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सरकारी स्कूलों में बुक क्लब तैयार, बच्चे बनेंगे होनहार
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बड़ौत तहसील क्षेत्र में बनकर तैयार है 136 बुक क्लब
बच्चे ही संभालेंगे बुक क्लब की कमान, प्रत्येक कक्षा के चार छात्र किए जाएंगे शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। पुस्तकालय की महत्ता को पुन: स्थापित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के आदेशों के बाद प्रत्येक प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूलों में बुक क्लब का गठन कर दिया गया है। तहसील क्षेत्र में 136 बुक क्लब (पुस्तकालय) बनकर तैयार है। खास बात यह है कि बुक क्लब में बच्चें ही सारी व्यवस्था करेंगे।
एक समय था जब पुस्तकालय किसी नगर व शहर की पहचान हुआ करती थी। समय बदलने के बाद पुस्तकालय की महत्ता घटती चली गई। मगर, बेसिक शिक्षा विभाग ने पुस्तकालय को महत्वपूर्ण संसाधन मानते हुए निर्देश दिए है कि स्कूल के एक कक्ष को पुस्तकालय के रूप में विकसित किया जाए। कक्ष उपलब्ध न हो तो प्रत्येक कक्ष में ही रीडिंग कॉर्नर की स्थापना की जाए। प्रधानाध्यापक एक शिक्षक को पुस्तकालय प्रभारी बनाएंगे।
प्रत्येक कक्षा के चार बच्चे होंगे चयनित
बड़ौत। प्रत्येक कक्षा के चार छात्रों को चयनित कर बुक क्लब का गठन किया जाएगा। इसमें दो छात्र और दो छात्राएं होंगी। यह बुक क्लब ही अपने हम उम्र साथियों को बुक पढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। छात्रों को घर के लिए भी पुस्तक दी जाएगी, जो एक सप्ताह बाद वापस देनी होगी।
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प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी
बड़ौत। पुस्तकालय प्रभारी अध्यापक प्रार्थना सभा में पुस्तकों को स्वच्छता के साथ रखने के नियम बताएंगे। सप्ताह में प्रत्येक कक्षा के कम से कम दो क्लास अनिवार्य रूप से रखने होंगे। हसनपुर जिवानी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक हरवेंद्र ने बताया कि पुस्तक पढ़ने के बाद साप्ताहिक या मासिक प्रतियोगिताएं भी विद्यालय स्तर पर आयोजित की जाएगी। जिसमें पढ़ी गई पुस्तकों पर नाटक का मंचन, कहानी वाचन करना व स्टोरी राइटिंग आदि अनेक गतिविधियां आयोजित की जाएगी।
बेसिक शिक्षा के महानिदेशक के आदेशानुसार प्रत्येक विद्यालय में रीडिंग कॉर्नर व इसके उपयोग के प्रति शिक्षकों को जागरूक किया जा रहा है। मैं स्वयं भी अपने निरीक्षण में पुस्तकालय देख रहा हूं। जहां पुस्तकालय क्रियाशील नहीं है, वहां पुस्तकालय क्रियाशील कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं। - विनोद वर्मा, एबीएसए।
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बच्चे ही संभालेंगे बुक क्लब की कमान, प्रत्येक कक्षा के चार छात्र किए जाएंगे शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। पुस्तकालय की महत्ता को पुन: स्थापित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के आदेशों के बाद प्रत्येक प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूलों में बुक क्लब का गठन कर दिया गया है। तहसील क्षेत्र में 136 बुक क्लब (पुस्तकालय) बनकर तैयार है। खास बात यह है कि बुक क्लब में बच्चें ही सारी व्यवस्था करेंगे।
एक समय था जब पुस्तकालय किसी नगर व शहर की पहचान हुआ करती थी। समय बदलने के बाद पुस्तकालय की महत्ता घटती चली गई। मगर, बेसिक शिक्षा विभाग ने पुस्तकालय को महत्वपूर्ण संसाधन मानते हुए निर्देश दिए है कि स्कूल के एक कक्ष को पुस्तकालय के रूप में विकसित किया जाए। कक्ष उपलब्ध न हो तो प्रत्येक कक्ष में ही रीडिंग कॉर्नर की स्थापना की जाए। प्रधानाध्यापक एक शिक्षक को पुस्तकालय प्रभारी बनाएंगे।
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प्रत्येक कक्षा के चार बच्चे होंगे चयनित
बड़ौत। प्रत्येक कक्षा के चार छात्रों को चयनित कर बुक क्लब का गठन किया जाएगा। इसमें दो छात्र और दो छात्राएं होंगी। यह बुक क्लब ही अपने हम उम्र साथियों को बुक पढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। छात्रों को घर के लिए भी पुस्तक दी जाएगी, जो एक सप्ताह बाद वापस देनी होगी।
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प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी
बड़ौत। पुस्तकालय प्रभारी अध्यापक प्रार्थना सभा में पुस्तकों को स्वच्छता के साथ रखने के नियम बताएंगे। सप्ताह में प्रत्येक कक्षा के कम से कम दो क्लास अनिवार्य रूप से रखने होंगे। हसनपुर जिवानी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक हरवेंद्र ने बताया कि पुस्तक पढ़ने के बाद साप्ताहिक या मासिक प्रतियोगिताएं भी विद्यालय स्तर पर आयोजित की जाएगी। जिसमें पढ़ी गई पुस्तकों पर नाटक का मंचन, कहानी वाचन करना व स्टोरी राइटिंग आदि अनेक गतिविधियां आयोजित की जाएगी।
बेसिक शिक्षा के महानिदेशक के आदेशानुसार प्रत्येक विद्यालय में रीडिंग कॉर्नर व इसके उपयोग के प्रति शिक्षकों को जागरूक किया जा रहा है। मैं स्वयं भी अपने निरीक्षण में पुस्तकालय देख रहा हूं। जहां पुस्तकालय क्रियाशील नहीं है, वहां पुस्तकालय क्रियाशील कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं। - विनोद वर्मा, एबीएसए।