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नौरोजपुर गुर्जर में मचा तेंदुए का शोर, ग्रामीणों ने जंगल घेरा
Updated Tue, 30 Oct 2018 12:55 AM IST
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बागपत। ककौर गांव में तेंदुए के पकड़े जाने और वन विभाग की सुपुर्दगी में मौत के बाद अब जिले के कई गांवों के लोगों में दहशत व्याप्त है। नौरोजपुर गुर्जर गांव में किसान ने खेत में जानवर के पंजे के निशान देखे। किसान ने दावा किया कि निशान तेंदुए के पंजे के हैं। किसान ने ग्रामीणों को जानकारी दी। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे और जंगल की घेराबंदी की। किसानों का कहना है कि पिंजरा लगाया जाना चाहिए। डीएफओ अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि जांच कराई जा रही है।
सोमवार को किसान जितेंद्र नैन खेत की सिंचाई करने के लिए गया । पानी की नाली में जानवर के पंजे के निशान देखे। किसान का कहना है कि निशान तेंदुए के पंजे के हैं, अन्य ग्रामीणों को मामले की जानकारी दी गई। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने जंगल का घेराव किया। वन विभाग को भी मामले की जानकारी दी। ग्रामीण महक सिंह, ओमपाल, डॉ संजीव कुमार, परवल नैन, तेज सिंह नैन, ओमप्रकाश प्रधान का कहना है कि गंाव में पिंजरा लगाया जाना चाहिए। तेंदुआ किसानों के लिए खतरा साबित हो सकता है।
ग्रामीणों को डरने की जरूरत नहीं : कुसारिया
बागपत। वन्य जीव विशेषज्ञ जीएस कुसारिया का कहना है कि ग्रामीणों को डरने की जरूरत नहीं है। पंजों के जो निशान मिले हैं, प्रथम दृष्टया वह तेंदुए के नहीं है। यह निशान अन्य जंगली जानवरों के हैं।
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वन विभाग की टीम करेगी जांच : डीएफओ
बागपत। डीएफओ अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि वन विभाग की टीम गांव पहुंचकर मामले की जांच करेगी।
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सोमवार को किसान जितेंद्र नैन खेत की सिंचाई करने के लिए गया । पानी की नाली में जानवर के पंजे के निशान देखे। किसान का कहना है कि निशान तेंदुए के पंजे के हैं, अन्य ग्रामीणों को मामले की जानकारी दी गई। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने जंगल का घेराव किया। वन विभाग को भी मामले की जानकारी दी। ग्रामीण महक सिंह, ओमपाल, डॉ संजीव कुमार, परवल नैन, तेज सिंह नैन, ओमप्रकाश प्रधान का कहना है कि गंाव में पिंजरा लगाया जाना चाहिए। तेंदुआ किसानों के लिए खतरा साबित हो सकता है।
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ग्रामीणों को डरने की जरूरत नहीं : कुसारिया
बागपत। वन्य जीव विशेषज्ञ जीएस कुसारिया का कहना है कि ग्रामीणों को डरने की जरूरत नहीं है। पंजों के जो निशान मिले हैं, प्रथम दृष्टया वह तेंदुए के नहीं है। यह निशान अन्य जंगली जानवरों के हैं।
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वन विभाग की टीम करेगी जांच : डीएफओ
बागपत। डीएफओ अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि वन विभाग की टीम गांव पहुंचकर मामले की जांच करेगी।