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विपक्ष पर सियासी तीर चलाएंगे सीएम योगी
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विपक्ष पर सियासी तीर चलाएंगे सीएम योगी
बागपत। रमाला चीनी मिल का सबसे पहले विस्तारीकरण कर भाजपा ने किसानों की नब्ज पकड़ने की कोशिश की है। पहले विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा का ग्राफ इस क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है। आज सीएम यहां आकर फिर से विपक्ष पर हमलावर होंगे।
पिछले कुछ चुनावी नतीजों को देखें तो रालोद हाशिए पर खिसक चुकी है। 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में रालोद सिर्फ छपरौली तक सिमटकर रह गई। 2014 के लोकसभा चुनाव में रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह खुद भाजपा से हार गए और 2019 में उनके पुत्र जयंत चौधरी को शिकस्त मिली। रालोद के छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला भी भाजपा में शामिल हो गए। बागपत की राजनीति कितना मायने रखती है, यह इससे पता चलता है कि गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने किसान राजनीति के केंद्र छपरौली क्षेत्र की रमाला चीनी मिल का ही चयन किया। दो साल पहले चौधरी चरण सिंह की जयंती पर रमाला पहुंचकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने ही विस्तारीकरण का एलान किया था। आज वे फिर से रमाला आएंगे और कांग्रेस, बसपा व सपा पर सियासी तीर भी चलाएंगे।
सभी जर्जर मिलों का ब्लू प्रिंट तैयार: सुरेश राणा
गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि प्रत्येक जर्जर मिल का ब्लू प्रिंट तैयार है। रमाला का चुनाव सबसे पहले किया, क्योंकि यहां के किसान सबसे ज्यादा परेशान थे। सबसे आखिर तक इस मिल का पेराई सत्र चलता था।
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43 गांवों और तीन जिलों को लाभ
रमाला मिल के विस्तारीकरण से बागपत के अलावा शामली और मुजफ्फरनगर के किसानों को भी लाभ होगा। फिलहाल 43 गांवों के किसान यहां गन्ना आपूर्ति करेंगे।
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बागपत। रमाला चीनी मिल का सबसे पहले विस्तारीकरण कर भाजपा ने किसानों की नब्ज पकड़ने की कोशिश की है। पहले विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा का ग्राफ इस क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है। आज सीएम यहां आकर फिर से विपक्ष पर हमलावर होंगे।
पिछले कुछ चुनावी नतीजों को देखें तो रालोद हाशिए पर खिसक चुकी है। 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में रालोद सिर्फ छपरौली तक सिमटकर रह गई। 2014 के लोकसभा चुनाव में रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह खुद भाजपा से हार गए और 2019 में उनके पुत्र जयंत चौधरी को शिकस्त मिली। रालोद के छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला भी भाजपा में शामिल हो गए। बागपत की राजनीति कितना मायने रखती है, यह इससे पता चलता है कि गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने किसान राजनीति के केंद्र छपरौली क्षेत्र की रमाला चीनी मिल का ही चयन किया। दो साल पहले चौधरी चरण सिंह की जयंती पर रमाला पहुंचकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने ही विस्तारीकरण का एलान किया था। आज वे फिर से रमाला आएंगे और कांग्रेस, बसपा व सपा पर सियासी तीर भी चलाएंगे।
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सभी जर्जर मिलों का ब्लू प्रिंट तैयार: सुरेश राणा
गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि प्रत्येक जर्जर मिल का ब्लू प्रिंट तैयार है। रमाला का चुनाव सबसे पहले किया, क्योंकि यहां के किसान सबसे ज्यादा परेशान थे। सबसे आखिर तक इस मिल का पेराई सत्र चलता था।
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43 गांवों और तीन जिलों को लाभ
रमाला मिल के विस्तारीकरण से बागपत के अलावा शामली और मुजफ्फरनगर के किसानों को भी लाभ होगा। फिलहाल 43 गांवों के किसान यहां गन्ना आपूर्ति करेंगे।