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मलकपुर चीनी मिल में किसानों का हंगामा

Fri, 07 Aug 2020 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2020 11:54 PM IST
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Commotion of farmers in Malkapur sugar mill
बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर मिल मालिक से मिलने गए थे किसान
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छह घंटे इंतजार के बाद भी नहीं मिलने देने पर फूटा किसानों का गुस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। मलकपुर चीनी मिल के मालिक उमेश मोदी के शुक्रवार को आने की सूचना पर सैकड़ों किसान बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर उसने मिलने पहुंच गए। आरोप है कि छह घंटे के लंबे इंतजार के बाद भी किसानों को मिल मालिक से नहीं मिलने दिया गया। इसके विरोध में किसानों ने जमकर हंगामा किया और मिल में तालाबंदी की भी कोशिश की। बाद में किसान आंदोलन तेज करने की चेतावनी देते हुए लौट गए।
शुक्रवार को मलकपुर, बड़ौत, लोयन, बावली, जौनमाना, ढ़िकाना सहित कई गांवों के किसानों को सूचना मिली कि मलकपुर चीनी मिल के मालिक उमेश मोदी निरीक्षण करने आए है। इस सूचना पर बलजोर और ब्रजपाल के साथ सैकड़ों किसान मिल पहुंच गए। गेट पर मिल कर्मचारियों ने उन्हें थोड़ा इंतजार करने के लिए कहा। आरोप है कि छह घंटे के इंतजार के बाद भी किसानों को मिल मालिक से नहीं मिलने दिया गय। मिल मालिक चुपचाप चले गए। इस सूचना पर किसानों का गुस्सा फूटा पड़ा और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि मलकपुर चीनी मिल पर 370 करोड़ रुपये बकाया गन्ना भुगतान है। बकाया गन्ना भुगतान न मिलने के कारण किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे है। किसान न तो बेटियों की शादी कर पा रहा है और न ही बच्चों को पढ़ा पा रहा है। ऊपर से विद्युत निगम व बैंक किसानों का शोषण कर रहे है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों की कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। उन्होंने तालाबंदी की भी कोशिश की। हालांकि बाद में किसान आंदोलन तेज करने की चेतावनी देते हुए लौटे गए। हंगामा करने वालों में विक्रम आर्य, ओमप्रकाश, पुष्पेन्द्र चौधरी, वीरेंद्र सिंह, डा कृपाल सिंह आदि शामिल रहे।
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उन्हें किसानों के आने की सूचना नहीं मिली थी। यदि किसान पहले सूचना कर देते तो उन्हेें मिल मालिक से मिलने दिया जाता। मिल बकाया गन्ना भुगतान धीरे-धीरे कर रही है। - विजय जैन, डीजीएम कामर्शियल।
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