Baghpat News: जनता वैदिक काॅलेज को विवि बनाने का प्रस्ताव भेजने को तैयार समिति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता वैदिक कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाए जाने की घोषणा की तो कॉलेज की प्रबंध समिति भी प्रस्ताव देने के लिए तैयार है। प्रबंध समिति जल्द ही साधारण सभा के 18 हजार सदस्यों की बैठक बुलाएगी। हालांकि प्रबंध समिति के पदाधिकारियों का यह भी कहना है कि पहले भी कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन शासन से उस पर असहमति जता दी गई थी।
उत्तर भारत के सबसे पुराने और नैक में ए ग्रेड हासिल कर चुके जनता वैदिक डिग्री कॉलेज की बड़ौत में वर्ष 1917 में स्थापना हुई थी। इस काॅलेज से पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जुड़ाव रहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यहां आए थे। यह कॉलेज मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध है।
यहां पर पहले कृषि की पढ़ाई करने के लिए जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, बिहार तक से छात्र आते थे। सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह, यूजीसी के पूर्व चेयरमैन प्रो. वेदप्रकाश, विधायक स्वामी ओमवेश सहित अन्य कई चर्चित चेहरे यहां से शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं।
पहले प्रस्ताव हुआ अस्वीकार, अब दोबारा भेजने को तैयार
जनता वैदिक कालेज की प्रबंध समिति के अध्यक्ष वीरेंद्रपाल सिंह लोहड्डा का कहना है कि प्रबंध समिति ने पहले भी कॉलेज को डीम्ड विश्वविद्यालय या केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा था। लेकिन मई 2023 में शासन का एक पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें काॅलेज को विश्वविद्यालय बनाए जाने का कोई औचित्य नहीं होने की बात कहते हुए प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया गया।
अब मुख्यमंत्री के कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने की बात कही है तो उनका आभार प्रकट करते हैं और दोबारा प्रस्ताव भेजेंगे। लेकिन इसके लिए साधारण सभा की बैठक बुलाई जानी अनिवार्य है, जिसके लगभग 18 हजार आजीवन सदस्य दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में हैं। उन सभी को बुलाकर प्रस्ताव प्रेषित कर दिया जाएगा।
हम विश्वविद्यालय बनवाने के लिए तैयार
जनता वैदिक काॅलेज की प्रबंध समिति के मंत्री योगेंद्र सिंह सोलंकी कहते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्णय का स्वागत करते हैं। हम काॅलेज को विश्वविद्यालय बनवाने के लिए तैयार हैं और इसका प्रस्ताव भी दोबारा भेज दिया जाएगा। पहले केंद्रीय विश्वविद्यालय संबंधी प्रस्ताव प्रबंध समिति ने भेजा था।
छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और क्षेत्र की जनता की मांग के अनुसार काॅलेज समिति अपनी तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ेगी। लेकिन इसे महिला विश्वविद्यालय बनाया जाता तो ज्यादा बेहतर होगा, क्योंकि यहां महिला विश्वविद्यालय नहीं है।
विशेष सचिव ने प्रस्ताव को औचित्यहीन बताया था
दोघट कस्बा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता मांगेराम आर्य ने 10 दिसंबर 2022 व 31 जनवरी 2023 को शासन को पत्र भेजकर जनता वैदिक कॉलेज को डीम्ड कृषि विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाए जाने की मांग की थी।
पत्र के जवाब में विशेष सचिव उप्र अजय कुमार द्विवेदी ने पत्र भेजकर बताया था कि प्रदेश में चार राजकीय कृषि विश्वविद्यालय कानपुर, अयोध्या, मेरठ व बांदा स्थापित हैं। वर्ष 2018 में आजमगढ़ कृषि विश्वविद्यालय व लखीमपुर खीरी में कृषि विश्वविद्यालय में पाठ-पाठन शुरू करा दिया है।
गोंडा में कृषि महाविद्यालय निर्माणाधीन है। कुशीनगर में नवीन कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया जारी है। प्रयागराज में एक निजी क्षेत्र में कृषि विश्वविद्यालय स्थापित है। ऐसे में जनता वैदिक डिग्री कॉलेज को डीम्ड कृषि विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाए जाने एवं डीम्ड यूनिवर्सिटी के स्थान पर सरकारी कृषि विश्वविद्यालय बनाने का कोई औचित्य नहीं है।
समिति का फैसला सराहनीय, अब सीएम खुद दिलाएंगे मंजूरी
सांसद डाॅ. सत्यपाल सिंह के अनुसार वह काफी समय से जनता वैदिक काॅलेज को विश्वविद्यालय बनवाने का प्रयास कर रहे हैं। इसकी मांग सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने रखी गई थी तो उन्होंने काॅलेज को विश्वविद्यालय बनाने का वादा कर दिया। समिति ने प्रस्ताव जल्द भेजने का फैसला लिया है तो वह काफी सराहनीय है। अब किसी तरह की अड़चन नहीं है, अगर सभी मानक पूरे हैं तो सीएम खुद इसको मंजूरी दिलाएंगे।