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Baghpat News: भटकते रहे फरियादी, मात्र आश्वासन देकर लौटाए

Sun, 04 Feb 2024 01:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Sun, 04 Feb 2024 01:25 AM IST
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Complainant seen wandering, returned only after giving assurance
बड़ौत तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की समस्या सुनते अधिकारी। संवाद
बागपत, बड़ौत। संपूर्ण समाधान दिवस में मात्र आश्वासन देकर फरियादियों को लौटाया जा रहा है। शनिवार को भी फरियादी इधर से उधर भटकते नजर आए। फरियादियों का आरोप है कि वे तीन से चार बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान कराए जाने के बजाय उन्हें आश्वासन देकर भेज दिया जाता है।
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शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह व एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने शिकायतें सुनीं। कुल 42 शिकायतें आईं, जिनमें से मौके पर पांच शिकायतों का निस्तारण हुआ। बाकी शिकायतों का निस्तारण कराए जाने के लिए डीएम ने आठ टीमों को मौके पर भेजा। साथ ही लंबित शिकायतों का समय अवधि में पारदर्शिता के साथ निस्तारण कराए जाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
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वहीं संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने थानाध्यक्षों व सीओ को क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाए जाने समेत क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम सुभाष सिंह, सीओ सविरत्न गौतम, ईओ अनुज कौशिक, एक्सईएन प्रथम दीपांशु सहाय समेत जनपद के अन्य आला अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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- केस नंबर एक : मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भटक रहा पीड़ित
ढिकाना गांव निवासी अरविंद ने बताया कि 23 नवंबर 2023 को पिता रणधीर की मृत्यु हो गई थी, कई बार संपूर्ण समाधान दिवस व ब्लाॅक पर प्रार्थना पत्र व समस्त कागजात देने के बाद भी मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बना। केवल आश्वासन देकर लौटाया जा रहा है।

- केस नंबर दो : रास्ते पर अवैध कब्जा, आने-जाने में होती है परेशानी
शाहजहांपुर निवासी नाजिम पुत्र लियाकत ने बताया कि मकान के पास से गुजर रहे रास्ते पर अवैध कब्जा कर रखा है, जिसे आने-जाने में दिक्कत हो रही है, लेकिन बार-बार शिकायत किए जाने के बाद भी न तो मौके पर लेखपाल पहुंचा और न ही संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देने के बाद कार्रवाई हुई।


वर्जन- ज्यादातर शिकायतें जमीनी विवादों से संबंधित आती हैं, जो पहले से ही न्यायालयों में विचाराधीन रहती हैं, फिर भी प्रयास रहता है कि शिकायत मिलते ही उसका निस्तारण हो। - सुभाष सिंह, एसडीएम बड़ौत
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