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सीडीओ ने रखी बात, नहीं माने ग्राम सचिव
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बागपत विकास भवन में धरना-प्रदर्शन करते ग्राम विकास अधिकारी व सफाई कर्मचारी
- फोटो : BAGHPAT
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- सीडीओ से घंटों तक वार्ता में डीपीआरओ व लिपिक को निलंबित करने की जिद पर अड़े रहे ग्राम सचिव
- सीडीओ ने जांच कराने के लिए एक महीने का समय मांगा तो सचिवों ने धरना खत्म करने से इंकार किया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी समन्वय समिति के आह्वान पर सचिवों का बुधवार को कार्य बहिष्कार व धरना जारी रहा। ग्राम सचिवों को मनाने के लिए सीडीओ ने उनके साथ वार्ता की। सीडीओ ने जांच के लिए एक माह का समय मांगा तो सचिवों ने डीपीआरओ व लिपिक को सस्पेंड करने की मांग रखी। इससे बात नहीं बनने पर ग्राम सचिवों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया।
ग्राम सचिवों ने मंगलवार से कार्य बहिष्कार करके विकास भवन में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया हुआ है, जो बुधवार को भी जारी रहा। ग्राम सचिवों ने डीपीआरओ व लिपिक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि जब तक इन दोनों को निलंबित नहीं किया जाता है, तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। सीडीओ रणजीत सिंह ने विवाद सुलझाकर धरना खत्म कराने के लिए ग्राम सचिवों से घंटों तक वार्ता की। सीडीओ ने कहा कि डीपीआरओ व लिपिक के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी और इसके लिए एक महीने का समय चाहिए। उस जांच में जिस तरह की बात सामने आएगी, उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि इसके लिए वह तैयार नहीं है और वह डीपीआरओ व लिपिक को तुरंत निलंबित करने की मांग कर रहे है। इस कारण ही सीडीओ व ग्राम सचिवों के बीच वार्ता में कोई फैसला नहीं हो सका और ग्राम सचिवों ने आंदोलन जारी रखने की बात कही। ग्राम सचिवों के धरने के बीच नगर पालिका बड़ौत के चेयरमैन अमित राणा भी पहुंचे और कहा कि यह मामला पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह के पास तक पहुंच गया है। इसमें जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानों ने समर्थन का पत्र भेजा
ग्राम सचिवों का समर्थन करने के लिए जिला विकास भवन में राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने प्रधानों को बुलाया था। सभागार में बैठक के दौरान प्रधान आपस में भिड़ गए थे और संगठन में दो फाड़ हो गई थी।अधिकतर ग्राम प्रधानों ने सचिवों का समर्थन करने से इंकार कर दिया था और संगठन का विरोध करते हुए अपना अलग संगठन बनाने की बात कही थी। इसके बाद बुधवार को राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष सूबेदार प्रताप सिंह ने ग्राम सचिवों को समर्थन करने का अपना पत्र भेजा। वहीं प्रधानों को बृहस्पतिवार को विकास भवन में धरने पर बुलाने के लिए ग्राम सचिव कई प्रधान के पास पहुंचे और उनकी मान मनौव्वल की गई।
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- सीडीओ ने जांच कराने के लिए एक महीने का समय मांगा तो सचिवों ने धरना खत्म करने से इंकार किया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी समन्वय समिति के आह्वान पर सचिवों का बुधवार को कार्य बहिष्कार व धरना जारी रहा। ग्राम सचिवों को मनाने के लिए सीडीओ ने उनके साथ वार्ता की। सीडीओ ने जांच के लिए एक माह का समय मांगा तो सचिवों ने डीपीआरओ व लिपिक को सस्पेंड करने की मांग रखी। इससे बात नहीं बनने पर ग्राम सचिवों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया।
ग्राम सचिवों ने मंगलवार से कार्य बहिष्कार करके विकास भवन में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया हुआ है, जो बुधवार को भी जारी रहा। ग्राम सचिवों ने डीपीआरओ व लिपिक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि जब तक इन दोनों को निलंबित नहीं किया जाता है, तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। सीडीओ रणजीत सिंह ने विवाद सुलझाकर धरना खत्म कराने के लिए ग्राम सचिवों से घंटों तक वार्ता की। सीडीओ ने कहा कि डीपीआरओ व लिपिक के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी और इसके लिए एक महीने का समय चाहिए। उस जांच में जिस तरह की बात सामने आएगी, उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि इसके लिए वह तैयार नहीं है और वह डीपीआरओ व लिपिक को तुरंत निलंबित करने की मांग कर रहे है। इस कारण ही सीडीओ व ग्राम सचिवों के बीच वार्ता में कोई फैसला नहीं हो सका और ग्राम सचिवों ने आंदोलन जारी रखने की बात कही। ग्राम सचिवों के धरने के बीच नगर पालिका बड़ौत के चेयरमैन अमित राणा भी पहुंचे और कहा कि यह मामला पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह के पास तक पहुंच गया है। इसमें जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
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प्रधानों ने समर्थन का पत्र भेजा
ग्राम सचिवों का समर्थन करने के लिए जिला विकास भवन में राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने प्रधानों को बुलाया था। सभागार में बैठक के दौरान प्रधान आपस में भिड़ गए थे और संगठन में दो फाड़ हो गई थी।अधिकतर ग्राम प्रधानों ने सचिवों का समर्थन करने से इंकार कर दिया था और संगठन का विरोध करते हुए अपना अलग संगठन बनाने की बात कही थी। इसके बाद बुधवार को राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष सूबेदार प्रताप सिंह ने ग्राम सचिवों को समर्थन करने का अपना पत्र भेजा। वहीं प्रधानों को बृहस्पतिवार को विकास भवन में धरने पर बुलाने के लिए ग्राम सचिव कई प्रधान के पास पहुंचे और उनकी मान मनौव्वल की गई।
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