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दिल का दौरा पड़ने से भाइयों की मौत, अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे अपने
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अमीनगर सराय (बागपत)। कस्बा अमीनगर सराय में एक परिवार के दो भाइयों की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। दो दिन में एक घर ही में दो मौत हुई, लेकिन लॉकडाउन से बेबसी ऐसी कि रिश्तेदार भी शामिल नहीं हो सके। कस्बे में गम का माहौल है।
अमीनगर सराय के रामजस हलवाई के छह बेटे और एक बेटी हैं। उनका दूसरे नंबर का बेटा महेश (48) नगर में चाट का ठेला लगाता था। बृहस्पतिवार सुबह शौचालय में महेश के सीने में दर्द हुआ और वह वहीं जमीन पर गिर पड़ा। परिजनों ने उसे बालैनी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। शाम को परिजनों ने युवक का अंतिम संस्कार कर दिया था। इस गम को परिवार के लोग भूल भी नहीं पाए थे कि शुक्रवार सुबह महेश के छोटे भाई मुकेश (46) की भी हृदय गति रुकनेे से मौत हो गई। रामजस ने बताया कि मुकेश को एक साल पहले ब्रेन अटैक आने से लकवा हो गया था। वह बड़े भाई की मौत का सदमा सहन नहीं कर पाया और शुक्रवार की सुबह हृदय गति रुकने से उसकी मौत हो गई। दो दिन में घर में दो बेटों की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। लॉकडाउन के कारण रिश्तेदार भी गम में शामिल नहीं हो सके।
खेत में किसान की मौत, पांच लोग ही गए श्मशान घाट
बालैनी। बुढ़सैनी गांव निवासी किसान कालू (60) शुक्रवार को अपने खेत में गया था। दोपहर तक वह घर नहीं लौटा। इस पर उसका पौत्र गौरव तलाश करने के लिए खेत में गया। किसान एक खेत में मृत पड़ा मिला। परिजनों ने बिना चिकित्सक को दिखा उसका अंतिम संस्कार कर दिया। सिर्फ पांच लोग ही अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
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अमीनगर सराय के रामजस हलवाई के छह बेटे और एक बेटी हैं। उनका दूसरे नंबर का बेटा महेश (48) नगर में चाट का ठेला लगाता था। बृहस्पतिवार सुबह शौचालय में महेश के सीने में दर्द हुआ और वह वहीं जमीन पर गिर पड़ा। परिजनों ने उसे बालैनी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। शाम को परिजनों ने युवक का अंतिम संस्कार कर दिया था। इस गम को परिवार के लोग भूल भी नहीं पाए थे कि शुक्रवार सुबह महेश के छोटे भाई मुकेश (46) की भी हृदय गति रुकनेे से मौत हो गई। रामजस ने बताया कि मुकेश को एक साल पहले ब्रेन अटैक आने से लकवा हो गया था। वह बड़े भाई की मौत का सदमा सहन नहीं कर पाया और शुक्रवार की सुबह हृदय गति रुकने से उसकी मौत हो गई। दो दिन में घर में दो बेटों की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। लॉकडाउन के कारण रिश्तेदार भी गम में शामिल नहीं हो सके।
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खेत में किसान की मौत, पांच लोग ही गए श्मशान घाट
बालैनी। बुढ़सैनी गांव निवासी किसान कालू (60) शुक्रवार को अपने खेत में गया था। दोपहर तक वह घर नहीं लौटा। इस पर उसका पौत्र गौरव तलाश करने के लिए खेत में गया। किसान एक खेत में मृत पड़ा मिला। परिजनों ने बिना चिकित्सक को दिखा उसका अंतिम संस्कार कर दिया। सिर्फ पांच लोग ही अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
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