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बामनौली के किसानों ने एसपी दफ्तर घेरा
Updated Sun, 01 Jul 2018 01:00 AM IST
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बागपत।
बामनौली गांव में चकबंदी अधिकारियों और पुलिस के सामने किसानों के दो गुटों में हुई मारपीट के मामले में पुलिस द्वारा आरोपियों को थाने से जमानत पर छोड़ने के विरोध में किसानों ने एसपी दफ्तर पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने धाराएं बदलने का आरोप लगाया।
शनिवार को बामनौली गांव के काफी संख्या में किसान एसपी दफ्तर पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने एसपी को बताया कि गत बृहस्पतिवार को गांव के नाग बाबा मंदिर में लखनऊ से आए डीडीसी त्रिलोक सिंह समेत चकबंदी अधिकारी किसानों की समस्या सुनने के लिए पहुंचे। इसी दौरान चकों को लेकर किसानों के दो गुटों में मारपीट हो गई। इसमें एक गुट चकबंदी अधिकारी और पुलिस के सामने ही रिवाल्वर लहराते हुए मौके से फरार हो गया था। मारपीट में पूर्व प्रधान के बेटे समेत तीन घायल हुए थे। किसान सत्यवीर सिंह पुत्र उमराव सिंह की तहरीर पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में धारा 307 बनती थी, लेकिन पुलिस ने आरोपियों से साज खाकर धारा बदल दी। हल्की धाराएं लगाकर आरोपियों को थाने से ही जमानत पर छोड़ दिया। अब आरोपी पक्ष के लोग उन्हें मारने की धमकी दे रहे हैं। गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई और कभी भी खूनी संघर्ष हो सकता है। ग्रामीणों ने एसपी से दोघट थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी जयप्रकाश ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान पूर्व प्रधान महिपाल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, कुलबीर सिंह, सोनू कुमार, राममेहर सिंह, गुलवीर सिंह आदि रहे।
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बामनौली गांव में चकबंदी अधिकारियों और पुलिस के सामने किसानों के दो गुटों में हुई मारपीट के मामले में पुलिस द्वारा आरोपियों को थाने से जमानत पर छोड़ने के विरोध में किसानों ने एसपी दफ्तर पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने धाराएं बदलने का आरोप लगाया।
शनिवार को बामनौली गांव के काफी संख्या में किसान एसपी दफ्तर पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने एसपी को बताया कि गत बृहस्पतिवार को गांव के नाग बाबा मंदिर में लखनऊ से आए डीडीसी त्रिलोक सिंह समेत चकबंदी अधिकारी किसानों की समस्या सुनने के लिए पहुंचे। इसी दौरान चकों को लेकर किसानों के दो गुटों में मारपीट हो गई। इसमें एक गुट चकबंदी अधिकारी और पुलिस के सामने ही रिवाल्वर लहराते हुए मौके से फरार हो गया था। मारपीट में पूर्व प्रधान के बेटे समेत तीन घायल हुए थे। किसान सत्यवीर सिंह पुत्र उमराव सिंह की तहरीर पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में धारा 307 बनती थी, लेकिन पुलिस ने आरोपियों से साज खाकर धारा बदल दी। हल्की धाराएं लगाकर आरोपियों को थाने से ही जमानत पर छोड़ दिया। अब आरोपी पक्ष के लोग उन्हें मारने की धमकी दे रहे हैं। गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई और कभी भी खूनी संघर्ष हो सकता है। ग्रामीणों ने एसपी से दोघट थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी जयप्रकाश ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान पूर्व प्रधान महिपाल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, कुलबीर सिंह, सोनू कुमार, राममेहर सिंह, गुलवीर सिंह आदि रहे।
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