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चूहों से निपटने के लिए चलेगा अभियान
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बागपत। किसानों की फसलों और लोगों को गंभीर बीमारी से बचाने के लिए कृषि विभाग की ओर से अभियान चलाकर लोगों को चूहे मारने की जानकारी दी जाएगी। विभाग के कर्मचारी गांवों में ग्रामीणों को चूहे मारने के तरीके बताए जाएंगे।
जिला कृषि अधिकारी डॉ सूर्य प्रताप सिंह ने चूहे फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ गंभीर बीमारी फैलने की संभावना रहती है। लोगों को जागरूक करने के लिए एक से 31 जुलाई तक जिले में विशेष अभियान चलाया जाएगा। विभागीय कर्मचारी गांवों में गोष्ठी चूहों को लालच में फंसाकर मारने के बारे में जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि पहले दिन बिलों को चिह्नित कर अगले दो दिन सरसों के तेल में भुने हुए चने के दाने चूहों के बिलों पर रखे जाएंगे। चौथे दिन जिंक फास्फाइड 80 प्रतिशत की एक ग्राम मात्रा एक ग्राम सरसों का तेल और भुने चने के दाने से बनाया गया चारा चूहों बिलों में रखेंगे। जहर को खाकर चूहे खाकर मरने के बाद पांचवें दिन मृत चूहे को मिट्टी में दाब दिया जाएगा।
इन बीमारियों का रहता खतरा
- चूहों से लेप्टोस्पाइरोसिस जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा रहता है। बीमारी होने पर तेज बुखार के साथ ठंड लगती है और मांसपेशियों, सिर दर्द, उल्टी, पीलिया, डायरिया और आंखें लाल होना वायरस की पहचान है। इसके अलावा चूहों से वेल डिसीज, वारटोनोलोसिम, रेट टेपवर्म और प्लेग रोग जैसे गंभीर रोग होने का खतरा रहता है।
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जिला कृषि अधिकारी डॉ सूर्य प्रताप सिंह ने चूहे फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ गंभीर बीमारी फैलने की संभावना रहती है। लोगों को जागरूक करने के लिए एक से 31 जुलाई तक जिले में विशेष अभियान चलाया जाएगा। विभागीय कर्मचारी गांवों में गोष्ठी चूहों को लालच में फंसाकर मारने के बारे में जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि पहले दिन बिलों को चिह्नित कर अगले दो दिन सरसों के तेल में भुने हुए चने के दाने चूहों के बिलों पर रखे जाएंगे। चौथे दिन जिंक फास्फाइड 80 प्रतिशत की एक ग्राम मात्रा एक ग्राम सरसों का तेल और भुने चने के दाने से बनाया गया चारा चूहों बिलों में रखेंगे। जहर को खाकर चूहे खाकर मरने के बाद पांचवें दिन मृत चूहे को मिट्टी में दाब दिया जाएगा।
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इन बीमारियों का रहता खतरा
- चूहों से लेप्टोस्पाइरोसिस जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा रहता है। बीमारी होने पर तेज बुखार के साथ ठंड लगती है और मांसपेशियों, सिर दर्द, उल्टी, पीलिया, डायरिया और आंखें लाल होना वायरस की पहचान है। इसके अलावा चूहों से वेल डिसीज, वारटोनोलोसिम, रेट टेपवर्म और प्लेग रोग जैसे गंभीर रोग होने का खतरा रहता है।
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