{"_id":"5c69b9a7bdec2273a0326273","slug":"111550432679-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बागपत जेल : 813 बंदी और 32 बंदीरक्षक","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बागपत जेल : 813 बंदी और 32 बंदीरक्षक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। जिला जेल बंदी रक्षकों की कमी से जूझ रही है। बागपत जेल में क्षमता से 153 बंदी हैं। 813 बंदियों की सुरक्षा का जिम्मा मात्र 32 बंदीरक्षकों के कंधों पर है। ऐसी स्थिति में जेल में बंद कुख्यात अपराधियों पर नियंत्रण करना बड़ा मुश्किल है। जेल प्रशासन की ओर से कई बार शासन को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
जिला कारागार में बंदी रक्षकों की भारी कमी है। जेल में इस समय 813 के लगभग बंदी हैं जबकि जेल में 660 बंदियों को रखने की ही क्षमता है। जेल की सुरक्षा की जिम्मेदारी मात्र 32 बंदीरक्षकों के जिम्मे है। जेल में आए दिन बंदियों के बीच झगड़े होते हैं। कई बार बंदी रक्षकों व बंदियों के बीच मारपीट भी हो चुकी है। ऐसी स्थिति में बंदी रक्षकों को अपनी जान बचाना भी मुश्किल हो जाता है। जेल प्रशासन ने कई बार अधिकारियों को इस समस्या से अवगत भी कराया, लेकिन बंदी रक्षकों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। बंदी रक्षकों ने भी कई बार डीएम को जेल के हालातों से अवगत कराया है। जेल में बंदी रक्षकों की संख्या 200 के लगभग होनी चाहिए, तब जाकर जेल के हालात सुधर सकते हैं।
बंदियों के सामने छोटी जेल की दीवारें
बागपत। जिला कारागार की दीवारें बंदियों के सामने छोटी हैं। जेल की दीवारों की ऊंचाई लगभग 12 से 14 फीट हैं, जिसका फायदा बंदियों को मिल रहा है। बंदियों के परिजन, साथी व अन्य लोग खेतों से जेल में नशे का सामान अंदर फेंक देते हैं। अंदर से बंदी बाहर सामान फेंकते हैं। जेल की दीवारों के आसपास कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
विज्ञापन
जेल में बजरंगी की हो चुकी है हत्या
बागपत। जिला जेल में नौ जुलाई 2018 को पूर्वांचल के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। कुख्यात सुनील राठी पर हत्या का आरोप लगा था। जेल के गटर से पिस्टल, दो मैगजीन व 22 कारतूस बरामद हुए हैं। फिलहाल राठी को तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया है।
जेल में नहीं लगा जैमर
बागपत। जिला जेल में जैमर तक नहीं है, जिसका फायदा बंदी उठाते है। जेल में बंदी स्मार्ट फोन का प्रयोग करते है। जेल से मोबाइल पर लोगों को धमकी देने के मामले सामने आते रहते हैं। यदि जेल में जैमर लगा दिया जाए तो मोबाइल नहीं चल सकेंगे।
जेल में क्षमता से अधिक है बंदी
बागपत। जेल अधीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि जेल में क्षमता से अधिक बंदी हैं। 32 बंदी रक्षक तैनात हैं। जेल में 660 बंदियों को रखने की क्षमता है, लेकिन इस समय 813 बंदी जेल में बंद हैं। शासन को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया जा चुका है।
विज्ञापन
जिला कारागार में बंदी रक्षकों की भारी कमी है। जेल में इस समय 813 के लगभग बंदी हैं जबकि जेल में 660 बंदियों को रखने की ही क्षमता है। जेल की सुरक्षा की जिम्मेदारी मात्र 32 बंदीरक्षकों के जिम्मे है। जेल में आए दिन बंदियों के बीच झगड़े होते हैं। कई बार बंदी रक्षकों व बंदियों के बीच मारपीट भी हो चुकी है। ऐसी स्थिति में बंदी रक्षकों को अपनी जान बचाना भी मुश्किल हो जाता है। जेल प्रशासन ने कई बार अधिकारियों को इस समस्या से अवगत भी कराया, लेकिन बंदी रक्षकों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। बंदी रक्षकों ने भी कई बार डीएम को जेल के हालातों से अवगत कराया है। जेल में बंदी रक्षकों की संख्या 200 के लगभग होनी चाहिए, तब जाकर जेल के हालात सुधर सकते हैं।
विज्ञापन
बंदियों के सामने छोटी जेल की दीवारें
बागपत। जिला कारागार की दीवारें बंदियों के सामने छोटी हैं। जेल की दीवारों की ऊंचाई लगभग 12 से 14 फीट हैं, जिसका फायदा बंदियों को मिल रहा है। बंदियों के परिजन, साथी व अन्य लोग खेतों से जेल में नशे का सामान अंदर फेंक देते हैं। अंदर से बंदी बाहर सामान फेंकते हैं। जेल की दीवारों के आसपास कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
विज्ञापन
जेल में बजरंगी की हो चुकी है हत्या
बागपत। जिला जेल में नौ जुलाई 2018 को पूर्वांचल के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। कुख्यात सुनील राठी पर हत्या का आरोप लगा था। जेल के गटर से पिस्टल, दो मैगजीन व 22 कारतूस बरामद हुए हैं। फिलहाल राठी को तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया है।
जेल में नहीं लगा जैमर
बागपत। जिला जेल में जैमर तक नहीं है, जिसका फायदा बंदी उठाते है। जेल में बंदी स्मार्ट फोन का प्रयोग करते है। जेल से मोबाइल पर लोगों को धमकी देने के मामले सामने आते रहते हैं। यदि जेल में जैमर लगा दिया जाए तो मोबाइल नहीं चल सकेंगे।
जेल में क्षमता से अधिक है बंदी
बागपत। जेल अधीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि जेल में क्षमता से अधिक बंदी हैं। 32 बंदी रक्षक तैनात हैं। जेल में 660 बंदियों को रखने की क्षमता है, लेकिन इस समय 813 बंदी जेल में बंद हैं। शासन को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया जा चुका है।