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अच्छाई और बुराई के बीच में चुनाव : सहेंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला, छपरौली
Updated Sat, 28 Jan 2017 01:44 AM IST
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छपरौली में जनसंपर्क के दौरान लोगों से आशीर्वाद लेते सहेंद्र सिंह रमाला।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
रालोद प्रत्याशी सहेंद्र सिंह रमाला ने कहा छपरौली की धरती क्रांतिकारी धरती है। यहां के किसान-मजदूर भूख बर्दाश्त कर सकते हैं, लेकिन अपमान कभी सहन नहीं कर सकते हैं। क्षेत्र की जनता विकास चाहती है।
गांव गैडबरा में किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा जब स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह ने अपना संघर्ष आरंभ किया तब, छपरौली की जनता ने उनको आगे बढ़ाया। क्षेत्र के किसान और कमेरे वर्ग ने उनको प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया। विस चुनाव अच्छाई और बुराई के बीच का चुनाव है।
इसलिए सब लोग बिना दूसरे के बहकावे में आए रालोद के हाथ मजबूत करें। रालोद की जीत ही किसान और मजदूर और कमेरे वर्ग की जीत होगी। यूपी जनता बदलाव चाहती है। कई सरकारों ने विकास के नाम पर यहां कुछ नहीं किया है। उन्होंने दाहा, निरपुडा, गढी, नंगला कनवाड़ा गांव में संपर्क किया। सोमपाल राठी चेयरमैन, पप्पल राणा, विक्रम प्रधान गैडबरा, विकास प्रधान आदि उनके साथ थे।
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गांव गैडबरा में किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा जब स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह ने अपना संघर्ष आरंभ किया तब, छपरौली की जनता ने उनको आगे बढ़ाया। क्षेत्र के किसान और कमेरे वर्ग ने उनको प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया। विस चुनाव अच्छाई और बुराई के बीच का चुनाव है।
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इसलिए सब लोग बिना दूसरे के बहकावे में आए रालोद के हाथ मजबूत करें। रालोद की जीत ही किसान और मजदूर और कमेरे वर्ग की जीत होगी। यूपी जनता बदलाव चाहती है। कई सरकारों ने विकास के नाम पर यहां कुछ नहीं किया है। उन्होंने दाहा, निरपुडा, गढी, नंगला कनवाड़ा गांव में संपर्क किया। सोमपाल राठी चेयरमैन, पप्पल राणा, विक्रम प्रधान गैडबरा, विकास प्रधान आदि उनके साथ थे।
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