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नौकरी और ऋण दिलाने के नाम पर ठगे 6.35 लाख
Updated Sat, 02 Jun 2018 01:00 AM IST
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बागपत।
बैंक में नौकरी एवं ऋण दिलाने के नाम पर युवक और युवतियों से 6.35 लाख रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है आरोपी स्कूल संचालक से जब रुपये लौटाने को कहा तो वह मकान छोड़कर भाग गया। पीड़ित युवती ने एसपी से मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की।
नई बस्ती मुगलपुरा बागपत निवासी साइस्ता पुत्री अब्दुल रब ने एसपी को बताया कि पड़ोसी आबिद तीन वर्षा से पब्लिक स्कूल चलाता है। स्कूल में वह भी कार्य करती थी। आबिद उससे कहा कि सिंडिकेट बैंक टटीरी में तुम्हारी नौकरी लगवा दूंगा। नौकरी लगवाने के लिए 16 दिन पहले उसने आबिद को 2.50 लाख रुपये, अपने मूल प्रमाण पत्र दिए और लोन के लिए 35 हजार रुपये दिए। इतना ही नहीं, उसने अपने मोहल्ले के शादाब पुत्र इकराम फैजान पुत्र इंतजार, फरमान पुत्र इकबाल, इरफान पुत्र अहते श्याम, मोहम्मद बली पुत्र अब्दुल रब, भोलू पुत्र हनीफ, संजीदा पत्नी आमिर, कौशर त्यागी पुत्र नौशाद, रिजवान पुत्र इकरामू निवासी बागपत से भी ऋण दिलाने के लिए 35-35 हजार रुपये आबिद को दिलवाएं। 15 दिन बाद जब उन्होंने नौकरी और ऋण के बारे में आबिद से पूछा तो उसने गुमराह किया। 26 मई को रुपये लौटाने का वायदा किया। 27 मई को जब उसके घर रुपये लेने गए तो घर पर ताला लटका मिला। पड़ोसियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि वह तो एक दिन पहले ही घर का सारा सामान गाड़ी में लादकर कहीं चला गया है। उसकी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। उसने एसपी से मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। एसपी जयप्रकाश ने कोतवाली पुलिस को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दि।
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बैंक में नौकरी एवं ऋण दिलाने के नाम पर युवक और युवतियों से 6.35 लाख रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है आरोपी स्कूल संचालक से जब रुपये लौटाने को कहा तो वह मकान छोड़कर भाग गया। पीड़ित युवती ने एसपी से मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की।
नई बस्ती मुगलपुरा बागपत निवासी साइस्ता पुत्री अब्दुल रब ने एसपी को बताया कि पड़ोसी आबिद तीन वर्षा से पब्लिक स्कूल चलाता है। स्कूल में वह भी कार्य करती थी। आबिद उससे कहा कि सिंडिकेट बैंक टटीरी में तुम्हारी नौकरी लगवा दूंगा। नौकरी लगवाने के लिए 16 दिन पहले उसने आबिद को 2.50 लाख रुपये, अपने मूल प्रमाण पत्र दिए और लोन के लिए 35 हजार रुपये दिए। इतना ही नहीं, उसने अपने मोहल्ले के शादाब पुत्र इकराम फैजान पुत्र इंतजार, फरमान पुत्र इकबाल, इरफान पुत्र अहते श्याम, मोहम्मद बली पुत्र अब्दुल रब, भोलू पुत्र हनीफ, संजीदा पत्नी आमिर, कौशर त्यागी पुत्र नौशाद, रिजवान पुत्र इकरामू निवासी बागपत से भी ऋण दिलाने के लिए 35-35 हजार रुपये आबिद को दिलवाएं। 15 दिन बाद जब उन्होंने नौकरी और ऋण के बारे में आबिद से पूछा तो उसने गुमराह किया। 26 मई को रुपये लौटाने का वायदा किया। 27 मई को जब उसके घर रुपये लेने गए तो घर पर ताला लटका मिला। पड़ोसियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि वह तो एक दिन पहले ही घर का सारा सामान गाड़ी में लादकर कहीं चला गया है। उसकी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। उसने एसपी से मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। एसपी जयप्रकाश ने कोतवाली पुलिस को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दि।
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