{"_id":"5e9f252c8ebc3e90ae67ae75","slug":"children-in-the-fields-with-parents-how-to-study-online-baghpat-news-mrt4785894181","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां-बाप के साथ खेतों में बच्चे, कैसे होगी ऑनलाइन पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां-बाप के साथ खेतों में बच्चे, कैसे होगी ऑनलाइन पढ़ाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत। कोरोना वायरस के चलते बेसिक विभाग की ऑनलाइन क्लास परवान नहीं चढ़ पा रही है। विभाग ने ऑनलाइन क्लास तो शुरू कर दी है, लेकिन आंकड़ों के अनुसार 60 फीसदी यानी 5400 अभिभावकों व बच्चों के पास एंड्रोइड फोन तक नहीं है। जिन 40 फीसदी बच्चों को ऑनलाइन क्लास से जोड़ा गया है, उनमें से भी मात्र करीबन 15 फीसदी ही बच्चे क्लास ले पा रहे है। परिषदीय स्कूलों के अधिकतर बच्चे मां-बाप के साथ इन दिनों खेतों में व्यस्त हैं।
नगरीय क्षेत्र में 13 व ग्रामीण क्षेत्र में 88 प्राइमरी व 33 जूनियर विद्यालय है। जिनमें कुल दस हजार बच्चे पंजीकृत है। आंकड़ों के अनुसार करीबन 60 फीसदी अभिभावकों व बच्चों के पास एंड्रोइड फोन तक नहीं है। बचे 40 फीसदी बच्चे तो उन्हें ऑनलाइन क्लास से जोड़ा गया है, लेकिन इन 40 फीसदी बच्चों में से भी मात्र 15 फीसदी ही बच्चे ऑनलाइन क्लास कर पा रहे है।
क्या कहते है शिक्षाधिकारी---
बड़ौत। एबीएसए विनोद वर्मा का कहना है कि प्रत्येक बच्चों को ऑनलाइन क्लास कराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन करीबन 60 फीसदी अभिभावकों व बच्चों के पास बड़ा फोन नहीं है। क्योंकि अधिकांश अभिभावक गरीब तबके से है। वहीं बहुत से अभिभावकों की शिकायत रहती है कि दुकानें बंद होने के कारण मोबाइल का इंटरनेट खत्म है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगरीय क्षेत्र में 13 व ग्रामीण क्षेत्र में 88 प्राइमरी व 33 जूनियर विद्यालय है। जिनमें कुल दस हजार बच्चे पंजीकृत है। आंकड़ों के अनुसार करीबन 60 फीसदी अभिभावकों व बच्चों के पास एंड्रोइड फोन तक नहीं है। बचे 40 फीसदी बच्चे तो उन्हें ऑनलाइन क्लास से जोड़ा गया है, लेकिन इन 40 फीसदी बच्चों में से भी मात्र 15 फीसदी ही बच्चे ऑनलाइन क्लास कर पा रहे है।
विज्ञापन
क्या कहते है शिक्षाधिकारी---
बड़ौत। एबीएसए विनोद वर्मा का कहना है कि प्रत्येक बच्चों को ऑनलाइन क्लास कराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन करीबन 60 फीसदी अभिभावकों व बच्चों के पास बड़ा फोन नहीं है। क्योंकि अधिकांश अभिभावक गरीब तबके से है। वहीं बहुत से अभिभावकों की शिकायत रहती है कि दुकानें बंद होने के कारण मोबाइल का इंटरनेट खत्म है।
विज्ञापन