच सुनील राठी भी पहुंच गया। बजरंगी के अधिवक्ता विकास श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि बजरंगी ने राठी से कहा कि तुमने मेरी सुपारी ले ली है। कुछ सेकेंड बाद ही राठी ने पिस्टल निकाल लिया। जेल में पिस्टल की किसी को कल्पना तक नहीं थी। इस पर बजरंगी अपनी बैरक की तरफ लपकने लगा। लेकिन सुनील राठी ने गोलियां चला दी। बजरंगी के छाती और सिर में लगी गोलियों की आवाज से जेल में हड़कंप मच गया, लेकिन तब तक बजरंगी ढेर हो चुका था।
साजिश का पहले से था अंदेशा
बागपत। बागपत कोर्ट में पेशी के लिए जैसे ही पुलिस ने तलबी भेजी तो बजरंगी के परिवार को साजिश का अंदेशा हो गया था। लखनऊ में बजरंगी की पत्नी सीमा ने पिछले माह पत्रकारों से बातचीत में साजिश और जान का खतरा बताया था। मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजा, सुरक्षा की गुहार लगाई, वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी की मांग रखी, कोर्ट में भी प्रार्थना पत्र दिया था। सीमा का कहना था कि पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होनी चाहिए।
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रविवार की रात में झांसी से बागपत जेल लाए गए माफिया मुन्ना बजरंगी को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया । इसके नजदीक की बैरक में सजायाफ्ता कुख्यात सुनील राठी भी बंद था। जेल की हर गतिविधि पर राठी की निगाह रहती है। इससे जाहिर है कि राठी को बजरंगी के आने की रात में ही भनक लग गई होगी। अपराध की दुनिया के दोनों डॉन का आमना-सामना सुबह करीब सवा छह बजे हुआ। बैरक से निकलकर बजरंगी निकट के ही पार्क में पहुंचा। इस बीच सुनील राठी भी पहुंच गया। बजरंगी के अधिवक्ता विकास श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि बजरंगी ने राठी से कहा कि तुमने मेरी सुपारी ले ली है। कुछ सेकेंड बाद ही राठी ने पिस्टल निकाल लिया। जेल में पिस्टल की किसी को कल्पना तक नहीं थी। इस पर बजरंगी अपनी बैरक की तरफ लपकने लगा। लेकिन सुनील राठी ने गोलियां चला दी। बजरंगी के छाती और सिर में लगी गोलियों की आवाज से जेल में हड़कंप मच गया, लेकिन तब तक बजरंगी ढेर हो चुका था।
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साजिश का पहले से था अंदेशा
बागपत। बागपत कोर्ट में पेशी के लिए जैसे ही पुलिस ने तलबी भेजी तो बजरंगी के परिवार को साजिश का अंदेशा हो गया था। लखनऊ में बजरंगी की पत्नी सीमा ने पिछले माह पत्रकारों से बातचीत में साजिश और जान का खतरा बताया था। मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजा, सुरक्षा की गुहार लगाई, वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी की मांग रखी, कोर्ट में भी प्रार्थना पत्र दिया था। सीमा का कहना था कि पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होनी चाहिए।
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