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बे-कीमत हुई गोभी और एक रुपये किलो में बिक रही मूली-शलजम
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बालैनी के सैडभर गांव स्थित खेत में शलजम व मूली की फसल दिखाता किसान सोनू
- फोटो : BAGHPAT
- पहले कोरोना संक्रमण और अब किसान आंदोलन के कारण सब्जी किसानों को झटका
- गोभी को मंडी से वापस लाकर पशुओं को खिला रहे हैं सब्जी किसान
अमर उजाला ब्यूरो
बालैनी (बागपत)। कोरोना और किसान आंदोलन से सब्जी किसानों को जोर का झटका लगा है। मंडी में गोभी बे-कीमत हो गई है। भाव नहीं मिलने से किसान फसल को वापस लाकर पशुओं को खिला रहे हैं। मूली और शलजम मंडी में एक रुपये प्रति किलो खरीदी जा रही है। लाचार किसान लुटने को मजबूर है। मंडी में किसान से एक रुपये प्रति किलो खरीदकर बाजार में छह से आठ रुपये प्रति किलो में बेची जा रही है।
सैड़भर गांव के किसान सोनू ने 22 बीघा जमीन में सब्जियां उगाई है। पहले कोरोना संक्रमण के कारण दिल्ली सप्लाई बंद हुई, अब किसान आंदोलन के चलते गाड़ी वाले आवागमन से बच रहे हैं। किसान ने बड़ौत की नवीन मंडी और अमीनगर सराय में सप्लाई शुरू कर दी। उसका कहना है कि मूली का दाम कभी एक तो कभी दो रुपये किलो मिल रहा है। गोभी और शलजम की कोई कीमत नहीं है। मेथी, पालक, धनिया का दाम भी एक से लेकर तीन रुपये प्रति किलो तक ही मिल रहा है। किसानों से सस्ते दाम लेकर बाजार में इन सब्जियों को छह से दस रुपये प्रति किलो बेचा जाता है।
सैड़भर के किसान किसान साबूदीन ने आठ बीघा गोभी की फसल लगाई थी, लेकिन दीपावली के बाद से भाव पटरी पर नहीं लौटा। वर्तमान में मंडी में गोभी का कोई खरीदार नहीं है। किसान का कहना है कि वह कई बार वापस लाकर पशुओं को खिला चुके हैं।
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किसान राजकुमार का कहना है कि सब्जियों का उठान नहीं है। इसकी वजह यह है कि बाजार में अधिक सब्जी पहुंच रही है, जिससे भाव गिर गया है। किसान शाबिर और जावेद का कहना है कि पिछले साल के सापेक्ष इस बार घाटा रहा है।
ग्राहकों तक छह से दस रुपये किलो का भाव
बागपत। मंडी मेें भले ही सब्जियों के दाम गिर गए हो और किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, लेकिन ग्राहकों तक सब्जियां छह से दस रुपये प्रति किलो में पहुंच रही है। मूली का भाव छह से आठ रुपये प्रति किलो है। शलजम का दाम गिरकर भी पांच रुपये प्रति किलो है।
दिल्ली सप्लाई बंद, जिले में बढ़ी सब्जियां
बागपत। कोरोना और किसान आंदोलन के चलते गाड़ी मालिक दिल्ली जाने से परहेज कर रहे हैं। जिस कारण किसानों को स्थानीय मंडी में ही सब्जियां बेचनी पड़ रही है। सब्जियां अधिक बढ़ जाने से भाव और अधिक गिर गया है।
इसलिए घट रहे दाम
बागपत। बड़ौत सब्जी मंडी के आढ़ती अमित कश्यप का कहना है कि स्थानीय फसल बाजार में अधिक आ गई है। इस बार दिल्ली भी सप्लाई किसान नहीं कर रहे हैं। किसान खेतों को जल्दी खाली करने के लिए अधिक फसल लाते हैं, जिससे दाम पर भी असर पड़ता है। मोटी मूली की कीमत कम हो गई है, इस मूली को ग्राहक भी खरीदना पसंद नहीं करते।
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- गोभी को मंडी से वापस लाकर पशुओं को खिला रहे हैं सब्जी किसान
अमर उजाला ब्यूरो
बालैनी (बागपत)। कोरोना और किसान आंदोलन से सब्जी किसानों को जोर का झटका लगा है। मंडी में गोभी बे-कीमत हो गई है। भाव नहीं मिलने से किसान फसल को वापस लाकर पशुओं को खिला रहे हैं। मूली और शलजम मंडी में एक रुपये प्रति किलो खरीदी जा रही है। लाचार किसान लुटने को मजबूर है। मंडी में किसान से एक रुपये प्रति किलो खरीदकर बाजार में छह से आठ रुपये प्रति किलो में बेची जा रही है।
सैड़भर गांव के किसान सोनू ने 22 बीघा जमीन में सब्जियां उगाई है। पहले कोरोना संक्रमण के कारण दिल्ली सप्लाई बंद हुई, अब किसान आंदोलन के चलते गाड़ी वाले आवागमन से बच रहे हैं। किसान ने बड़ौत की नवीन मंडी और अमीनगर सराय में सप्लाई शुरू कर दी। उसका कहना है कि मूली का दाम कभी एक तो कभी दो रुपये किलो मिल रहा है। गोभी और शलजम की कोई कीमत नहीं है। मेथी, पालक, धनिया का दाम भी एक से लेकर तीन रुपये प्रति किलो तक ही मिल रहा है। किसानों से सस्ते दाम लेकर बाजार में इन सब्जियों को छह से दस रुपये प्रति किलो बेचा जाता है।
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सैड़भर के किसान किसान साबूदीन ने आठ बीघा गोभी की फसल लगाई थी, लेकिन दीपावली के बाद से भाव पटरी पर नहीं लौटा। वर्तमान में मंडी में गोभी का कोई खरीदार नहीं है। किसान का कहना है कि वह कई बार वापस लाकर पशुओं को खिला चुके हैं।
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किसान राजकुमार का कहना है कि सब्जियों का उठान नहीं है। इसकी वजह यह है कि बाजार में अधिक सब्जी पहुंच रही है, जिससे भाव गिर गया है। किसान शाबिर और जावेद का कहना है कि पिछले साल के सापेक्ष इस बार घाटा रहा है।
ग्राहकों तक छह से दस रुपये किलो का भाव
बागपत। मंडी मेें भले ही सब्जियों के दाम गिर गए हो और किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, लेकिन ग्राहकों तक सब्जियां छह से दस रुपये प्रति किलो में पहुंच रही है। मूली का भाव छह से आठ रुपये प्रति किलो है। शलजम का दाम गिरकर भी पांच रुपये प्रति किलो है।
दिल्ली सप्लाई बंद, जिले में बढ़ी सब्जियां
बागपत। कोरोना और किसान आंदोलन के चलते गाड़ी मालिक दिल्ली जाने से परहेज कर रहे हैं। जिस कारण किसानों को स्थानीय मंडी में ही सब्जियां बेचनी पड़ रही है। सब्जियां अधिक बढ़ जाने से भाव और अधिक गिर गया है।
इसलिए घट रहे दाम
बागपत। बड़ौत सब्जी मंडी के आढ़ती अमित कश्यप का कहना है कि स्थानीय फसल बाजार में अधिक आ गई है। इस बार दिल्ली भी सप्लाई किसान नहीं कर रहे हैं। किसान खेतों को जल्दी खाली करने के लिए अधिक फसल लाते हैं, जिससे दाम पर भी असर पड़ता है। मोटी मूली की कीमत कम हो गई है, इस मूली को ग्राहक भी खरीदना पसंद नहीं करते।